💽HDD क्या है, इसके कार्य, प्रकार, फीचर्स (सभी कुछ)

आज आप इस आर्टिकल Hard Disk से संबधित ज्ञानवर्धक जानकारी को हासिल करेंगे। जैसे की आप जानेंगे Hard Disk क्या है? इसका परिभाषा, Hard Disk के प्रकार, तथा Hard Disk कैसे काम करता है? साथ में Hard Disk के क्या-क्या फीचर होते है? फिर आप Hard Disk के लाभ है और Hard Disk के क्या-क्या हानियाँ है?, तथा अंत में जानेंगे पॉपुलर कंपनियों के नाम Hard Disk बनाती है।

HDD kya hai

Hard Disk सभी के लैपटॉप तथा कंप्यूटर में इन्सटॉल रहता है। यह कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है। सबसे कीमती चीज लोगो का पर्सनल तथा प्रोफेशनल डाटा है, जिसे सभी सिक्योर तरह से स्टोर करना चाहते है। Hard Disk का मुख्य काम डाटा को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में स्टोर करना होता है। 

ऐसे में लगभग सभी एक अच्छा रिलाएबल स्टोरेज डिवाइस लेना चाहते है। इसका डाटा स्टोरेज कैपेसिटी इतना तो जरूर होना चाहिए की लोगों की जरूरतें से सम्बंधित सभी डाटा को स्टोर किया जा सके। ऐसे में सस्ते यानी कम कीमत में Hard Disk Drive (HDD) खरीदना हमारे लिए एक बेस्ट ऑप्शन है। 

HDD को 1957 से कमर्सिअली रूप से इश्तेमाल करना शुरू कर दिया गया, जब IBM कंपनी दुवारा 350 मॉडल Disk Storage का प्रोडक्शन शुरू हुवा। यह Hard Disk IBM 305 RAMAC सिस्टम के साथ प्रयोग किया जाता था। इस तरह IBM RAMAC को आमतौर पर डिस्क Drive के लिए मौलिक पेटेंट माना जाता है। 

यह एक Fun फैक्ट है, की शुरू में Disk Storage का Diameter (व्यास) 24 इंच था, लेकिन टेक्नॉलजी और  समय के साथ इसे घटाकर आज के समय में 3.5 इंच और 2.5 इंच के स्टैंडर्ड आकार में कर दिया गया है। आइये अब समझते है, Hard Disk क्या है?


HDD (Hard Disk Drive) क्या है? (परिभाषा)

Hard Disk या Hard Disk Drive कंप्यूटर का एक हार्डवेयर डिवाइस होता है। इसे मेमोरी स्टोरेज डिवाइस भी कहा जाता है। इसका मुख्य कार्य: यह डाटा को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में स्टोर करके रखता है, तथा इसे सेकेंडरी मैमोरी स्टोरेज डिवाइस के रूप में इश्तेमाल किया जाता है। 

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यह नॉन-वोलेटाइल प्रकार का स्टोरेज डिवाइस होता है। Non Volatile का मतलब है, यह है, की इसमें स्टोर की गयी डाटा कंप्यूटर में पावर ऑफ होने बावजूद भी सुरक्षित रहते है, और पुनः पावर ऑन होने के बाद वापस प्राप्त हो जाते है। होस्ट से कम्यूनिकेट करने के लिए HDD में SATA, SAS, PATA इत्यादि कम्युनिकेशन पोर्ट दिया जाता है। PATA कम्युनिकेशन पोर्ट केवल पुराने ज़माने के कंप्यूटर में दिया जाता  था, लेकिन यह पोर्ट नहीं मिलता है। यह AHCI प्रोटोकॉल का इश्तेमाल करता है। 

HDD में एक Platter यानी एक रोटेटिंग Disk लगा होता है, जो नॉन-मैग्नेटिक मटेरियल का बना होता है, लेकिन इसके ऊपर Magnetic मटेरियल की एक पतली परत चढ़ाया रहता है। यह आप भी जानते है, की कंप्यूटर में दर्ज की गयी सभी जानकारियां डिजिटल फॉर्म में होता है। जिसे बाइनरी कोड (01001) कहते है।

ये जानकारियाँ डिजिटल इलेक्र्टिक सिग्नल के फॉर्म में HDD तक आता है, जँहा पर इन सिग्नल को मैग्नेटिक फॉर्म में प्लैटर में मौजूद अलग-अलग सेक्टर में दर्ज कर लिया जाता है। ध्यान दीजिए यंहा सिर्फ 1 कोड को +ve दर्ज किया जाता  है, तथा 0 को छोड़ दिया जाता है। इसका डिटेल में वर्किंग आगे समझेंगे। 


Hard Disk Drive के पार्ट्स

hdd ke parts

Platter: यह एक गोलाकार डिस्क के आकर होता है, जो ज्यादातर एल्युमीनियम, सिरेमिक, ग्लास इत्यादि मटेरिअल का बना होता है। इसके ऊपर मैग्नेटिक कोटिंग की जाती है। इसमें अलग-अलग कई सारे Circular Track बने होते है, जँहा फिर एक ट्रैक के अंदर कई सेक्टर बने होते है। इसी में डाटा को दर्ज किया जाता है। 

Spindle: यह प्लैटर का एक एक्सिस होता है, जो इसे एक खाश जगह पर रखता है तथा प्लाटर को ब्रश लेस्स मोटर के दुवारा घूमता है। 

Head: इसपर छोटे-छोटे दो मैग्नेटिक ट्रान्सडूसर लगे होते है, जो डाटा को पढ़ने और लिखने यानी (Write) करने  काम में आते है। 

Arm: यह एक लीवर के तरह कार्य करता है, जो actuator दुवारा पावर मिलने पर प्लैटर के ऊपर चरों तरफ आगे-पीछे करते रहते है, ताकि इसके हेड के ऊपर लगा मैग्नेटिक ट्रान्सडूसर किसी भी सेक्टर में उपस्थित डाटा को Read/ Write कर सके। 

Arm Axis: यह एक Fixed Movable Point होता है, जो   Arm को बिना अपनी जगह छोड़े आसानी इधर-उधर घूमता है मतलब यह Arm का केंद्र बिंदु है। 

Magnetic Actuator: यह Copper Coil का बना होता है, जो इलेक्ट्रिक पावर को मैकेनिकल पावर में कन्वर्ट करता है। इलेक्ट्रिकल पावर मिलने के आधार पर यह इधर-उधर आर्म को घूमता रहता है। 

IDE Connector: इसका पूरा नाम Integrated Drive Electronics होता है, जिसे मदर बोर्ड पर उपस्थित IDE Port से कनेक्ट किया जाता है। 

Power Connector: इसमें कंप्यूटर की पावर सप्लाई यूनिट यानी SMPS से निकली HDD के लिए आउटपुट पावर केबल को कनेक्ट किया जाता है। 

PCB: इसका पूरा नाम Printed Circuit Board होता है, इसपर कंट्रोलर तथा अन्य चिप उपस्थित रहते है। 


HDD कैसे काम करता है? 

  1. यदि किसी डाटा को HDD में दर्ज करना है, तो सबसे पहले प्रोसेसर हमारे द्वारा दी गयी इनपुट डाटा को बाइनरी फॉर्म में कन्वर्ट करता है। ये बाइनरी फॉर्म Octa, Deca या Hexadecimal में से किसी एक के लिए हो सकता है। उदहारण लिए ‘A’ यह एक हेक्सा डेसीमल नो. है, तथा इसका बाइनरी फॉर्म 1010 होता है। 
  2. अब यह डाटा इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल या फिर इम्पल्स के फॉर्म में IDE Port के दुवारा आता है, जिसे HDD उपस्थित कंट्रोलर दुवारा रिसीव किया जाता है। 
  3. कंट्रोलर इस डाटा को अपनी समझ के अनुसार Actuator को एल्क्ट्रिक सिग्नल भेजते है, जिससे Actuator हरकत  आगे पीछे करने लगता है। 
  4. यँहा Actuator दरअसल उस अड्रेस को ढूंढता है, जिस अड्रेस पर उसे भेजी गयी डाटा को स्टोर करना है। 
  5. अब जैसे ही Actuator कन्फर्म हो जाता है, की डाटा को मान लीजिए xxxx अड्रेस पर दर्ज करना है, तो फिर Actuator, Head पर उपस्थित ट्रान्सडूसर  मैसेज देगा की 1010 को xxxx अड्रेस पर स्टोर करना है। एक बात जान लीजिए की कंप्यूटर भी डाटा किसी न किसी लोकेशन पर दर्ज होते है, अर्थात सभी डाटा का अपना खाश पता (Address) होता है। 
  6. उसके बाद ट्रान्सडूसर और Actuator एक सम्बन्ध में मिलकर 1010 डाटा के लिए सेक्टर में उपस्थित छोटे-छोटे Iron Nails को Magnetize करते है। यँहा Binary Data में उपस्थित 1 के लिए, +Ve मैग्नेटिक Field का छाप छोड़ दिया जाता है। 
  7. अब यदि आप 1010 को कंप्यूटर स्क्रीन पर पढ़ना चाहोगे तो वापिस से Read Head दुवारा मैग्नेटिक Field को स्कैन कर लिया जाता है, और सभी प्रोसेस विपरीत दुहराते हुए, Processor के पास भेज दिया जाता है। 

Hard Disk के प्रकार

निचे अलग-अलग Hard Disk के प्रकार के बारे में बताया गया है। 

  1. PATA HDD : इसका पूरा नाम Parallel Advanced Technology Attachment होता है। यह पुराने कंप्यूटर में उपस्थित मदर बोर्ड के लिए इश्तेमाल किया जाता था। उदहारण के लिए Pentium 4, Pentium 5 इत्यादि। PATA HDD मदर बोर्ड में PATA Ribbon Cable केबल द्वारा उपस्थित IDE पोर्ट में जोड़ा जाता है। इसका सबसे लेटेस्ट जनरेशन का डाटा ट्रांसफर स्पीड 100 से 133 MB/s तक होता है। PATA Ribbon केबल में 40 Pins होते है। 
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  1. SATA HDD: इसका पूरा नाम Serial Advanced Technology Attachment होता है। यह PATA HDD का Updated Next Generation टेक्नोलॉजी का HDD है। यह वर्तमान (लगभग 2006-2021) में उपस्थिति मदर बोर्ड के लिए इश्तेमाल किया जाता है। हालाँकि अब नयें जनरेशन के लैपटॉप में SSD HDD का इश्तेमाल होना शुरू हो गया है, इसके बारे हम आगे जानेंगे। 

SATA HDD, AHCI प्रोटोकॉल का इश्तेमाल करता है तथा यह SATA LAN का इश्तेमाल करता है। इसका इंटरफ़ेस भी SATA होता है। AHCI का पूरा नाम Advanced Host Controller Interface है। SATA HDD का सबसे कॉमन साइज 2.5 Inch होता है, जो लगभग सभी कंप्यूटर तथा लैपटॉप  मिल जाता है। इसका रोटेशन स्पीड 4800 RPM, 5400 RPM, 7200 RPM इत्यादि तक का होता है। जितना अधिक RPM होता है, उतना ही डाटा ट्रांसफर स्पीड अधिक होता है। 

  1. SSD: इसका पूरा नाम Solid State drive होता है। 

यह HDT यानि Hard Drive Technology के दुनिया में सबसे लेटेस्ट एडवांस है। यह Non-volatile flash Memory से मिलकर बना होता है। जिससे इसका डाटा ट्रांसफर स्पीड सभी प्रकार के Hard Disk के तुलना में ज्यादा होता है। SATA3 SSD का Data Transfer Speed 600MB/s तक होता है। यह डाटा को परमानेंट रूप से स्टोर करने के लिए DRAM Cache का इश्तेमाल करता है। हालाँकि SSD के भी कई प्रकार है। जैसे:

  1. SATA SSD
  2. M.2 SATA SSD
  3. mSATA SSD
  4. M.2 PCIe SSD
  5. M.2 NVMe SSD इत्यादि। 

इनके बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए इस आर्टिकल को पढ़ सकते है। SSD ऊपर दिए गए Hard Disk के तुलना में हल्का और छोटा होता है, तथा यह देखने में किसी RAM के तरह दीखता है। 

  1. SCSI HDD: इसका पूरा नाम Small Computer System Interface होता है। इसका साइज ऊपर दिए गए सभी Hard Disk के तुलना में छोटा होता है। इसीलिए इसका इश्तेमाल खासतौर पर छोटे लैपटॉप तथा कॉम्पैक्ट सिस्टम, टेबलेट में किया जाता है। लेकिन इसके स्पीड के आधार पर इसका ज़्यदातर इश्तेमाल एंटरप्राइज कंपनियों दुवारा किया जाता है। 

इसका Interface Types भी SCSI होता है, जिसमे 68pin (HD68) लगे होते है। इसका Form Factor यानि फिजिकल साइज  3.5i x1.0 होता है। और इसका रोटेशन स्पीड 15,000RPM तक हो सकता है। इसका स्टोरेज कैपेसिटी अधिक नहीं होता है, लेकिन आपको मार्किट में 300 Gb कैपेसिटी तक मिल सकता है। यह दूसरे Hard Disk के तुलना में महंगा होता है। 


HDD के क्या-क्या फीचर होते है?

वैसे तो HDD के अनेकों फीचर हो सकते है। सभी के बारे में बताना तो मुमकिन नहीं है। मैंने आपको निचे कॉमन फीचर के बारे में बताया है। 

  1. Data Transfer Speed: HDD में डाटा ट्रांसफर स्पीड को RPM (Revolution Per Minute) से मापते है। RPM का मतलब है की Hard Disk में लगा प्लैटर एक मिनट में कितना बार घूर्णन करता है। उदहारण के लिए किसी HDD का घूर्णन गति क्रमश 4200, 5200, 5400, और 7200 RPM इत्यादि तक हो सकते है। जितना अधिक RPM होता है, डाटा ट्रांसफर स्पीड उतना ही तेज गति से होता है। एक सामान्य HDD में 6.0 Gb/s तक स्पीड। 
  2. Storage Capacity: यह बताता है, की किसी HDD में अधिकतम कितने डाटा यानी फाइल साइज को स्टोर कर सकते है। यंहा Storage Capacity को GB (Gigabytes) तथा TB (Terabytes) में मापते है। उदहारण के लिए: 512 GB, 1 TB इत्यादि। 
  3. From Factor: यह Hard Disk के फिजिकल आकर तथा वजन कको बताता है। उदहारण के लिए:  3.5 इंच तथा 2.5 इंच चौड़ाई। आमतौर पर 3.5 इंच का स्टोरेज कैपेसिटी अधिक होता है तथा यह सर्वर में जयदा इश्तेमाल किया जाता है। तथा 2.5 इंच From Factor का Hard Disk पर्सनल कंप्यूटर और लैपटॉप में इश्तेमाल किया जाता है। 
  4. Hard Disk Interface: यह एक ऐसा साधन होता है, जो HDD को होस्ट यानि कंप्यूटर के दूसरे कंट्रोलर या चिपसेट से जोड़ता है, जिससे की दोनों के बिच कम्युनिकेशन डेवेलोप हो पाता है। लेटेस्ट HDD के लिए Serial ATA यानि SATA, Interface का इश्तेमाल किया जाता है। 
  5. Protocol: यह एक सेट ऑफ़ रूल्स होता है। इसका मतलब है, कोई भी कम्युनिकेशन यानि डाटा का आदान-प्रदान किस नियम के जरिये किया जाएगा। HDD,  अधिकतर AHCI प्रोटोकॉल का इश्तेमाल करता है।  AHCI प्रोटोकॉल के बारे में और अधिक जानिये। 
  6. Hard Disk Rotational Speed: इसे RPM में मापा जाता है। जैसे: 5400 RPM, 7200 RPM इत्यादि। 
  7. Brand: यह किसी कंपनी की भरोसेमंद को दर्शाता है, यदि आप  अच्छे कंपनी का HDD खरीदते है, तो आपको बेहतर लाभ जैसे: सर्विस वारंटी मिल सकता है। निचे आप टॉप 5 बेस्ट कंपनियों के नाम जानेगे जो HDD बनाने के छेत्र में अधिक पॉपुलर है। 
  8. Compatible Device: इसका मतलब आपका HDD कीस डिवाइस में उपयोग के लिए बना है। उदहारण के लिए लैपटॉप, कंप्यूटर तथा लैपटॉप और कंप्यूटर दोनों इत्यादि। 

HDD के क्या-क्या लाभ है?

  1. Cheap: HDD दूसरे प्रकार  Hard Disk के तुलना में काफी सस्ते होते है, यदि हम इसे स्टोरेज कैपेसिटी के आधार पर तुलना करे। कुलमिलाकर यह यह एक नार्मल कंप्यूटर यूजर के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है। 

2. Permanent Storage: यह किसी भी प्रकार के डाटा को लंबे समय तक परमामेंट रूप से स्टोर करके रखता है। इलेक्ट्रिक पावर ऑफ हो जाने पर इसमें दर्ज की गयी डाटा सुरक्षित रहता है। 

3. Portability: इसे हम एक जगह से दूसरे जगह आसानी से ले जा सकते है। 

4. Data Recovery: यदि किसी वजह से Hard Disk का डाटा डिलीट हो जाता है, तो हम डाटा को वापिस से रिकवर कर सकते है। डाटा रिकवर में लिए मार्किट में बहुत सारे डाटा रिकवरी के नाम से सॉफ्टवेयर आते है। जैसे: Disk Drill, Stellar Data Recovery, FonePaw Data Recovery इत्यादि इनके बारे में और अधिक जानने के लिए यंहा क्लिक करे। 

5. Compatibility: यह मल्टीप्ल सिस्टम में सपोर्ट करता है। मतलब, यह अधिक चांस है की, एक सामान फॉर्म फैक्टर वाला HDD को हम लैपटॉप तथा कंप्यूटर दोनों में इश्तेमाल कर सकते है। तथा किसी भी ब्रांड के HDD को किसी भी लैपटॉप में लगा सकते है, तथा यह अच्छे से काम भी करता है। 

6. Easy Installation: इस प्रकार के Hard Disk को इंसटाल करना एक नार्मल लोगो के लिए आसान होता है।


HDD के क्या-क्या हानियाँ है?

1. Noise: चूँकि यह एक मैकेनिकल स्टोरेज डिवाइस है, इस वजह HDD में आवाज आता है, 

2. Data Transfer Speed: इसका डाटा ट्रांसफर स्पीड 120MB/s तक हो सकता है, जोकि SSD Hard Drive के तुलना में कम है। 

3. Power Consumption: HDD में अधिक बिजली लगता है, क्यूंकि इसमें प्लैटर को घूर्णन के लिए ब्रश लेस्स मोटर का इश्तेमाल किया जाता है। 

4. Size & Weight: इसका वजन भारी और साइज बड़ा होता है।

5. Failure to Shock: इस प्रकार का Hard Disk गिरने पर या झटका लगने पर  ख़राब हो जाता है। 


HDD बनाने वाले टॉप 5 पॉपुलर कंपनियों के नाम

  1. Seagate
  2. Western Digital (WD)
  3. Toshiba
  4. Samsung
  5. A-DATA

Hard Disk Drive से सम्बंधित आपके प्रश्नोँ के उत्तर

1. HDD का मुख्य कार्य क्या होता है?

HDD का मुख्य कार्य डाटा को इलेक्ट्रॉनिक तथा मैग्नेटिक फॉर्म में परमानेंट रूप से करना है। 

2. HDD का पूरा नाम क्या होता है?

HDD का पूरा नाम हार्ड डिस्क ड्राइव होता है।

3. HDD और SSD में क्या अंतर है?

HDD में डाटा स्टोर करने के लिए Platter का इश्तेमाल किया जाता है, जो रोटेट करता रहता है। जबकि SSD में डाटा स्टोर करने के लिए DRAM Flash Memory का इश्तेमाल किया जाता है।

4. सबसे पहले किस कंपनी ने और कब Hard Disk Drive बनाया?

San Jose California laboratory में IBM के इंजीनियर दुवारा Hard Disk Drive का खोज किया गया था। तो इस हिसाब से IBM कंपनी ने 1953 में सबसे पहले hard Disk Drive बनाया।

5. Hard Disk के प्रकार के बारे में बताइये?

1. PATA HDD
2. SATA HDD
3. SCSI HDD
4. SSD

6. Hard Disk में IOPS का क्या मतलब है।

IOPS का पूरा नाम Input/output Operations per Second है। इसका मतलब एक सेकंड में कितने अधिक ऑपरेशन पूरे हो सकते है।

7. AHCI क्या है? इसका पूरा नाम बताइये?

यह एक प्रोटोकॉल है, जिसे डाटा ट्रांसफर के लिए इश्तेमाल किया जाता है। इसका पूरा नाम   Advanced Host Controller Interface है। 

8. Platter क्या होता है? HDD में इसका इश्तेमाल क्यों किया जाता है?

यह एक गोलाकार डिस्क के आकर होता है, इसके ऊपर मैग्नेटिक कोटिंग की जाती है। इसमें कई सारे Circular Track बने होते है, जँहा एक ट्रैक के अंदर कई सेक्टर बने होते है। इसी में डाटा को दर्ज किया जाता है।


निष्कर्ष:

इस आर्टिकल में आपने HDD के सबंध में लगभग सभी टॉपिक पर जानकारियाँ हासिल किया। आपने सबसे पहले जाना की HDD क्या है? इसका परिभाषा: Hard Disk Drive कंप्यूटर का एक हार्डवेयर डिवाइस होता है। इसे मेमोरी स्टोरेज डिवाइस भी कहा जाता है।  फिर आपने आपने जाना की Hard Disk केअनेकों प्रकार के होते है जैसे: PATA HDD, SATA HDD, SCSI HDD तथा SSD इत्यादि। 

फिर आपने Hard Disk कैसे काम करता है? इसके बारे में समझा। साथ में Hard Disk में मिलने वाले फीचर के बारे में जाना जैसे: Data Transfer Speed अधिक होने चाहिए। Storage Capacity भी अधिक होना चाहिए, From Factor, Hard Disk Interface तथा Protocol इत्यादि के बारे में जाना। 

फिर आप Hard Disk के लाभ है और Hard Disk के क्या-क्या हानियाँ है इसके बारे में जाना, जैसे: Hard Disk के लाभ: यह काफी सस्ते होते है, इसमें डिलीट डाटा Data Recover कर सकते है, यह Easy to Installation है। हानि में आपने जाना: यह एक मैकेनिकल स्टोरेज डिवाइस है, इस वजह HDD में आवाज आता है और Size & Weight अधिक होता है। इसके साथ-साथ सबसे अंत में आपने पॉपुलर कंपनियों के नाम जो Hard Disk बनाती है, उनके बारे में जाना। मैं उम्मीद करता हूँ की यह आर्टिकल आपको बेहद पसंस आया होगा, और यदि आपको किसी भी तरह का सुझाव या शिकायत है, तो निचे कमेंट कीजिए, हम उसका रिप्लाई जरूर देंगे। 

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मुझे टेक्नोलॉजी के बारे में पढ़ना और लिखना बहुत अच्छा लगता है। इंटरनेट टेक्नोलॉजी के बारे में लोगों के साथ जानकारी शेयर करके मुझे खुशी महसूस होती है। इसके अलावा फोटोग्राफी करना मेरी हॉबी है। मैंने एक इंजीनियर के रूप में शिक्षा ली है और पेशे से अब मैं एक पार्ट-टाइम Professional Blogger हूँ।

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