Vivo कहा की कंपनी है इसे कब बनाया गया व मालिक कौन है

टेक्नोलॉजी ने हमारी लाइफ को काफी आसान बना दिया है पर इसी के साथ नई चुनौतियां भी सामने लाकर रख दी है, आज के समय मे कुछ लोग एक दिन खाना खाए बिना रह सकते है पर एक दिन मोबाइल के बिना रहना उनके लिए काफी मुश्किल हो गया है। यहा आप जानोगे की Vivo कहा की कंपनी है इसे कब बनाया गया और इसका मालिक कौन है? 

vivo ke bare me

किसी भी देश के लिए उस देश मे रहने वाले लोगों से ही उसकी अर्थव्यवस्था चलती है भारत देश दुनिया मे दूसरा सबसे बड़ा देश है जिसकी जनसंख्या 130 करोड़ के आस पास है, इतनी जनसंख्या होने कि वजह से ये किसी भी मोबाईल फोन बनाने वाली कंपनी के लिए बहुत बड़ा मार्केट है। भारत मे ज़्यादाकर फोन चाइनीज कंपनीयो के ही मिलते है। 

खुद के देश का प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से देश की अर्थव्यवस्था को किसी दूसरे देश मे बने प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने की तुलना मे कही ज्यादा फायदा होता है क्योंकि उस उत्पाद को बनाने और खरीदने का सारा काम भारत मे होता है और सारा पैसा भारत मे ही रहता है। 

Vivo किस देश की कंपनी है

Vivo कम्युनिकेशन टेक्नॉलजी एक चाइनीज कंपनी है जिसका मुख्यालय गुआंगडोंग स्टेट के डोंगुआन चाइना में स्थित है, ये एक टेक्नोलॉजी कंपनी है जो स्मार्टफोन बनाने के अलावा सॉफ्टवेयर भी बनाती है, Vivo ने स्मार्टफोन बनाने की दुनिया मे 2009 में कदम रखा था इसके बाद इसकी काफी तेजी से तरक्की हुई। 

Vivo चाइना की BBK Electronics कंपनी की एक सहायक कंपनी है, बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी की Vivo के अलावा Oppo, Realme, OnePlus व iQOO भी सहायक कंपनियां है। BBK Electronics कंपनी की शुरुआत 1998 मे चाइना मे हुई थी आज दुनिया के बहुत सारे बड़े मोबाईल ब्रांड इस कंपनी के अन्डर मे आते है।

Vivo ज़्यादाकर 7 से 15 हजार तक के स्मार्टफोन लॉन्च करती है, अब कंपनी ग्रोथ के साथ साथ इनोवेसन पर भी ध्यान दे रही है, कंपनी ने दुनिया का सबसे पतला स्मार्टफोन भी बनाया है इसके अलावा Vivo X50Max इनका एक ऐसा स्मार्टफोन था जो Hi-Fi 2.0 टेक्नॉलजी के साथ लॉन्च किया गया। 


Vivo कंपनी का मालिक कौन है? 

Vivo कंपनी की स्थापना Duan Yongping व Shen Wei द्वारा 2009 मे की गई थी, ये दोनों आज भी कंपनी के साथ काम कर रहे है जिनमे Yongping कंपनी के चेयरमैन है और Shen Wei कंपनी के प्रेसिडेंट व CEO. दोनों का जन्म चाइना मे हुआ और वही रहकर इन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। 

भारत मे Vivo के CEO Jerome Chen है जो कंपनी के भारत मे होने वाली गतिविधियों के लिए जिम्मेदार है, हर बड़ी कंपनी अलग अलग देशों के अलग CEO रखती है जिससे की वो उस देश के मार्केट को अच्छे से समझ सके और लोगों की जरूरत के अनुसार प्रोडक्ट लॉन्च कर सके। 


Vivo Mobile कंपनी का इतिहास

2009 मे कंपनी ने स्मार्टफोन बनाने की दुनिया मे कदम रखा, इससे पहले भी Vivo कंपनी थी लेकिन उस समय इनका ध्यान स्मार्टफोन मार्केट पर नहीं बल्कि सॉफ्टवेयर व सॉफ्टवेयर आधारित सेवाएं बनाने पर था। अपने शुरुआती दिनों से ही कंपनी ने खुद को बड़ा बनाने के लिए दुनिया के अलग अलग देशों मे अपनी सर्विस देना शुरू किया।

2014 मे कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजार मे तेजी से आगे बढ़ी जिनमे इन्होंने थायलैंड, इंडिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, मयामर, फिलीपींस, वियतनाम आदि देशों मे अपने स्मार्टफोन लॉन्च किए। Vivo 2015 की पहली तिमाही मे दुनिया के टॉप 10 स्मार्टफोन ब्रांड मे अपना नाम दर्ज करवा चुका था। 

इसके बाद 2017 तक कंपनी ने दुनिया के अन्य हिस्सों जैसे कि रूस, श्रीलंका, ताइवान, हाँगकाँग, बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान के बाजार मे भी अपने स्मार्टफोन उतारे, पाकिस्तान मे कंपनी ने काफी तेजी के साथ ग्रो किया। 

25 अक्टूबर 2015 को Vivo भारत मे होने वाली इंडिया प्रिमियर लीग (IPL) का टाइटल स्पान्सर बना, ये डील पहले एक साल के लिए थी बाद मे इसे बढ़ाकर 2022 तक कर दिया गया, लेकिन 2020 मे भारत चाइना के बीच होने वाले सीमा विवाद के चलते लोगों ने BCCI की काफी आलोचना की जिसके चलते दोनों पार्टियों ने आपस मे बात करके 2020 के लिए इस स्पॉन्सरशिप को हटा दिया और आगे के सालों मे ऐड कर दिया। 


सारांश

यहा आपने जाना की Vivo कंपनी किस देश की है और उसके मालिक कौन है, आज के समय मे भारत मे ज़्यादाकर मोबाईल कंपनीया चाइना की ही है, यदि कोई भारत की कंपनी है भी तो भी उसके स्मार्टफोन मे लगने वाले ज़्यादाकर पार्ट्स चाइना से ही मंगवाये जाते है क्योंकि चाइना इन्हे कम से कम लागत मे बना सकता है।

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