👩🏻‍💻Computer क्या है? इसकी Full Form, आविष्कारक, इतिहास, जेनेरशन, लाभ और हानी

वास्तव में Computer ने हम सभी के जीवन को बहुत आसान बना दिया है। सभी के जीवन जीने का तरीका ही बदल दिया है। लगभगहर कोई अब Computer पर आंशिक रूप या पूरी तरह से निर्भर है। Computer के बिना किसी काम को सही ढंग से कर पाना बेहद मुश्किल है। कंप्यूटर के बिना बहुत छोटे से छोटे और बड़े से बड़े प्रोडक्ट्स को मैन्युफैक्चर कर पाना भी बेहद मुश्किल है। टेक्नोलॉजी की दुनिया में कंप्यूटर एक रीड की हड्डी के समान है। आप इस आर्टिकल में computer से संबंधित सभी जानकारीया जानेंगे।

computer kya hai

स्मार्टफोन टैबलेट आदि यह सभी एक प्रकार की कंप्यूटर है जो हमारी डेली लाइफ रूटीन में एक अहम हिस्सा बन गई है। हम computer और mobile phone को किसी जगह आते-जाते समय, और सोते समय भी इस्तेमाल जरूर करते हैं।  तो आइए आज हम कंप्यूटर के बारे में जान ही लेते है। Computer आखिर इतना महत्वपूर्ण और क्रांति ला देने वाली चीज कैसे बनी होगी? आज हम Computer को जानने की कोशिश करते हैं।

मैं आपको इस आर्टिकल में computer से संबंधित सभी जानकारीया बताऊंगा जैसे कि: computer क्या है? कंप्यूटर की परिभाषा और फुल फॉर्म क्या है?  कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया? आप इस आर्टिकल में कंप्यूटर के इतिहास और जनरेशन के बारे में भी जानेंगे इसके साथ मैंने आपको कंप्यूटर की उपयोगिता कंप्यूटर का लाभ और हानि  यानी कि computer आपके लिए किस तरह से फायदेमंद और नुकसानदेह है,  इन सभी चीजों के बारे में भी बताया है। तो आइए शुरू करते हैं और सबसे पहले कंप्यूटर को समझते हैं। 

Computer क्या है?

Computer एक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जो आपके बहुत सारे काम को आसान करता है। आसान भाषा में computer एक ऐसा डिवाइस है जो आपके दिए गए निर्देशों का पालन करता है और आपके बताए हुए आदेश के अनुसार काम करके आउटपुट प्रदान करता है। 

शुरू-शुरू में computer का विकास सिर्फ गणना यानी की गिनती करने के उद्देश्य के लिए किया गया था यानी कि उस समय computer का मतलब, एक गणना करने वाला यंत्र था जो गणितीय गणना करने के उपयोग में आता था। पर वर्तमान में अनेकों फायदे को देखते हुए अब computer का प्रयोग सिर्फ गणना करना ही नहीं रह गया बल्कि अब आप जो भी काम करने के लिए सोच रहे है वे सारे काम कंप्यूटर से कर सकते है। 

वास्तव में computer कोई  एक पर्टिकुलर डिवाइस का नाम, नहीं है बल्कि अलग-अलग डिवाइसेज से मिलकर एक कंप्यूटर का निर्माण होता है। उदाहरण के लिए अगर हम एक कंप्यूटर की बात करें तो वह एक कंप्यूटर सिर्फ एक डिवाइस नहीं बल्कि अपने साथ में इनपुट और आउटपुट डिवाइसेज जिसको हम टेक्निकल भाषा में पेरीफेरल डिवाइसेज भी बोलते हैं को साथ में रखकर अपने काम को सही रूप में अंजाम देता है।

मतलब computer के इनपुट और आउटपुट डिवाइसेज जैसे सीपीयू monitor, कीबोर्ड (keyboard), माउस, प्रिंटर इत्यादि मिलकर एक पूरे computer का निर्माण करते हैं। उसके बाद फिर यह कंप्यूटर किसी भी काम के उपयोग में लाया जाता है। सीपीयू मॉनिटर कीबोर्ड माउस के बिना एक सफल कंप्यूटर को बनाना आसान नहीं है हालांकि सिर्फ सीपीयू की मदद से कंप्यूटर तो बन जाएगा लेकिन वह कंप्यूटर अनेकों कामों को हल करने के उपयोग में नहीं लाया जा सकता है: जैसे आप गेम खेलते हैं मनोरंजन करने के लिए मूवी देखते हैं और रचनात्मक ग्राफिक की डिजाइन करते हैं इत्यादि। 

हम computer को अपनी भाषा में कुछ इनपुट देते हैं फिर कंप्यूटर उस भाषा को अपनी भाषा में समझ कर वापस हमें अपनी भाषा में आउटपुट प्रदान करता है तो जाहिर सी बात है computer के पास इनपुट और आउटपुट डिवाइसेज को साथ में मिलकर करके काम करना जरूरी है तो आइए computer की परिभाषा और computer की फुल फॉर्म को जानते है। उसके बाद फिर हम बेसिक इंटीग्रिटी डिवाइसेज यानी कि इनपुट आउटपुट डिवाइस के बारे में कुछ बेसिक जानकारीयों को जानेगे।


Computer का Full Form 

वैसे तो computer शब्द की कोई एक स्टैंडर्ड फुल फॉर्म नहीं है। आप अपने अनुसार computer की कोई एक अच्छी फुल फॉर्म बना सकते हैं लेकिन हां समान रुप में जो सबसे पॉपुलर फुल फॉर्म है उसके बारे में जरूर बताऊंगा। 

  1. C – Commonly
  2. O – Operated
  3. M – Machine
  4. P – Particularly
  5. U – Used for
  6. T – Technical and
  7. E – Educational
  8. R – Research

देखने में यह फुल फॉर्म काफी बड़ा लग रहा है, बिल्कुल सही, तो आइये जानते है computer फुल फॉर्म का हिंदी में मतलब क्या है? विशेष रूप में उपयोग की जाने वाली तकनीकी और शैक्षिक अनुसंधान के लिए सामान्य रूप से संचालित मशीन। और इसका इंग्लिश में मतलब कुछ इस तरह होता है। Commonly Operated Machine Particularly Used for Technical and Educational Research. आइए अब हम computer की परिभाषा पर एक नजर रखते है।


Computer का परिभाषा

Computer शब्द Compute से निकला है जिसका मतलब है गणना करने वाला एक मशीन। वैसे तो computer के अलग-अलग परिभाषा हो सकते हैं किंतु मैं आपको सबसे आसान परिभाषा बताऊंगा। computer एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जो किसी सेट ऑफ इंस्ट्रक्शन या इंफॉर्मेशन को इनपुट के रूप में स्टोर कर उस पर मैथमेटिकल ऑपरेशन जैसे कि गुणा, विभाजित, योग इत्यादि को प्रोसेस कर पुनः यूजर को आउटपुट प्रदान करती है। कंप्यूटर के पास खुद की टेम्पररी मेमोरी होती है जिसमें वह इंफॉर्मेशन को स्टोर करती है। 

computer को हम अन्य तरीके से परिभाषित करें तो, कंप्यूटर एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो प्रोग्रामेबल है मतलब कि हम computer में सॉफ्टवेयर के दुवारा किसी एक निश्चित समय में किसी एक तरह के टास्क परफॉर्म करने के लिए प्रोग्राम कर सकते हैं और फिर अगर हम चाहें तो दूसरी समय में दूसरी तरह के टास्क परफॉर्म करने के लिए दोबारा प्रोग्राम कर सकते हैं और इसी तरह हम जितनी मर्तबा चाहे उतनी मर्तबा प्रोग्राम करके कंप्यूटर से ऑटोमेटिक टास्क परफॉर्म करा सकते हैं। 

computer को प्रोग्राम करने के लिए मूल रूप से हमें सॉफ्टवेयर का उपयोग करना पड़ता है। यह सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज भी हो सकते हैं जैसे कि C, JAVA, PYTHON इत्यादि। इसके अलावा अगर आप एक रोबोटिक का स्टूडेंट हो तो रोबोट को प्रोग्राम करने के लिए Arduino सॉफ्टवेयर का उपयोग कर सकते है।  


Computer के इनपुट और आउटपुट डिवाइसेज

1. कीबोर्ड (Keyboard)

यह कंप्यूटर की एक बहुत महत्वपूर्ण इनपुट डिवाइस है। जब भी आप कंप्यूटर में कोई भी इनपुट प्रदान करते हैं, तो आप कीबोर्ड की मदद से इनपुट प्रदान करते हैं। जैसे कि अगर आपको अपना नाम वर्ड में लिखना है तो आप कीबोर्ड सेअपने नाम का अल्फाबेट टाइप करते है फिर उसको सहमति के लिए इंटर प्रेस करते है।

2. माउस (Mouse)

माउस का इस्तेमाल भी कंप्यूटर में इनपुट दर्ज करने के लिए किया जाता है लेकिन यह कीबोर्ड से भिन्न है। यानी कि आप माउस का यूज करके किसी फाइल को सेलेक्ट कर सकते हैं किसी फाइल को डिलीट कर सकते हैं कुछ फ्री हैंड चित्र बनाना है तो आप माउस का यूज करके उस चित्र को बना सकते हैं। 

कीबोर्ड के मुकाबले में माउस की मदद से कंप्यूटर में इनपुट प्रदान करना नए यूजर्स के लिए बहुत आसान होता है लेकिन हां या एक टाइम कंजूमिंग इनपुट डिवाइस है अगर आप एक एडवांस यूजर हैं तो आप माउस के अलावा कीबोर्ड से इनपुट प्रदान करने की कोशिश करें ताकि आपका  कीमती समय बच सकें। 

3. मॉनिटर (Monitor)

computer ke input/output devices

यह computer की एक आउटपुट डिवाइस है। कंप्यूटर में दर्ज की हुई किसी भी तरह का इनपुट या फिर computer से प्रदान की हुई किसी भी तरह का आउटपुट देखने के लिए मॉनिटर का इस्तेमाल होता है। मॉनिटर के बिना कंप्यूटर को चला पाना बेहद मुश्किल है अर्थात ठीक आँख बिना एक अंधा पुरुष जिस तरह अपनी जिंदगी गुजारता है उसी तरह कंप्यूटर में मॉनिटर के बिना कंप्यूटर चला पाना अंधकार में काम करने के बराबर है। 

मॉनिटर किसी भी तरह का ग्राफ विजुअल फोटोस इमेजेस और टेक्स्ट को प्रदर्शित करते हैं। आप इस डिजिटल फोटोज इमेजेस और टेक्स्ट को फिर दूसरे computer में आसानी से भेज सकते हैं ताकि दूसरे को भी वही टेक्स्ट इमेजेस और विजुअल दिखाई दे जिसे आप देख रहे हैं।  इन सभी विजुअल्स को computer में किसी भी तरह से बदलता नहीं है इसलिए हम computer को रिलायबल और ट्रस्ट वर्दी भी मानते हैं। 

4. सीपीयू (CPU) या  टावर या केसिंग

सीपीयू का पूरा नाम सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट होता है। यह computer का सबसे महत्वपूर्ण यंत्र है  इसके बिना तो computer को बना पाना एकदम नामुमकिन है क्योंकि सीपीयू ही कंप्यूटर का दिमाग है कंप्यूटर के सारे मैथमेटिकल गाना सीपीयू ही पूरा करता है यानी कि आप जिस इनपुट को दर्ज करते हैं उस इनपुट को सीपीयू अपने भाषा में समझकर आपको आपके भाषा में आउटपुट प्रदान करता है। कंप्यूटर में सभी टास्क को अकेला सीपीयू ही पूरा करता है। सीपीयू को हम अन्य कई नाम से भी जानते हैं जैसे सीपीयू को टावर या फिर कैसी भी कहते हैं। 

ठीक जैसे मानव अपने दिमाग के बिना किसी भी काम को पूरा नहीं कर सकता कुछ भी एक्टिविटी को परफॉर्म नहीं कर सकता यानी कि मानव अपने दिमाग के बिना एक अपाहिज के समान है उसी प्रकार computer, सीपीयू के बिना कुछ भी नहीं कर सकता अर्थात सीपीयू के बिना कंप्यूटर एक अपाहिज के समान है। 

5. प्रिंटर (Printer)

प्रिंटर computer की दुनिया में एक आउटपुट डिवाइस है। यह  किसी भी विजुअल्स टेक्स्ट ग्राफ इत्यादि को फिजिकली प्रिंट करने के काम आता है। आपने अक्सर फोटो स्टेट, फोटो कॉपी  के बारे में सुना होगा तो फोटोस्टेट या फिर प्रिंटिंग से संबंधित किसी भी कार्य को करने के लिए प्रिंटर हमारी मदद करता है।

प्रिंटर की मदद से आप डिजिटल इंफॉर्मेशन को फिजिकल इनफार्मेशन में प्रिंट करके एक जगह से दूसरी जगह भेज सकते हो। प्रिंटर का अधिक उपयोग कार्यालय में दस्तावेजों को प्रिंट करने के काम में आता है। इसके अलावा आप भी अपने लिए फोटोस या फिर अच्छी विजुअल को प्रिंटर से प्रिंट करके कमरे को सजा सकते हैं। 

तो यहां तक आपने समझा, computer क्या है computer किन-किन यंत्रों (इनपुट-आउटपुट) से मिलकर बना है, आइए अब हम जानते है Computer का आविष्कार किसने किया?


Computer का आविष्कार किसने किया?

Modern computer के पिता चार्ल्स बैबेज को जाना जाता है, जिन्होंने पहली बार कंप्यूटर का आधार रखा आज हम जिस कंप्यूटर में इतने सारे काम करते हैं उसका क्रेडिट चार्ल्स बैबेज को भी दिया जाता है। 

वैसे तो computer का पूरा आविष्कार चार्ल्स बैबेज ने नहीं किया आज हम जिस कंप्यूटर को सफल पूर्वक देखते हैं वह सीधा है किसी एक व्यक्ति के द्वारा तो नहीं बनाई गई है मतलब एक सफल कंप्यूटर को बनाने में अलग-अलग वैज्ञानिकों, अभियंताओं ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनमे से सबसे ज्यादा योग्यदान के लिए चार्ल्स बैबेज का नाम आता है। 

चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर के पिता इसलिए कहा जाता है क्योंकि इन्होंने ही पहली बार Analytical Engine सन 1837 में अविष्कार कर कंप्यूटिंग की नीव रखी। यानी कि कंप्यूटिंग के क्षेत्र में गणितीय गणना करने के लिए मनुष्य के बजाय मशीनों से कराने की सोच रखी और उसे पूरा करके भी दिखाया। 

हालंकि की गणना करने के लिए उस दौर में और भी मैकेनिकल मशीनें हुआ करती थी जिनमें से एनालिटिकल इंजन एक प्रकार का गणना करने की मैकेनिकल मशीन थी। लेकिन चार्ल्स बैबेज के इस Analytical Engine में ALU, Basic Flow control और Integrated Memory की concept लागु की गयी थी। जिससे कि एक समय में गणना कर इसे कुछ समय के लिए स्टोर भी किया जा सकता था और फिर आगे चलकर इसी model  को आधार मानकर आजकल के computer को design किया गया।


Computer की उपयोगिताऐं

वैसे तो modern computer की अनेकों उपयोगिताऐं है।  अलग-अलग क्षेत्र में कंप्यूटर अपनी मुख्य भूमिका निभा रही है जैसे कि विज्ञान के क्षेत्र में कंप्यूटर का इस्तेमाल रिसर्च उद्देश्य के लिया किया जा रहा है। डाटा एनालिसिस और प्रिडिक्शन के लिए computer का इस्तेमाल किया जा रहा है। computer तो  टीचिंग के क्षेत्र में ऑनलाइन पढ़ने और पढ़ाने का एकमात्र जरिया बन गया है। 

बैंकिंग और व्यापार के क्षेत्र में बड़ी संख्या में उपस्थित डाटा को एनालाइज कर ग्राफ के द्वारा समझना और रुपए का लेनदेन कंप्यूटर के माध्यम से ही संभव हो पा रहा है।  इसके अलावा कंप्यूटर की और भी कई उपयोगिता है सभी उपयोगिताओं को एक ही आर्टिकल में बता पाना तो नामुमकिन है। मैंने आपको अलग-अलग क्षेत्र के हिसाब से कंप्यूटर की इम्पोर्टेन्ट उपयोगिता को बताने की कोशिश किया है। तो आइए हम कंप्यूटर की उपयोगिता को अलग-अलग क्षेत्र के हिसाब से देखते हैं।

1. विज्ञान के क्षेत्र में

विज्ञान के क्षेत्र में कंप्यूटर का इस्तेमाल अपने चरम सीमा पर है कंप्यूटर के बिना नयी-नयी नहीं डिस्कवरी कर पाना नामुमकिन है।अगर एडवांस मैथमेटिक्स की गणितीय गणना की बात करें तो कंप्यूटर की मदद से ही सफल हो पा रहा है। रॉकेट साइंस के क्षेत्र में राकेट या फिर मिसाइल की फायरिंग टाइम से लेकर सेटेलाइट की लॉन्चिंग तक सब कुछ कंप्यूटर की मदद से कंट्रोल किया जाता है। बायोलॉजी के क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप और कंप्यूटर की मदद से छोटे से छोटे सूक्ष्म कणो को  को हाई रेसोलुशन इमेज में देखा जा सकता है। छोटे-छोटे कणों का साइज लगभग नैनोमीटर से पीको मीटर तक के बीच में होता है। 

2. व्यापार के क्षेत्र में

व्यापार के क्षेत्र में भी कंप्यूटर ने अपना अहम भूमिका निभाया है एक देश से दूसरे देस में पैसो का लें दें, बैंकों में पैसों का लेनदेन कंप्यूटर की मदद से सफल हो पाया है। कंपनी अपने प्रोडक्ट की सेल को ग्राफ की मदद से विजुअली देखती है। वह computer द्वारा एनालाइज किया गया ग्राफ से पता लगाने की कोशिश करती है कि अगले महीने में उस कंपनी का कोई खास प्रोडक्ट कितना सेल होगा कितने लोग उस प्रोडक्ट को पसंद करते हैं यह फिर कितना प्रोडक्ट मार्केट में नहीं बिकेगा आदि यह सब कंप्यूटर से संभव हो पा रहा है। 

 3. एजुकेशन के क्षेत्र में

एजुकेशन के क्षेत्र में कंप्यूटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उदहारण के लिए: पिछले 2 सालों में कोरोना मारी के चलते ऑनलाइन शिक्षा सिर्फ कंप्यूटर और मोबाइल के मदद से हो पाया है। जहां पहले के जमाने में शिक्षा के लिए हमें ऑफलाइन यानी कि कॉलेज या फिर किसी कोचिंग सेंटर में किसी शिक्षक के पास जाकर पढ़ना पड़ता था लेकिन आजकल आपको एजुकेशन हासिल करने के लिए कहीं भी किसी भी टीचर के पास जाने की जरूरत नहीं है आप उठते-बैठते समय कहीं भी यात्रा करते समय भी आसानी से ऑनलाइन के जरिए किसी भी टीचर से पढ़ सकते हैं। 

अब वीडियो लेक्चर के आलावा PDF डॉक्यूमेंट या इंटरनेट पर आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं। पढ़ने के अलावा अगर आप एक शिक्षक हैं तो अब आपको अपने स्टूडेंट को पढ़ाने के लिए एक रूम या फिर खास बेंच टेबल बनाने के जरूरत नहीं है, आप computer के सॉफ्टवेयर जैसे कि zoom, गूगल मीट एप का इस्तेमाल करके एक साथ अनेकों बच्चों को पढ़ा सकते हैं।  और इतना सब कुछ सिर्फ कंप्यूटर की मदद से संभव हो पाया है। 

 4. कृषि के क्षेत्र में

कृषि के क्षेत्र में कंप्यूटर ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। पहले जहां ग्रामीण किसानों को खेती के बारे में सही जानकारी नहीं होती थी इसके अलावा मौसम संबंधी जानकारी भी उन्हें मालूम नहीं होती थी जिससे कि उनका फसल बहुत नुकसान होता था लेकिन आजकल कंप्यूटर की मदद से ग्रामीण किसान कृषि से संबंधित किसी भी तरह के जानकारी को जान सकते हैं। 

उसके अलावा मौसम से संबंधित जानकारी जैसे की तापमान, Humidity (आद्रता और नमी) आदि सब कुछ कंप्यूटर की बदौलत संभव हो पाया है। अब ग्रामीण किसान कंप्यूटर के किसी अच्छे ऐप्स के इस्तेमाल से पता कर सकते हैं कि उन्हें मिट्टी में पानी कब देना है फसलों में रसायनिक खाद का प्रयोग कब करना है कितनी मात्रा में करना है फसल कटाई का सबसे सही समय कब है फसल बुवाई का सही समय कब है आदि और अपने आप को  मार्केट में फसलों की डिमांड प्रकृति आपदा से अपडेट रख सकते हैं। 

5. मनोरंजन के क्षेत्र में

इंटरटेनमेंट के क्षेत्र में तो कंप्यूटर और स्मार्टफोन जैसे डिवाइस लोगों की जरूरतों का एक अहम हिस्सा बन गया है। लोग अपने मनोरंजन के लिए मुख्य रूप से स्मार्टफोन कंप्यूटर टेलीविजन आदि का इस्तेमाल करते हैं लेकिन पहले ऐसा नहीं था पहले मनोरंजन के लिए खेलकूद, सर्कस, तमाशे इत्यादि होती थी। हालांकि मनोरंजन के पुराने तरीके अभी भी हैं लेकिन अब इनकी वैल्यू कम हो गई है। 

अब अब किसी भी तरह के कॉमेडी शो पुराने और नए मूवी को घर बैठे देख सकते हैं। अगर आपको किसी भी तरह का कॉमेडी,  मूवी और गाने सुनना और  देखना है तो आप यूट्यूब पर जाकर देख सकते हैं उसके अलावा अन्य  ओटीटी प्लेटफॉर्म और एप्स का इस्तेमाल करके देख सकते हैं। 

6. कम्युनिकेशन के क्षेत्र में

एक जगह से दूसरी जगह हम बस कुछ ही सेकंड में अपनी जरूरी डॉक्यूमेंट अपने आइडियाज और अपने इमोशंस को लोगों के साथ भेजना computer की मदद से संभव हो पाया है। अब आप एक साथ अनेकों दोस्तों से  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करके बात कर सकते हैं आप चाट का इस्तेमाल करके भी बात कर सकते हैं। 

अब देश के किसी भी कोने में है इंटरनेट के जरिए उस व्यक्ति से ऑडियो और वीडियो कॉल में बात कर सकते हैं आप अपने भाषा का आदान-प्रदान भी कंप्यूटर के मदद से कर सकते हैं यानी कि मान लीजिए आप हिंदी भाषी हैं और इंग्लिश में बात करना चाहते हैं तो आप किसी खाश तरह के एप्लीकेशन की मदद से एक तरह की भाषा को अन्य तरह की भाषा में बदल  कर बात-चित कर सकते हैं।

7. टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कंप्यूटर रीड की हड्डी के समान है। हम अपने आसपास रोजाना नए नए गैजेट देखते हैं सभी कंप्यूटर के मदद से संभव हो पाया है। टेक्नोलॉजी हमारी लाइफ के काम को दिन प्रतिदिन आसान बनाती जा रही है।  सभी छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी किसी भी तरह के प्रोडक्ट्स को बनाना संभव हो पाया है। 

मेनूफैक्चरिंग के क्षेत्र में जो काम पहले मानव द्वारा या जाता था अब वह काम कंप्यूटर द्वारा ऑटोमेटिक हो रही है।  कंप्यूटर का इस्तेमाल से आप अपने 3D प्रोडक्ट्स को वर्चुअल मॉडल बनाकर एनालाइज कर सकते हैं। 

8. खेलकूद के क्षेत्र में 

कंप्यूटर ने खेलकूद के क्षेत्र में भी अपनी इम्पोर्टेन्ट भूमिका निभाई है।अब आप कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर ऑनलाइन तरह तरह के गेम खेल सकते है। आप अकेला और दोस्तों के साथ मिलकर भी खेल सकते हैं। अब तो आप खेलकूद के क्षेत्र में स्मार्ट फोन और कंप्यूटर पर गेम खेल कर और उसमें महारत हासिल कर रुपये भी कमा सकते हैं। आपने देखा कैसे  इतने सारे अलग-अलग क्षेत्र में कंप्यूटर अपना मुख्य भूमिका निभाया है। 


Computer का इतिहास

अभी आप computer को जिस रूप में देखते हो उस रूप में computer पहले नहीं था यानी कि पहले mechanical computer होती थी जो की गणना करने के काम आती थी। मतलब की एक प्रकार की एनालॉग कंप्यूटर होती करती थी। मैकेनिकल कंप्यूटर के अलावा बाद में इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल डिवाइस को मिलाकर डिजिटल कंप्यूटर को बनाने का प्रयास किया गया फिर भी 18वीं और 19वीं शताब्दी में इलेक्ट्रॉनिक्स कंप्यूटर पूरे एक कमरे के बराबर होती थी। आधुनिक समय के साथ साथ इलेक्ट्रॉनिक की दुनिया में और रिसर्च हुई जिससे सेमीकंडक्टर्स मैटेरियल्स का खोज हुआ और उसके फल-स्वरूप आधुनिक कंप्यूटर का विकास संभव हो पाया। 

आइए अब हम जानते हैं कंप्यूटर का इतिहास यानी कि computer को लोगों ने बनाना आखिर कब से शुरू किया और इतिहास में किस किस तरह के computer के निर्माण में  कौन-कौन वैज्ञानिकों ने  महत्वपूर्ण अपना योगदान दिया है। चूकि पहले computer कोई शब्द नहीं होती थी, गणितीय गणना करने के लिए कुछ लोगों ने मशीनों या कोई अन्य तकनीक का इस्तेमाल किया, जिससे लोग हिसाब किताब में गुणा विभाजन जोड़ घटाव आदि कर सके। Abacus चीन में दुनिया का पहला गणना यंत्र था जिसके द्वारा सामान्य गणना (जोडना, घटाना) की जा सकती थी। 

  • चीनीयों द्वारा अबेकस का आविष्कार लगभग 2500 वर्ष पूर्व (इसका सही-सही समय ज्ञात नहीं हैं) किया गया था। अबेकस को Soroban (सोरोबान) के नाम से भी जाना जाता हैं। 
  • 16-17 वीं सदी जॉन नेपियर की हड्डी: यह एक मैकेनिकल गणना करने वाली यंत्र हैं. इसका इस्तेमाल अंकों को गुणा और भाग करने के लिए होता हैं। इस डिवाइस का उपयोग उत्पादों की गणना तथा भागफल ज्ञात करने के लिए किया जाता था।  इस डिवाइस में गणना करने के लिए इस्तेमाल होने वाली विधि को ‘रेब्दोलॉजी’ कहा जाता था। 
  • John Napier के आविष्कार के कुछ साल बाद (1620 के आसपास) ही माननीय William Oughtred ने “Slide Rule” का आविष्कार कर लिया था जिससे की गुणा, भाग, वर्गमूल, त्रिकोणमीतिय जैसी गणनाएं की जा सकती थी।  मगर जोड तथा घटाव के लिए कम इस्तेमाल होता था। 
  • 1642 में मात्र 18 वर्ष की अल्पायु में फ्रेंच वैज्ञानिक और दार्शनिक ब्लेज पास्कल ने पहला व्यवहरिक यांत्रिक कैलकुलेटर बनाया। इस कैलकुलेटर का नाम “पास्कालिन” था जिसे ‘Adding Machine’ कहा गया. यह मशीन सिर्फ जोड़ने व घटाने की गणना करता हैं। 
  • फिर 1671 में पास्कालिन में सुधार करते हुए एक एडवांस मशीन ‘Step Reckoner’ का आविष्कार हुआ। जो जोडने, घटाने के अलावा गुणा, भाग, वर्गमूल भी कर सकती थी। Gottfried Wilhelm Leibniz द्वारा विकसित इस मशीन में भंडारण क्षमता भी थी। Binary System भी इन्ही के द्वारा विकसित किया गया. जिसे एक अंग्रेज ‘George Boole’ ने आधार बनाकर 1845 में एक नई गणितीय शाखा “Boolean Algebra” का आविष्कार किया। 
  • 1801: फ्रांस में, जोसेफ मैरी जैक्वार्ड ने एक करघे का आविष्कार किया जो कपड़े के डिजाइनों को स्वचालित रूप से बुनने के लिए छिद्रित लकड़ी के कार्ड का उपयोग करता है। शुरुआती कंप्यूटर इसी तरह के पंच कार्ड का इस्तेमाल करते थे। और इस डिवाइस के आविष्कार ने साबित कर दिया कि मशीनों को मशीनि कोड द्वारा संचालित किया जा सकता था। 
  • 1820 में फ्रांस के ‘Thomas de Colmar’ ने “Arithmometer” नामक एक नई गणना मशीन बनाई। जिसके द्वारा गणित के चार बुनियादी कार्य जोडना, घटाना, गुणा, भाग किये जा सकते थे। 
  • आधुनिक कम्प्यूटर के जनक ‘Charles Babbage’ ने 1822 में “बहुपदीय फलन” का सारणीकरण करने के लिए एक स्वचालित यांत्रिक मशीन का आविष्कार किया। इस मशीन का नाम “Difference Engine” था। जो आगे चलकर आधुनिक कंप्यूटर का आधार बना। इसमे प्रोग्राम को स्टोर करने, गणना करने तथा मुद्रित करने की क्षमता थी। यह भाप द्वारा चलती और इसका आकार बहुत विशाल था। 
  • लगभग Difference Engine बनने के दस वर्ष बाद 1833 में “Analytical Engine” डिजाइन किया गया जिसको आधुनिक कम्प्यूटर का शुरुआती प्रारुप माना जाता हैं। इसलिए “चार्ल्स बैबेज” को कम्प्यूटर का जनक कहा जाता हैं। इस मशीन मे वे सभी चीजे थी जो मॉडर्न कम्प्यूटर में होती है। Analytical Engine में Mill (CPU), Store (Memory), Reader and Printer (Input/Output) का काम कर रहे थे।
  • कुंजिपटल यंत्र: 1980 के आसपास संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में Keyboard Machine का विकास संभव हो पाया। इसमें आकडों व निर्देशों को देने के लिए Keyboard का प्रयोग किया जाता था। 
  • Hollerith Census Tabulator: 1890 ई. में अमेरिका में होने वाली जनगणना के कार्य को तीव्र गति से पूरा करने के लिए हर्मन होलेरिथ ने एक नई मशीन का निर्माण किया। जिसमें पंचकार्डो का इस्तेमाल किया गया। सन् 1896 ई. में हर्मन होलेरिथ ने ‘Tabulating Machine Company’ बनाई. आगे चलकर इस कंपनी का नाम बदलकर Computer Tabulating Recording Company रखा गया। 
  • 1924 में फिर Computer Tabulating Recording Company का नाम बदलकर IBM (International Business Machine) रखा गया। जो आज पूरे विश्व में computer manufacturing (निर्माण) करने की सबसे बड़ी कंपनी बन गयी हैं। 

Computer के पीढ़ियां (जेनरेशन)

  1. First generation (1940s-1950s) Vacuum tube: यह कंप्यूटर की सबसे पहली पीढ़ी थी जिसमें वेक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया। वेक्यूम ट्यूब इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल को कंट्रोल और amplify करने के काम आती थी। वेक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल मॉनिटर्ड में भी किया गया जिससे इनपुट्स सिग्नल को विज़ुअली देख सकते थे। 
  2. Second generation (1950s-1960s) Transistor based: यह कंप्यूटर की दुनिया में दूसरी पीढ़ी थी जिसमें इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल को कंट्रोल और amplify करने के लिए ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किया गया था। ट्रांजिस्टर को सिलिकॉन और जेर्मेनियम से बनाया जाता है जो की एक अर्धचालक मटेरियल है। 
  3. Third generation (1960s-1970s) Integrated circuit based: यह कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी है जिसमें ट्रांजिस्टर के साथ-साथ इंटीग्रेटेड चिप का इस्तेमाल किया गया था। इंटीग्रेटेड चिप में बहुत सारे छोटे छोटे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स जैसे कि transistors, capacitors और resistors को एक साथ मिलाकर बनाया गया था। इंटीग्रेटेड सर्किट का इस्तेमाल से पहले जो दूसरी के कंप्यूटर एक कमरे के बराबर होती थी अब छोटे जगह में आसानी से बन जाती थी क्योंकि बहुत बड़े-बड़े सर्किट को एक छोटे से एक ही सर्किट में समायोजित करके कंप्यूटर को बना पाना संभव हो गया था। 
  4. Fourth generation (1970s-present) Microprocessor based: अपने घरों या ऑफिस में जिसे हम आज से 10-15 साल पहले देखते थे। वे सभी कंप्यूटर की दुनिया में चौथी पीढ़ी है जिसमें माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया।  माइक्रो प्रोसेसर कंप्यूटर के अन्य दूसरी और तीसरी जनरेशन के मुकाबले बहुत बड़ी-बड़ी सर्किट और अन्य मेमोरी यूनिट्स कंट्रोल यूनिट, स्टोरेज यूनिट को एक ही चिप में समायोजित करने में सक्षम साबित हुई। जिससे फायदा यह हुआ कि कंप्यूटर का आकर छोटा हो गया। क्योंकि अब कंट्रोल यूनिट मेमोरी यूनिट और लॉजिकल यूनिट आदि एक ही चिप में समायोजित हो गई।
old crt monitor

कंप्यूटर की साइज होने के साथ-साथ कंप्यूटर की प्रोसेसिंग स्पीड पहले की तुलना में काफी अधिक हो गई  जिससे कि अब कंप्यूटर को सिर्फ गणना करने के अलावा अन्य विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग में लाया जाने लगा। कंप्यूटर की चौथी जनरेशन में आप अब सिर्फ गणितीय गणना पर ही निर्भर नहीं हो पाए बड़े-बड़े रिसर्च कार्य में और बिजनेस कार्ड्स में कंप्यूटर का बहुत बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होना शुरू हो गया। माइक्रो प्रोसेसर लगने के बाद घंटों का काम मिनटों में पूरा हो जाता है आप बस एक क्लिक में बहुत कंपलेक्स गणितीय गणना को पूरा कर सकते हैं।  आप एक क्लिक में 3D विजुअल बना सकते हैं बड़ी फाइल को एक जगह से दूसरी जगह भेज सकते हैं आदि सभी काम कंप्यूटर की चौथी जनरेशन में संभव हो पाया। 

  1. Fifth generation (The present and the future) Artificial intelligence based:  यह कंप्यूटर की दुनिया में सबसे लेटेस्ट पांचवी पीढ़ी है जिसको हम वर्तमान समय में और भविष्य के लिए भी इस्तेमाल करेंगे। कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित है मतलब की अब कंप्यूटर को भी मानव की तरह नेचुरल बनाने की कोशिश किया जा रहा है। कंप्यूटर की पिछले जनरेशन में जितने भी कमियां या सीमाएं हैं उसको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से रिमूव करने की कोशिश किया जा रहा है। 

कंप्यूटर की चौथी जनरेशन में आपक computer से बात नहीं कर सकते थे आपके लिए पर्सनल एक्सपीरियंस प्रदान नहीं कर सकती थी मार्केटिंग के क्षेत्र में pridiction उतना सटीक और सही नहीं हो पाता था। क्योंकि कंप्यूटर में मानवीय इंटेलिजेंस (बुद्धि) का विकास नहीं था।  इसलिए कंप्यूटर के पांचवी जनरेशन में प्रोग्रामिंग  सॉफ्टवेयर और अन्य टूल की मदद से कंप्यूटर में आर्टिफिशियल बुद्धि देने की कोशिश लगातार की जा रही है जिससे कि अब आप कंप्यूटर से अपने दोस्त की तरह बात कर पाएंगे अब कंप्यूटर को यह पता होगा कि आपका पसंद क्या है, आपको किस रेस्टोरेंट में खाना अच्छा लगता है,  किस जगह घूमना अच्छा लगता है आपका फेवरेट म्यूजिक कौन कौन सा है आदि।  

इसके अलावा अब कंप्यूटर मैं आर्टिफिशियल बुद्धि के उपयोग से मानव और निर्जीव वस्तुओं में फर्क करना आसान हो गया है जिसको हम टेक्निकल भाषा में ऑब्जेक्ट डिटेक्शन के नाम से जानते हैं मतलब की अगर आप अपने फोटो को कंप्यूटर के किसी इंटेलिजेंट प्रोग्राम से प्रिडिक्ट कराएंगे तो कंप्यूटर इंटेलिजेंट प्रोग्राम मानव और फोटो में मौजूद अन्य दूसरे ऑब्जेक्ट्स में अंतर कर पाएगा आसान भाषा में कंप्यूटर अब इंसानों और दूसरे ऑब्जेक्ट में फर्क करना सीख गया है। 


Computer के लाभ 

कंप्यूटर के अनेकों लाभ हैं। जैसे कंप्यूटर में डाक्यूमेंट्स को एक जगह से दूसरी जगह बहुत कम समय में भेज सकते हैं, कंप्यूटर की मदद से बहुत बड़ी गणितीय प्रॉब्लम कुछ सेकेंड्स में हल कर सकते हैं इसके अलावा अन्य कई फायदे हैं। मैंने आपको पॉइंट्स में हमारे दैनिक जीवन में उपयोग आने वाले  फायदों के बारे में बताया है। 

  1. कंप्यूटर हमारे समय की बहुत बड़ी मात्रा में बचत करता है। 
  2. कंप्यूटर बड़े से बड़े  गणितीय प्रॉब्लम का हल बस कुछ सेकंड में निकाल देता है। 
  3. देश के किसी भी कोने में हो रही गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कंप्यूटर एक बहुत बड़ा योगदान निभाता है। 
  4. Computer की मदद से हम अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से वीडियो कॉलिंग बात कर सकते हैं। 
  5. Computer की मदद से हम अपने डॉक्यूमेंट पर्सनल इमेजेस इत्यादि को एक जगह से दूसरी जगह बस कुछ ही सेकंड में भेज सकते हैं। 
  6. Computerपर उपयोगी सॉफ्टवेयर का यूज करके अपने काम को मैनेज करना बहुत आसान होता है। 
  7. Computer पर आप  पूर्ण रूप से विश्वास कर सकते हैं क्योंकि यह गलत जानकारी आउटपुट के रूप में प्रदान नहीं करता जब तक कि इनपुट में गलत जानकारी प्रदान की गई हो।  यानी कि कंप्यूटर डे विश्वसनीय यंत्र है। 
  8. कंप्यूटर द्वारा गणना की गई जानकारी बहुत ही सटीक और सही होता है क्योंकि कंप्यूटर झूठ नहीं बोलता। 
  9. Computer की मदद से आप एक समय में एक से अधिक कार्य को आसानी से कर सकते हैं। 
  10. Computer में आप ऑटोमेटिक काम कर सकते हैं जिससे कि मानव कार्य ज्यादा नहीं करना पड़ता है।  सारा का सारा काम अकेला computerपूरा कर देता है। 
  11. इंसानों की तुलना में computer अधिक तेज है। 
  12. Computer आप किसी भी तरह का वर्चुअल जिसको ग्राफिक डिजाइन बोलते हैं या फिर 3D एनिमेशन बना सकते हैं।  एनिमेशन  कम्युनिकेशन का एक अहम जरिया है।

Computer के नुकसान

वैसे तो computer के बहुत सारे फायदे हैं जिसको मैंने ऊपर बता दिया है फिर भी कंप्यूटर के कई  फायदे के अलावा नुकसान भी है। दुनिया में किसी भी चीज के दो पहलू होते हैं। पहला उसके फायदे और दूसरा उसका नुकसान या आपके ऊपर डिपेंड करता है कि आप कंप्यूटर के किस फायदे का इस्तेमाल करते हैं। तो आइए हम जाने की कोशिश करते हैं कि कंप्यूटर के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं। 

1. साइबर सिक्योरिटी का खतरा

आजकल इंटरनेट का जमाना हो गया है तो कंप्यूटर की दुनिया में सॉफ्टवेयर वायरस भी होते हैं जो आपके कंप्यूटर सिस्टम को खराब कर देते हैं।  कंप्यूटर वायरस इतना खतरनाक है कि आपके पर्सनल फाइल्स डाटा को चुरा सकता है जिससे आपको बहुत नुकसान हो सकता है या फिर कंप्यूटर को किसी भी तरह से हानि पहुंचाने का कार्य कर सकता है।  स्पाइवेयर और मैलवेयर के जरिए एक कंप्यूटर से दुनिया में बैठे किसी भी अन्य कंप्यूटर से उसके पर्सनल डाटा को चूड़ाकर इंटरनेट की दुनिया में बेचा जा सकता है जिससे रुपए कमा सकते हैं नुकसान है। 

2. मानव हेल्थ समस्याएं

कंप्यूटर का लगातार यूज करने से आंखों में समस्याएं हो सकती है जिससे की आपका आंख खराब होने का खतरा बना रहता है, क्योंकि कंप्यूटर मॉनिटर से अन्य कई तरह के रेडिएशन और ब्लू किरणे भी निकलती है जो आंखों को डायरेक्ट नुकसान पहुंचाती है। चुकी 1990 के दशक के कंप्यूटर में सीआरटी कैथोड राय ट्यूब मॉनिटर का इस्तेमाल किया जाता था जो कि सीधा आंख पर प्रभाव डालता था लेकिन वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी की वृद्धि से आजकल आई प्रोटक्शन फीचर के साथ डिस्प्ले, एलइडी मॉनिटर भी आती है जो आपकी आंखों को काफी हद तक सुरक्षा करती है जिसे मोबाइल स्क्रीन या फिर लैपटॉप स्क्रीन में रीडेबिलिटी मोड कहते है। 

3. कंप्यूटर के बुरी लत

कंप्यूटर की बुरी लत आपको अपनी दैनिक जीवन में  बहुत बड़ी तनाव और परेशानियों का कारण बन सकता है क्योंकि कंप्यूटर पर मिल रही एक से एक मजेदार गेम, एप्प्स, फीचर्स का इस्तेमाल से आप अपनी दैनिक जीवन के अन्य कामों पर ध्यान नहीं दे पाएंगे तो इससे आपका पढ़ाई और परिवार के साथ मिलना जुलना भी काम हो जाएगा कंप्यूटर गेम के अलावा इंटरनेट की दुनिया में अश्लील वेबसाइट पर जाकर आप कम उम्र में ही अश्लीलता का शिकार हो जाएंगे जो कि आगे चलकर शादीशुदा जिंदगी को भी खराब कर सकता है। 

4. बुद्धि की कमी

कंप्यूटर मानव की तरह सोच नहीं सकता यह उसी काम को करेगा जिसका को पहले से जानता है। आप बस कंप्यूटर में किसी कमांड को एंटर करते हो और फिर कंप्यूटर उसी कमांड को बिना उसकी सत्यता की जांच पड़ताल किए बिना पूरा करता है।  अगर आप किसी दूसरे लोगों की फाइल  या फोटोस को डिलीट करते है, तो कंप्यूटर बिना यह सोचते हुए कि आप किस उद्देशय से इस फाइल को डिलीट कर रहे हो computer उसे बस डिलीट कर देता है। computer खुद से ऑपरेट नहीं हो सकता, हमें ऑपरेट करना होता है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कंप्यूटर को मानव की तरह तर्क करने और सोचने के लिए बनाया जा रहा है जिससे कि ऑटोमेशन और डिसीजन वाले काम  फ्यूचर में संभव हो सकें। 


निष्कर्ष:

इस आर्टिकल में आपने कंप्यूटर से संबंधित जानकारियां हासिल की। अापने सबसे पहले कंप्यूटर क्या है कंप्यूटर का फुल फॉर्म औरपरिभाषा क्या है के बारे में जाना। आपने सीखा कि कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जो हमारे काम को आसान करता है आसान भाषा में computer एक ऐसा डिवाइस है जो आपके दिए गए निर्देशों का पालन करता है और आपकेदिए गए आदेश के अनुसार काम करके आउटपुट भी प्रदान करता है।

कंप्यूटर का कोई स्टैंडर्ड परिभाषा तो नहीं है पर मैंने आपको सबसे सटीक और सरल परिभाषा बताया है,  कंप्यूटर एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो प्रोग्रामेबल है मतलब कि हम computer में सॉफ्टवेयर के दुवारा किसी एक निश्चित समय में किसी एक तरह के टास्क परफॉर्म करने के लिए प्रोग्राम कर सकते हैं और फिर अगर हम चाहें तो दूसरी समय में दूसरी तरह के टास्क परफॉर्म करने के लिए दोबारा प्रोग्राम कर सकते हैं और इसी तरह हम जितनी मर्तबा चाहे उतनी मर्तबा प्रोग्राम करके कंप्यूटर से ऑटोमेटिक टास्क परफॉर्म करा सकते हैं।

मैंने आपको computer फुल फॉर्म का हिंदी में मतलब बताया जो की, विशेष रूप में उपयोग की जाने वाली तकनीकी और शैक्षिक अनुसंधान के लिए सामान्य रूप से संचालित मशीन है,और इसका इंग्लिश में मतलब कुछ इस तरह होता है Commonly Operated Machine Particularly Used for Technical and Educational Research.

यहा आपको Computer का आविष्कारके बारे में बताया, Modern computer के पिता चार्ल्स बैबेज को जाना जाता है, जिन्होंने पहली बार कंप्यूटर का आधार रखा आज हम जिस कंप्यूटर में इतने सारे काम करते हैं उसका क्रेडिट चार्ल्स बैबेज को भी दिया जाता है। मैंने आपको फिर Computer की उपयोगिताएं के बारे में बताया: अलग-अलग क्षेत्र में जैसे कि विज्ञान के क्षेत्र में कंप्यूटर का इस्तेमाल रिसर्च उद्देश्य के लिया किया जा रहा है।

डाटा एनालिसिस और प्रिडिक्शन के लिए computer का इस्तेमाल किया जा रहा है। computer तो  टीचिंग के क्षेत्र में ऑनलाइन पढ़ने और पढ़ाने का एकमात्र जरिया बन गया है। आपने फिर कंप्यूटर के इतिहास के बारे में जाना की अलग-अलग लोगों ने अपनी मुख भूमिका निभाई है। अभी आप computer को जिस रूप में देखते हो उस रूप में computer पहले नहीं था यानी कि पहले mechanical computer होती थी जो की गणना करने के काम आती थी। मतलब की एक प्रकार की एनालॉग कंप्यूटर होती करती थी। फिर आपने Computer की पीढ़ियां (जेनरेशन): अभी कंप्यूटेट की पाँचवी पीढ़ी सबसे लेटेस्ट पीढ़ी है, जिसका आधार आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस है। 

फिर अंत में आपने Computer के लाभ और हानि के बारे में भी जाना जैसे: जैसे कंप्यूटर में डाक्यूमेंट्स को एक जगह से दूसरी जगह बहुत कम समय में भेज सकते हैं, कंप्यूटर की मदद से बहुत बड़ी गणितीय प्रॉब्लम कुछ सेकेंड्स में हल कर सकते हैं इसके अलावा अन्य कई फायदे हैं। Computer के नुकसान: साइबर सिक्योरिटी का खतरा, मानव हेल्थ समस्याएं:  कंप्यूटर का लगातार यूज करने से आंखों में समस्याएं हो सकती है। विक्की आर्टिकल आपको बहुत इनफॉर्मेटिव लगी होगी और आपको नया सीखने को मिला होगा तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए। 

आपके काम की अन्य पोस्ट:-

मुझे टेक्नोलॉजी के बारे में पढ़ना और लिखना बहुत अच्छा लगता है। इंटरनेट टेक्नोलॉजी के बारे में लोगों के साथ जानकारी शेयर करके मुझे खुशी महसूस होती है। इसके अलावा फोटोग्राफी करना मेरी हॉबी है। मैंने एक इंजीनियर के रूप में शिक्षा ली है और पेशे से अब मैं एक पार्ट-टाइम Professional Blogger हूँ।

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