Computer मेमोरी क्या है; इसके प्रकार (सम्पूर्ण जानकारी)

आज के इस डिजिटल युग में जैसे लगभग सभी स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते है। ठीक वैसे ही लगभग सभी Computer का भी इस्तेमाल करते है। शायद आप भी Computer का इस्तेमाल अच्छे से जानते होंगे। तब तो आप Computer Memory के बारे में भी ज़रूर सुने होंगे। 

computer memory kya hai

Computer Memory है CPU अर्थात, Central Processing Unit का एक भाग। जहा कंप्यूटर प्रत्येक डाटा यानिकि तथ्य को स्टोर करके रखता है। तो क्या आप जानते है Computer मेमोरी क्या है?  Memory कितने प्रकार का होता है? Cache मेमोरी क्या होती है? यदि नहीं तो यह पोस्ट आप सभी के लिए बोहोत उपियोगि होने वाला है।

Memory क्या है

Computer के विषय में आप सभी को थोड़ा बोहोत जानकारी तो ज़रूर होगी। और, CPU यानिकि Central Processing Unit को कंप्यूटर का मस्तिष्क बोला जाता है, यह भी आप ज़रूर जानते होंगे। अब आपके जानकारी के लिए बता दे कि Central Processing Unit का तीनों भाग होता है जैसे, पहेला भाग CU यानिकि Control Unit, दूसरा भाग ALU यानिकि Arithmetic and Logic Unit, और, तीसरा भाग MU यानिकि Memory Unit। 

अर्थात, मेमोरी यूनिट CPU का ही एक पार्ट हे यह तो आप पहले ही जान गए है। अब सवाल है कि Memory क्या है? इसके उत्तर मे बता दें कि Computer का एक महत्वपूर्ण कार्य हे data को स्टोर करना यानिकि, Data Storage। कंप्यूटर इन सारे तथ्य को एक निर्धारित जगह पर temporarily या फिर permanently स्टोर करके रखता है, और इस जगह को ही storage device अर्थात Memory कहां जाता है। 

Computer के सारे डाटा मेमोरी पर ही संचित रहेता है। आमतौर पर Memory को किलोबाइट, मेगाबाइट, गीगाबाइट, टेराबाइट, आदि इकाई के रूप में नापा जाता है।

अब तक इस पोस्ट के माध्यम से मेमोरी क्या है के बारे में आपने जानकारी प्राप्त किया है। अब सवाल आता है कि मेमोरी कितने प्रकार का होता है अर्थात, Memory के प्रकार।

इसके उत्तर मे बता दें कि डाटा यानिकि तथ्य संचित करने की कैपेसिटी और, विशेषता के अनुसार मेमोरी चार प्रकार का होता है। जैसे हमने नीचे बताया हे।

Memory के प्रकार

मेमोरी चार प्रकार का होता है –

  1. Primary Memory (प्राथमिक मेमोरी)
  2. Secondary Memory (सेकेंडरी मेमोरी)
  3. Cache Memory
  4. Flash Memory

उपर में बताए गए मेमोरी के प्रकार के बारे में हमने नीचे विस्तार में वर्णन किया है।

1. Primary Memory

Primary Memory यानिकि प्राथमिक मेमोरी CPU के साथ जुड़ा हुआ एकप्रकार का अस्थायी मेमोरी है, जहा Input Device से प्राप्त ज़रूरी तथ्य जमा होता है। इस मेमोरी में data बोहोत जल्द ही एक्सेस होता है। 

ध्यान दें

Primary Memory को अस्थायी मेमोरी बोला जाता है, क्यों की computer में काम करते वक़्त यदि किसी कारणवश करेंट ऑफ हो जाए तब इस मेमोरी में स्थित सब डाटा डिलीट हो जाता है।”

 Primary Memory को दोनों प्रकार में बांटा जाता है। जैसे

  • RAM
  • ROM

RAM (Random Access Memory)

RAM दो प्रकार का होता है जैसे Static RAM, और Dynamic RAM। अब इन दो प्रकार के RAM के बारे में हमने नीचे पूरे विस्तार में बताया है।

RAM

परन्तु, यदि किसी भी कारणवश करेंट ऑफ हो जाए तब RAM से सारे तथ्य डिलीट हो जाता है। इसीलिए, RAM को Volatile Memory कहा जाता है

  1. Static RAM(स्टेटिक RAM)

आमतौर पर, स्टेटिक RAM ट्रांजिस्टर टेक्नोलॉजी के तहत तैयार किया जाता है। और, डायनामिक RAM के तुलना में यहां बोहोत ज़्यादा ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल होता है। इसीलिए यह RAM बोहोत ही कम समय में किसी भी तथ्य को आसानी से access कर सकता है।

स्टेटिक RAM बोहोत expensive होता है। इसको रिफ्रेश करने की कोई ज़रूरत नहीं होती है। इस प्रकार का RAM बोहोत ही कम संख्यक कंप्यूटर में इस्तेमाल होता है।

  1. Dynamic RAM (डायनामिक RAM)

इस तरह का RAM आमतौर पर, capacitor technology के तहत तैयार किया जाता है। यहां इस्तेमाल होने वाला कैपेसिटर का Electrical Charges बोहोत जल्द ही खत्म हो जाता है।  इसीलिए इस डायनामिक मेमोरी को रिफ्रेश करने की जरूरत होती है।

इस प्रकार की मेमोरी का काम करने का गति बोहोत ही कम होता है। यह Dynamic RAM कम एक्सपेंसिव होता है। यह स्टेटिक RAM के तुलना मे 4 गुना ज़्यादा डाटा संरक्षण करके रख सकता है।  इसीलिए, ज़्यादातर कंप्यूटर में ही D-RAM इस्तेमाल किया जाता है। 

  • ROM (Read Only Memory)

ROM है अर्ध प्रबहकिय मेमोरी यह, सारे तथ्य को  स्थायि रूप में संचित रखता है। और, कंप्यूटर इस्तेमाल करते वक़्त यदि किसी कारणवश करेंट ऑफ हो जाए तब इस मेमोरी में संचित data डिलीट नहीं होता है।  इसीलिए, ROM को non-volatile-memory कहा जाता है। 

Rom

कंप्यूटर मे कार्य करने के लिए जितना भी महत्वपूर्ण डाटा ज़रूरी होता है, वह इस ROM में ही संचित रहेता है। उदाहरण के तौर पे BIOS यानिकि Basic Input Output System को कंप्यूटर ROM में ही संचित रखता है। क्यों कि BIOS प्रोग्राम ही कंप्यूटर का बेसिक कार्य संचालन करता है। 

ध्यान दें 

“ROM का सब तथ्य पढ़ा तो जा सकता है परन्तु, यहां किसी डाटा को लिखा नहीं जा सकता।”

RAM की तरह ROM के भी कई प्रकारभेद है। ROM चार प्रकार का होता है। जैसे कि हमने नीचे इन प्रकारों के नाम और उसका सम्पूर्ण नाम के विषय में बताया है।

  1. PROM (Programmable Read Only Memory)
  2. EPROM (Erasable Programmable Read Only Memory)
  3. EEPROM (Electrically Erasable Programmable Read Only Memory)
  4. UVPROM ( Ultra Violet Programmable Read Only Memory)

 2.  Secondary Memory

आमतौर पर, Secondary Memory को कंप्यूटर में  storage device के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। जिसका प्राथमिक लक्ष्य है अधिक तथ्य संचित करना। 

इसका एक महत्वपूर्ण फायदा हे की कंप्यूटर में काम करते वक़्त यदि किसी कारणवश करेंट ऑफ हो जाता है तब ROM की तरह इस मेमोरी में भी संचित डाटा व इंफॉर्मेशन कभी भी डिलीट नहीं होता है।

और, यह सेकेंडरी मेमोरी बोहोत जल्द ही प्राइमरी मेमोरी में डाटा ट्रांसफर कर सकता है। Secondary Memory को प्राइमरी मेमोरी की तरह दो हिस्सों में बांटा जाता है। जैसे Magnetic Media और, Optical Media।

Magnetic Media

कंप्यूटर में मैगनेटिक ऑक्साइड के एक पतला प्लास्टिक का प्लेट रहेता है जहां, डाटा को लिखा और, पड़ा जाता है। यह प्लेट्स Magnetic Media का अन्तर्गत होता है।

जैसे Hard Disk, Floppy Disk आदि। अब इन दो प्रकार के मैगनेटिक मिडिया के बारे में हमने नीचे विस्तार में बर्णन किया है।

  1. Hard Disk

Computer में बोहोत सारा डाटा स्थायि रूप में संचित रखने के लिए Hard Disk इस्तेमाल किया जाता है। यह हार्ड डिस्क पतलि एल्युमिनियम की मिश्र धातु द्वारा तैयार किया जाता है। इसीलिए इसे platter कहेते है। एक डिस्क में बोहोत सारे एल्युमिनियम का पतला डिस्क रहेता है। 

और, disk का हर एक साइड में एक read- write- head रहेता है, जो डाटा को एक्सेस करने के लिए इस्तेमाल होता है। वर्तमान समय में Hard Disk 320 GB (गीगाबाइट) से लेके 1 TB (टेराबाइट) तक डाटा संचय करके रख सकता है। 

  1. Floppy Disk(फ्लॉपी डिस्क)

यह floppy disk हार्ड डिस्क के तरह ही एक प्रकार  का डिस्क है जो, मायलार(Mylar) का एक पतला लयेर के ऊपर फेरिक ऑक्साइड का लेयर देके तैयार किया जाता है। 

वर्तमान समय में इस्तेमाल होने वाला floppy disk का आकार 3.5 inch और, डिस्क की कैपेसिटी 1.44 मेगाबाइट तक होता है। परन्तु, टेक्नोलॉजी के प्रोग्रेस के कारण दिन व दिन floppy disk का उपियोग कम होता जा रहा है। 

Optical Media (ऑप्टिकल मिडिया) 

Optical media है एक क्षेत्र जहा एक तरह का लेज़र लाइट की सहायता से तथ्य को लिखा और पड़ा जा सकता है। जैसे CD, DVD, Blue Ray Disk आदि। 

  1. CD (Compact Disk)

वर्तमान समय का कंप्यूटर में डाटा को संचय करने के लिए Hard Disk और Floppy Disk के अलावा भी  CD यानिकि कॉम्पैक्ट डिस्क का इस्तेमाल किया जाता है। Philips and Sony दोनों कम्पनियों के संयुक्त उद्दम में सर्वप्रथम सन 1987 में CD का आविष्कार हुआ था। यह CD पॉलीकार्बोनेट प्लास्टिक द्वारा तैयार किया जाता है। 

किसी भी तथ्य को पड़ने के लिए यहां 780 नैनोमीटर का लाल लेज़र लाइट इस्तेमाल होता है। एक CD में 650 से लेके 700 मेगाबाइट तक का डाटा संचित रहे सकता है। यह CD तीनों प्रकार का होता है। जैसे- CD-ROM, CD-R, CD-RW आदि।

  1. DVD (Digital Versatile Disk)

DVD यानिकि डिजिटल वर्सेटाइल डिस्क देखने में कुछ CD जैसा ही होता है। परंतु, CD के तुलना में यह DVD का डाटा संचय कैपेसिटी बोहोत ज़्यादा होता है। एक DVD में साधारण रूप में 4.7 GB से लेके 17 GB तक डाटा सेव रहे सकता है।

 आज के समय में DVD में एक साथ पांच या फिर उस से भी ज़्यादा दस्तावेज संचित रहे सकता है। यहां पर किसी भी डाटा को पड़ने या फिर लिखने के लिए DVD-writer का ज़रूरत होता है। 

  1. Blue Ray Disk 

यह Blue Ray Disk एक तरह का ऑप्टिकल डिस्क डिवाइस है। आमतौर पर High Definition video अर्थात HD video, प्लेस्टेशन, विडियो गेम और अन्य तथ्य और इंफॉर्मेशन को संचय करने में इस्तेमाल होता है।

 इस डिस्क का हर एक लेयर 25 गीगाबाइट तक का डाटा सेव करके रख सकता है। Blue Ray Disk का नामकरण इस डिस्क पर यूज किए जाने वाला Blue Violet laser के नाम के अनुसार किया गया है। 


3. Cache Memory

Cache Memory एक तरह का मेमोरी है जो CPU और, RAM के बीच रहेता है। और, यह बोहोत तेज़ गति संपन्न सिलिकॉन का Memory होता है। CPU का कार्यक्षमता बोहोत तेज़ संपन्न होता है। दूसरी तरफ RAM इतना भी जल्द प्रोसेसर व CPU को डाटा ट्रांसफर नहीं कर पाता है। 

Cache Memory

परंतु, कैचे मेमोरी का डाटा एक्सेस टाइम CPU के गति का सामान होता है। इसीलिए, यह कैचे मेमोरी CPU और RAM के बीच मे ही रहे के CPU को उसके ज़रूरत के हिसाब से तथ्य प्रदान करता है।

Cache Memory का इस्तेमाल

Cache Memory का इस्तेमाल होता है कंप्यूटर का गति बढ़ाने के लिए क्यों की, यह मेमोरी CPU और RAM के बीच में रहे के CPU को ज़रूरत के हिसाब से डाटा प्रदान करता है। इसीलिए, CPU बोहोत जल्द डाटा एक्सेस कर पाता है। और, इस  कंप्यूटर का गति बड़ जाता है। 

Cache Memory दो प्रकार का होता है जैसे,

  1. Internal Cache Memory इसे level 1 बोला जाता है।
  2. External Cache Memory इसे level 2 बोला जाता है।

ध्यान दें

  • डाटा एक्सेस करते वक़्त यदि CPU किसी भी ज़रूरी तथ्य को कैचे मेमोरी से प्राप्त करता है तब CPU यानिकि प्रोसेसर उस तथ्य को कैचे मेमोरी से ही एक्सेस करता है। इस प्रक्रिया को कैचे हिट बोलते है।
  • और, दूसरी तरफ प्रोसेसर डाटा प्रोसेस करते वक़्त यदि कोई भी ज़रूरी तथ्य कैचे मेमोरी से प्राप्त नहीं कर पाए, तब कैचे मेमोरी खुद प्राईमरी मेमोरी से ज़रूरी डाटा प्राप्त करके प्रोसेसर को प्रदान करता है। इस प्रक्रिया को कैचे मिस बोलते है। 

4. Flash Memory

Flash मेमोरी है एक महत्वपूर्ण Data Storage Drive। यह मेमोरी कंप्यूटर सिस्टम का USB पोर्टल यानिकि Universal Serial Bus के साथ जुड़ा हुआ रहेता है। फ़्लैश मेमोरी का एक अनोखा उदाहरण है Pen Drive। इसके अलावा वर्तमान समय में डिजिटल कैमरा, IPOD आदि में भी डाटा संरक्षण के लिए फ़्लैश मेमोरी का इस्तेमाल होता है। 

Computer Memory से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण डिफरेंस

इस पोस्ट के माध्यम से अब तक आप मेमोरी क्या है, मेमोरी कितने प्रकार के होते है आदि के बारे में जानकारी प्राप्त किए हे। और, मेमोरी से संबंधित सभी प्रकार के बारे मे भी ज़रूर जान गए है। अब, आपको और एक महत्वपूर्ण जानकारी दे देना ज़रूरी है कि मेमोरी के इन सारे महत्वपूर्ण प्रकार के बीच में बोहोत सारे डिफरेंस है। 

जैसे, primary मेमोरी और secondary मेमोरी, RAM और ROM, Static RAM और Dynamic RAM, Hard Disk और Floppy Disk।

और, इन सारे डिफरेंस को हमने नीचे अच्छे से बर्णना किया है। इन में सबसे पहले बताया गया है Primary memory और Secondary memory में फर्क के बारे में। जैसे

Primary Memory और Secondary Memory में अंतर

Primary MemorySecondary Memory
Primary Memory है एक मेमोरी जो CPU के साथ जुड़ा हुआ रहेता है, जहां इनपुट डिवाइस से डाटा सबसे पहले जमा होता है।सेकंडरी मेमोरी है एक स्टोरेज डिवाइस। और, इसका मुख्य लक्ष्य है बोहोत ज़्यादा तथ्य संचय करना। 
यह प्राईमरी मेमोरी IC चिप के आधार में तैयार किया जाता है।      2.  यह सेकंडरी मेमोरी ऑप्टिकल        मीडिया द्वारा गठित होता है।
प्राईमरी मेमोरी के अलावा कंप्यूटर को चलाना संभव नहीं है।      3.   सेकंडरी मेमोरी के अलावा कंप्यूटर चलाया जा सकता है।
यहां पर डाटा बोहोत कम समय के लिए संचित रहेता है।    4. यहां डाटा हमेशा के लिए संचित रहेता है।
प्राईमरी मेमोरी का डाटा एक्सेस करने की गति बोहोत तेज़ है।  5. सेकंडरी मेमोरी का डाटा एक्सेस करने का गति बोहोत स्लो है। 

  RAM और ROM में अंतर

          RAM                ROM
RAM का आकार ROM के तुलना में छोटा है।ROM का आकार RAM के तुलना में बड़ा ।
RAM का डाटा एक्सेस स्पीड ROM के तुलना में बोहोत ज़्यादा है।      2. ROM का डाटा एक्सेस स्पीड RAM के तुलना में बोहोत कम है।
RAM में यूजर बोहोत आसानी से तथ्य लिख सकता है।    3. ROM में यूजर को एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करके तथ्य लिखना पड़ता है।

Static RAM और Dynamic RAM में अंतर

      Static RAM    Dynamic RAM
Static RAM यानिकि S-RAM का डाटा संचय  करने की कैपेसिटी बोहोत ज़्यादा है।Dynamic RAM यानिकि DRAM का डाटा संचय करने की कैपेसिटी कम है।
स्टेटिक RAM का डाटा एक्सेस स्पीड कम है।    2.  डायनामिक RAM का डाटा एक्सेस स्पीड ज़्यादा है।
यहां ज़्यादा इलेक्ट्रिसिटी खर्च होती है।    3. यहां कम इलेक्ट्रिसिटी खर्च होता है।

Hard Disk और, Floppy Disk में अंतर

      Hard Disk          Floppy Disk
हार्ड डिस्क platter यानिकि पतली एल्युमिनियम का मिश्र धातु के द्वारा तैयार किया जाता है।फ्लॉपी डिस्क माइलार प्लास्टिक के द्वारा तैयार किया जाता है।
यह डिस्क डाटा को पड़ने में कम समय लेता है।      2.  यह डिस्क डाटा को पड़ने में ज़्यादा समय लेता है। 
हार्ड डिस्क CPU के अंदर फिक्स्ड रहेता है।      3. फ्लॉपी डिस्क को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह कैरी किया जा सकता है।

FAQ (Computer मेमोरी से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न उत्तर) –

1. कंप्यूटर के कितने भाग होते हैं उनके नाम बताइए?

कंप्यूटर के मुख्य तीन भाग होते है। Input Unit, Central Processing Unit, Output Unit

2. कंप्यूटर मेमोरी में दर्ज किए जाने वाले डाटा या निर्देश को क्या माना जाता है ?

Computer मेमोरी मे दर्ज किए जाने वाले डाटा या निर्देश को इनपुट माना जाता है।

3. कंप्यूटर की स्थायी मेमोरी कौन सी है?

ROM यानिकि Read Only Memory कंप्यूटर की स्थायी मेमोरी है क्यों कि इस मेमोरी से तथ्य डिलीट नहीं हो जाता।

4. संग्रहित उपकरण कौन सा है?

डाटा को संग्रहित उपकरण बोला जाता है।

5. CPU कौन सा डिवाइस है?

CPU एक प्रोसेसिंग डिवाइस है।

6. सीपीयू के प्रमुख घटक क्या है?

CPU के प्रमुख घटक है CU यानिकि Control Unit, ALU यानिकि Arithmetic and Logic Unit, और, MU यानिकि Memory Unit।

7. IC का पूरा नाम क्या है?

1 IC का पूरा नाम है Integrated Circuit

8. Data क्या है?

Data है एक अर्थहीन निर्देश जो कंप्यूटर प्रोसेसिंग के वक़्त प्रदान किया जाता है।


सारांश

आज के इस पोस्ट पर हमने Computer मेमोरी क्या है, इसके प्रकार के बारे में पूरे विस्तार में बताया है। हमें उम्मीद है आज के ईस ब्लॉग पोस्ट को पढ़कर आप जरूर जान गए होंगे कि Computer मेमोरी क्या है, ये कितने प्रकार के होते हैं।

यदि इस पोस्ट को पढ़कर आपके मन में Computer मेमोरी क्या है, इसके प्रकार से संबंधित कोई सवाल है, तो आप बेजिजक नीचे कमेंट बॉक्स पर कमेंट करके हमें पूछ सकते हैं। अगर आपको लगे की यह पोस्ट आप सभी के लिए उपयोगी है, तब आप LogicalDost के और भी कई पोस्ट को पढ़ सकते हैं।

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