💻Protocol Kya Hai; नेटवर्क प्रोटोकॉल क्या है; Protocol कितने प्रकार के होते है

क्या आप जानते है इंटरनेट कैसे चलता है? इंटरनेट पर मौजूदा Websites आपके कंप्युटर से कैसे Communicate करती है? एक कंप्युटर किसी वेबसाइट को कैसे एक्सेस कर पाता है और ये सभी चीजें मैनेज कैसे होती है?

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इन सभी का एक ही उत्तर है Network Protocols की मदद से एक कंप्युटर से दूसरे कंप्युटर के साथ संपर्क बनाया जाता है। एक कंप्युटर से इंटरनेट पर मौजूदा दूसरे कई सारे कंप्युटर के साथ कम्यूनिकेशन यानि संपर्क बनाने के लिए जीतने भी मैनज्मेंट के कार्य होते है वे सभी Network Protocol के द्वारा किए जाते है।

इस आर्टिकल मे आप Network Protocol के बारे मे जानेंगे। Network Protocol क्या है। Protocol के प्रकार, Protocol के प्रमुख तत्व इत्यादि इन सभी चीजों के बारे मे डिटेल्स मे जानेंगे। तो चलिए सबसे पहले Network प्रोटोकोल क्या है (इसकी परिभाषा) के बारे मे जानते है।

Network Protocol क्या है (परिभाषा)

यह एक डिजिटल भाषा है जिसके जरिए हम दूसरे कंप्युटर के साथ इंटरनेट पर Communicate करते है। इसके बिना इंटरनेट की कल्पना नहीं किजा सकती, ये सेट ऑफ रुल्स होते है जोकि कम्यूनिकेशन के लिए बनाए जाते है और डाटा को एक दूसरे के साथ स्थानतरण करते है। इसको अच्छे से समझने के लिए हम एक उदाहरण लेते है-

माना की आप इंग्लिश भाषा मे Communicate करना चाहते है तो मुझे भी आपके साथ संपर्क बनाने के लिए इंग्लिश भाषा आना चाहिए अर्थात इंग्लिश भाषा के Words भी आने चाहिए तभी संपर्क स्थापित हो सकता है।


Protocol का मतलब क्या है

Protocol का मतलब होता है की एक सही तरीके से इनफार्मेशन का एक्सचेंज करने के लिए दोनों कंप्युटर एंड पर बनाए गए वैसे सेट ऑफ रुल्स जोकि दोनों के दुवारा एक्सेप्ट कीये जा सकते है।

इन नियमों को अपनाकर दो डिवाइस एक दूसरे से Communicate कर सकते हैं और सूचनाओं का आदान-प्रदान भी कर सकते हैं। चलिए अब हम Protocol के प्रकार के बारे मे समझते है


Protocol के प्रकार

इंटरनेट पर हजार से भी ज्यादा Network Protocols है लेकिन वे सभी इनमे से कोई एक प्राथमिक कार्य को करने के लिए होते है।

1. Communication Protocols : उदाहरण के लिए TCP/IP और HTTP

2. Network Management Protocols: उदाहरण के लिए ICMP और SNMP

3. Security Protocols: उदाहरण के लिए HTTPS, SFTP, और SSL Protocol इत्यादि।

ऊपर दिए गए सभी प्रकार के Network Protocol किसी डिवाइस मे बेहतर सुरक्षा के लिए जरूरी है। कुछ डिवाइस मे ये सभी एक साथ मिलकर कार्य करते है और कुछ मे कोई एक उदेश्य के लिए कार्य करते है।

नीचे विभिन्न प्रकार के Network के बारे मे दिए गए है।

  1. TCP/IP Protocol क्या है?

इसका पूरा नाम Transmission Control Protocol/ Internet Protocol होता है। यह एक कंप्युटर से दूसरे कंप्युटर के साथ इनफार्मेशन जैसे-Text मैसेज को भेजने तथा रीसीव करने के लिए उपयोग होता है। इसका अधिकतर इस्तेमाल Desktop Application से किसी Web Application के साथ कम्यूनकैट करने के लिए किया जाता है।

TCP/IP Protocol की कार्य विधि चार लयर्स मे विभाजित की गई है सभी के पास अपना स्पेशल प्रोटोकॉल्स है। इनके बारे मे नीचे दिए गए है।

TCP protocol layer
  1. Application Layer: यह Layer सुनिश्चित करता है की Sending एंड से भेजी गई डाटा को Receiving एंड पर उस फॉर्मैट मे रीसीव कर लिया गया है जो की कम्यूनिकेशन के लिए Accepted और Supported हो।
  2. Transport Layer: यह Layer डाटा के एक साइड से दूसरे साइड मे स्मूथ स्थानतरण के लिए जिम्मेदार होता है तथा भरोसेमंद कनेक्टिविटी, एरर रिकवरी एयर डाटा फ़्लो कंट्रोल के लिए भी जिम्मेदार होता है।
  3. Internet Layer: यह Internet Layer डाटा पैकेट को एक एंड से दूसरे एंड तक भेजता है।
  4. Network Access Layer: Network Access Layer देखता है की कैसे किसी कंप्युटर को किसी खास Network से कनेक्ट किया जा सकता है।

2. SMTP क्या होता है?

इसका पूरा नाम Simple Mail Transfer Protocol है। ये प्रोटोकॉल्स आउटगोइंग ईमेल को भेजने और डिस्ट्रिब्यूट करने के लिए बेहद Important होता है।

3. PPP क्या होता है?

इसका पूरा नाम Point to Point Protocol होता है। यह एक प्रकार का ऐसा कम्यूनिकेशन Protocol है जोकि दो कम्यूनिकेशन डिवाइस के बीच डायरेक्ट Connection स्थापित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

4. FTP Protocol क्या है?

इसका पूरा नाम File Transfer Protocol होता है। यह क्लाइंट सर्वर मोडेल पर कार्य करता है। यह खास तौर पर किसी फाइल को एक कंप्युटर से दूसरे कंप्युटर पर Remotely उस फाइल को ट्रैन्स्फर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

5. IRC Protocol क्या है?

इसका पूरा नाम Internet Relay Chat है। यह एक प्रकार का Text पर आधारित  Communication Protocol है। जोकि क्लाइंट Software के दुवारा सर्वर के साथ संपर्क बनाकर दूसरे क्लाइंट सॉफ्टवेयर पर टेक्स्ट मैसेज भेजता है। यह Protocol अधिक संख्या मे वितरित Network पर कार्य करने के लिए अच्छे होते है।

6. SFTP क्या होता है?

इसका पूरा नाम Secure File Transfer Protocol होता है।

यह FTP प्रोटोकल का अपडेट किया गया वर्ज़न है, जोकि FTP Protocol के तुलना मे बहूत ही सिक्युर होता है। इसका इस्तेमाल किसी फाइल या फ़ोल्डर को हाई सिक्युरिटी के साथ एक कंप्युटर एंड से दूसरे कंप्युटर एंड तक भेजने के लिए किया जाता है।

7. HTTP Protocol क्या होता है?

इसका पूरा नाम Hyper Text Transfer Protocol होता है। यह वेब पेज के लिए बनाए गए है। वेब पेज इन्टरनेट पर किसी खास इनफार्मेशन का एक पेज होता है जिसे HTML (Hyper Text Markup Language) मे लिखा जाता है। चूंकि HTML एक प्रोग्रामिंग भाषा होती है इसलिए इसे ब्राउजर के दुवारा मानव भाषा मे कन्वर्ट किया जाता है। जिसे हम रीड कर समझ सकते है।

HTTP Protocol का इस्तेमाल Hyper Text को इंटरनेट पर Transfer करने के लिए किया जाता है इसे WWW (World Wide Web) कम्यूनिटी के दुवार इनफार्मेशन Transfer के लिए परिभाषित किया गया है। यह Protocol बताता है की इनफार्मेशन को इन्टरनेट पर किस फॉर्मैट मे और कैसे Transfer किया जाना चाहिए। यह वेब पेज पर होने वाले एक्शन और Response को भी बताता है।

8. HTTPS प्रोटोकल क्या होता है?

इसका पूरा नाम Hyper Text Transfer Protocol Secure होता है। HTTPS Protocol HTTP का एक अपग्रेड किया गया वर्ज़न है जोकि बहूत अधिक सिक्युर होता है। इसका इस्तेमाल एक कंप्युटर से दूसरे कंप्युटर के बीच कम्यूनिकेशन को और ही ज्यादा सिक्युर (सुरक्षित) करना है इसके लिए इसमे SSL (Secure Sockets Layer) और TSL (Transport Layer Security), Encryption तथा ऑथेन्टकैशन के लिए इस्तेमाल किये जाते है।

किसी भी सेन्सिटिव इनफार्मेशन जैसे की क्रेडिट कार्ड या OTP इत्यादि को किसी वेबसाईट पर दर्ज करने से पहले आप Protocol का जांच कर ले यदि वह वेबसाईट HTTPS Protocol का इस्तेमाल करती है तो फिर आप सुरक्षित है नहीं तो आपका इनफार्मेशन कहीं बीच मे ही लीक हो सकता है।

9. TELNET प्रोटोकल क्या होता है?

इसका पूरा नाम Terminal Network होता है। ISO के दुवार यह एक Official Protocol होता है जिसका इस्तेमाल वर्चुअल टर्मिनल को इंटरनेट पर एक्सेस करने के लिए किया जाता है। यह एक लोकल मशीन को दूसरे रीमोट मशीन के साथ कनेक्ट करने के योग्य बनाता है। यह क्लाइंट और सर्वर सिद्धांत पर कार्य करता है। लोकल कंप्युटर Telnet Client Program का इस्तेमाल करता है तथा Remote Computer Telnet Server Program का इस्तेमाल करता है।


Protocol के प्रमुख तत्व

नीचे आपको Protocol के मुख्य तत्व यानि की उसके एलिमेंट्स के बारे मे दिए गए।

1. Message Encoding

सबसे पहले भेजने वाले के तरफ से Source मैसेज को Signal एक इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक वैव के फॉर्म मे एन्कोड किया जाता है तब किसी माध्यम जैसे की वायर या वायरलेस के दुवारा Transfer किया जाता है और फिर रीसीवर के दुवारा मैसेज को रीसीव कर उसे डिकोड कर लिया जाता है।

नीचे इस पूरे प्रोसेस का एक Sequence दिया गया है-

Message Source  –> Encoder  –> Transmitter –> Transmitter Medium –>

Receiver –>Decoder –> Message destination

Message Formatting & Encapsulation:

Sender और रीसीवर का एक खास एक्सेप्ट किया जाने वाला फॉर्मैट होता है दोनों एक ही फॉर्मैट मे Communicate करते है।

Message Encapsulation एक प्रोसेस होता है जिसके मदद से एक मैसेज के अंदर दूसरे अन्य मैसेज को ट्रैन्स्फर करने के लिए किया जाता है और यह सोर्स से Destination के तरफ होता है।

Message Size:

यदि कोई मैसेज का साइज़ बड़ा होता है तो उसे छोटे-छोटे टुकड़ों मे तोड़ा जाता है जिसे मैसेज डाटा Slicing कहा जाता है।

Slicing के बाद डाटा छोटे-छोटे टुकड़ों मे विभाजित होते है और फिर इन टुकड़ों को एक-एक कर पैकेट के फॉर्म मे रीसीवर के पास भेजा जाता है।

Message Timing:

यह डाटा Transfer का फ़्लो कंट्रोल को मैनेज करता है यह डाटा Delay और Response Out समय को भी चेक करता रहता है।

Message Delivery Options:

यह मैसेज को कितने कंप्युटर तक डिलिवर करना है इसके बारे मे बताता है। कुलमिकर तीन Delivery ऑप्शन होते है। जिसके नाम नीचे दिए गए है-

Unicast– एक पर्सन के कंप्युटर से दूसरे Single Person के कंप्युटर तक मैसेज को डिलिवर करना Unicast कहलाता है।

Multicast– एक पर्सन के कंप्युटर से दूसरे कई सारे विभिन्न कंप्युटरस तक मैसेज को एक ही समय मे डिलिवर करना Multicast कहलाता है।

Broadcast- कभी – कभी एक पर्सन के कंप्युटर से दूसरे एक जगह के लगभग सभी कंप्युटरस तक मैसेज को एक ही समय मे डिलिवर करना होता है तो यह Broadcast कहलाता है। उदाहरण के लिए TV सीरीअल या क्रिकेट लाइव मैच इन दोनों मे किसी खास (एक प्रकार के मैसेज) को सभी कंप्युटर या TV पर एक ही समय मे दिखाया जाता है।


Network Protocol कार्य कैसे करता है?

Network Protocol कई सारे बड़े-बड़े प्रोसेस को छोटे-छोटे प्रोसेस मे किसी Specific टास्क को करने के लिए बाँट देता है। यह Network के सभी लेवल पर होता है और यह सुनिश्चित कर लिया जाता है की सभी छोटे-छोटे प्रोसेस ठीक तरह से अपने Functioning को पूरा करे ताकि एक बड़े टास्क को ठीक तरीका से पूरा किया जा सके।

Network Protocol आमतौर पर विभिन्न नेटवर्किंग या IT Industries संगठनों के द्वारा Industries Standard के अनुसार बनाए जाते हैं। उदाहरण के लिए कुछ IT ग्रुप्स ने Network Protocol क्रीऐट कीये है जिनके नाम नीचे दिए गए है-

The Institute of Electrical & Electronics Engineers (IEEE)

The Internet Engineering Task Force (IETF)

The International Organization for Standardization (ISO)

The International Telecommunications Union (ITU)

The World Wide Web Consortium (W3C) इत्यादि।


Network Protocol से संबंधित आपके सवालों के जावाब

1. Protocol इन हिंदी?

Protocol का मतलब हिन्दी मे Protocol ही होता है आप इसे नियम कह सकते है जैसे की 2020-21 के पेंडमिक मे Covid Protocol बनाए गाए थे।

2. Protocol का मतलब क्या है?

Protocol का मतलब होता है की एक सही तरीके से इनफार्मेशन का एक्सचेंज करने के लिए दोनों कंप्युटर एंड पर बनाए गए वैसे सेट ऑफ रुल्स जोकि दोनों के दुवारा एक्सेप्ट कीये जा सके।

3. इंटरनेट Protocol से आप क्या समझते हैं?

इंटरनेट Protocol वैसे Protocol होते है जो इंटरनेट के लिए बनाए गए होते है। उदाहरण के लिए- TCP/IP, SMTP, PPP, FTP, HTTP इत्यादि। ये वेबपेज को एक्सेस करने किसी फाइल को दूसरे कंप्युटर पर भेजने और कोई टेक्स्ट मैसेज जैसे की ईमेल इत्यादि को भेजने के लिए बनाए जाते है। ये सभी किसी-न-किसी खास रूल को फॉलो करते है।

4. Network Protocol के नियम

Protocol खुद अपने आप मे नियमों का समूह होता है। जोकि किसी कंप्युटर से दूसरे अन्य कंप्युटर के साथ संपर्क बनाने के लिए जरूरी होते है।

5. HTTP और HTTPS Protocol मे क्या अंतर है?

HTTP का पूरा नाम- Hyper Text Transfer Protocol होता है जबकि HTTPS का मतलब- Hyper Text Transfer Protocol Secure होता है।तो इसके नाम से यह स्पष्ट हो रहा है की HTTPS Protocol HTTP के तुलना मे अधिक सिक्युर है। HTTPS मे एक एक्स्ट्रा सिक्युरिटी Layer जुड़ा होता है जबकि HTTP मे नहीं होता है।

अंतिम शब्द

इस आर्टिकल मे आपने Network Protocols के बारे मे जाना की यह सेटऑफ रुल्स होते है जोकि दो और दो से अधिक डिवाइस को एक Network के साथ कनेक्ट करने के लिए बेहद जरूरी होते है हमने फिर इसके प्रकार के बारे मे जाना जैसे- TCP/IP, FTP, PPP, SMTP इत्यादि अंत मे इसके कॉमपोनेन्टस को भी जाना। उम्मीद है की यह आर्टिकल आपको बहूत इन्फॉर्मटिव लगी होगी।

आपके काम के अन्य पोस्ट:-

मुझे टेक्नोलॉजी के बारे में पढ़ना और लिखना बहुत अच्छा लगता है। इंटरनेट टेक्नोलॉजी के बारे में लोगों के साथ जानकारी शेयर करके मुझे खुशी महसूस होती है। इसके अलावा फोटोग्राफी करना मेरी हॉबी है। मैंने एक इंजीनियर के रूप में शिक्षा ली है और पेशे से अब मैं एक पार्ट-टाइम Professional Blogger हूँ।

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