GPS क्या है कैसे काम करता है फूल फॉर्म क्या है (2021)

जब हम फोन पर किसी ऐप को ओपन करते हैं, तब वह ऐप लोकेशन का परमिशन मांगता है, तब हम फोन के सेटिंग में जाकर GPS को Enable करते हैं परंतु क्या आप यह जानते हैं कि यह GPS क्या है, GPS का Full Form क्या है और GPS कैसे काम करता है, के बारे में यदि नहीं, तो आप बिल्कुल सही ब्लॉक पोस्ट पर आए हैं क्योंकि इस ब्लॉग पोस्ट पर हम आप सभी को GPS के बारे में विस्तार में बताएंगे। 

GPS Kya Hai

GPS आज के समय का एक बहुत ही आधुनिक और उपयोगी आविष्कार है। GPS का प्रयोग किसी अनजान जगह का पता, मौसम का जानकारी इत्यादि जानने के लिए किया जाता है। इस समय में हर कोई व्यक्ति GPS का प्रयोग किसी अनजान जगह को ढूंढने के लिए करते हैं, शायद आप भी GPS का प्रयोग करते होंगे परंतु यदि आप GPS के बारे में कुछ नहीं जानते हैं तब आप इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े। 

GPS क्या है? 

GPS क्या है को अगर हम सरल और साधारण भाषा में परिभाषित करें तो, GPS एक अंतरिक्ष-आधारित सेटेलाइट सिस्टम है, जो हमें हमारे लोकेशन के बारे में जानकारी प्रदान करता है। GPS सैटेलाइट 24 नेटवर्क के समूह द्वारा बनाया गया है, और यह किसी भी मौसम में काम करता है और सिर्फ यही नहीं बल्कि GPS हमें हमारा लोकेशन बताने के साथ-साथ वेलोसिटी और समय के सिंक्रोनाइजेशन का जानकारी भी प्रदान करता है। 

GPS सिस्टम दुनिया के किसी भी कोने पर कार्य को पूरा कर सकता है और यह 24 घंटा किसी भी मौसम पर काम कर सकता है। GPS के द्वारा हम किसी भी लोकेशन पर आसानी से जा सकते हैं, और इस जीपीएस सिस्टम का प्रयोग करने के लिए हमें कोई भी चार्ज नहीं देना पड़ता है यह बिल्कुल मुफ्त है। GPS तीन चीजों द्वारा बनाया गया है जो सैटेलाइट, ग्राउंड स्टेशन और रिसीवर। GPS का प्रयोग विश्व भर में कोई भी कर सकता है। 


GPS का फूल फॉर्म क्या है? 

यदि आप GPS का फुल फॉर्म क्या होता है, के बारे में नहीं जानते है तब आपको बता दें कि, GPS Ka Full Form “Global Positioning System” होता है। GPS का इस्तेमाल ज्यादातर अनजान जगह को पता करने के लिए ही किया जाता है, और आज के समय में आप मोबाइल पर जो Maps ऐप का प्रयोग करते हैं वह भी GPS के द्वारा ही अपने कार्य को पूरा करता है। 


GPS कैसे काम करता है

GPS क्या होता है और GPS का Full Form क्या है के बारे में तो आप लोग जान गए होंगे परंतु GPS कैसे काम करता है के बारे में यदि हम आप सभी को बताएं तो, GPS सैटेलाइट सिस्टम के द्वारा अपने कार्य को पूरा करता है, GPS सैटेलाइट पृथ्वी के हर कोने में स्थित है और यह सैटेलाइट पृथ्वी के ऊपर 50 से भी अधिक संख्या में मौजूद है।

GPS Kaise Kaam Karta Hai

जब आपका फोन यानी कि GPS रिसीवर Maps के द्वारा लोकेशन का पता करता है, तब वह सिग्नल सेटेलाइट के पास जाता है, तब 4 सैटेलाइट सिग्नल ग्राउंड स्टेशन और रिसीवर के द्वारा लोकेशन का सही पता लगाता है, और फिर रिसीवर आपको लोकेशन का सही जानकारी प्रदान करता है।

क्योंकि इन GPS सैटेलाइट सिस्टम पर Atomic Clocks का प्रयोग होता है, इस कारण यह बिल्कुल एक्यूरेट समय बताता है। GPS किसी भी मौसम मे 24 घंटे तक काम करता है और इसका प्रयोग आप बिल्कुल फ्री मे कर सकते हैं इसके लिए आपको कोई भी सब्सक्रिप्शन प्लान या चार्ज नहीं देना पड़ता है।


जीपीएस का आविष्कार किसने किया

GPS के विषय में सभी जरूरी जानकारी तो आप जान ही गए होंगे, परंतु क्या आप यह जानते हैं कि GPS के आविष्कारक कौन थे, यदि नहीं तो आपको बता दें कि GPS को तीन लोगों ने मिलकर बनाया था, जो थे Ivan A. Getting, Bradford Parkinson और Roger L. Easton और यह तीन आविष्कारक इसका आविष्कार केवल अमेरिका के मिलिट्री के लिए ही किया था। 

GPS पहले के समय में केवल US डिफेंस मिलिट्री डिपार्टमेंट के लिए ही उपलब्ध था, परंतु धीरे-धीरे जब GPS का लाभ सभी के सामने आया तब GPS को साल 1983 में ग्लोबली सभी लोगों के लिए चालू कर दिया गया था। आज के समय में GPS का प्रयोग केवल एक मिलिट्री डिपार्टमेंट ही नहीं बल्कि कोई आम आदमी भी बेहद आसानी से कर सकता है। GPS लगभग हर मोबाइल पर उपलब्ध होता है।


जीपीएस कितने का आता है

GPS नेवीगेशन सिस्टम भारत में बहुत ही सस्ते में उपलब्ध है, आप चाहे तो आगे क्लिक करके Amazon या फिर Flipkart वेबसाइट से जीपीएस सिस्टम को ₹2000 से लेकर ₹3000 के बीच खरीद सकते हैं, परंतु यदि आप कोई अच्छा और ब्रांडेड GPS नेवीगेशन डिवाइस लेना चाहते हैं, तो उसका कीमत ₹7000 से लेकर ₹40000 तक के बीच आएगा। 


जीपीएस के उपयोग

जीपीएस सिस्टम का बहुत सारा उपयोगिता है, परंतु यदि हम उनमें से ही कुछ मुख्य उपयोगिता के बारे में आप सभी को बताएं तो वह है- 

  • Location – जीपीएस के द्वारा आप कोई भी लोकेशन का पता लगा सकते हैं। 
  • Tracking – जीपीएस के द्वारा आप किसी व्यक्ति का लोकेशन का पता लगा सकते हैं।
  • Navigation- जीपीएस में नेविगेशन का प्रयोग करके आप एक स्थान से और एक स्थान का पता बहुत ही कम समय में लगा सकते हैं। 

जीपीएस सिस्टम आज के समय में एक बहुत ही उपयोगी डिवाइस में से एक है। जीपीएस आप सभी को सही लोकेशन का पता करने के साथ-साथ एकदम एक्यूरेट समय भी बताता है। यदि आप किसी अनजान जगह में फंस गए हैं और आप वहां से सही जगह पर जाना चाहते हैं तब आप GPS का प्रयोग कर सकते हैं। 


जीपीएस के फायदे

  • जीपीएस सिस्टम के द्वारा आप किसी भी लोकेशन का पता बहुत ही कम समय के अंदर लगा सकते हैं। 
  • जीपीएस सिस्टम दुनिया के किसी भी कोने से कार्य को पूरा कर सकता है। 
  • जीपीएस का प्रयोग करने के लिए हमें कोई भी पैसा नहीं देना होता है, यह बिल्कुल फ्री है और यदि हम जीपीएस डिवाइस के बारे में बताएं तो आप उसे भी बहुत सस्ते में खरीद  सकते हैं। 
  • एक जगह से लेकर दूसरे जगह में जाने में जीपीएस सिस्टम हमें मदद करता है। 

जीपीएस के नुकसान

  • GPS हमें कोई भी लोकेशन के बारे में पता करने में सहायता करता है, परंतु कभी-कभी जीपीएस हमें गलत जानकारी भी देता है। 
  • GPS सिस्टम का नेटवर्क सिग्नल घर के अंदर या फिर कोई पेड़ के नीचे नहीं काम करता है, जो कि जीपीएस का एक समस्या है। 
  • बहुत बार जीपीएस सिस्टम हमें जो जानकारी प्रदान करता है वह Accurate भी नहीं होता है। 
  • GPS कई बार हमें गलत जानकारी प्रदान करता है जिस कारण हमें जीपीएस के साथ मैं एक अलग मैप भी रखना जरूरी है। 

अंतिम शब्द  

जीपीएस आज के समय का सबसे आधुनिक और उपयोगी आविष्कार में से एक है। GPS के माध्यम से हम लोकेशन का पता लगा सकते हैं। उम्मीद करते हैं कि आप इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से GPS क्या है कैसे काम करता है के बारे में विस्तार में जान गए हो होंगे। 

यदि आपके मन में GPS क्या है, GPS कैसे काम करता है से संबंधित कोई भी सवाल है तब आप हमें बेझिझक नीचे कमेंट सेक्शन पर कमेंट करके पूछ सकते हैं। और अगर आपको आज का यह पोस्ट अच्छा लगा है तब आप LogicalDost ब्लॉग के और उपयोगी पोस्ट को पढ़ सकते हैं।

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