Network Topology क्या है; ये कितने प्रकार के होते है; फायदे नुकसान

वर्तमान समय में हम इंटरनेट परिसेबा से जुड़े कई सारे काम कंप्यूटर के जरिए संपन्न करते हैं, और उसी में से एक महत्वपूर्ण कार्य तथ्य प्रेरण प्रक्रिया है, अर्थात एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में डाटा प्रेरण करना। इस प्रक्रिया को संपन्न करने के लिए निर्धारित सभी कंप्यूटर को साथ में जोड़ा जाता है, और इसी प्रक्रिया को इंटरनेट के भाषा में नेटवर्किंग कहेते है।  

topology kya hai

नेटवर्किंग प्रक्रिया का एक अनोखा भाग है Topology। यदि आप नेटवर्किंग के बारे में जानते है, तब आप ज़रूर Topology के बारे मे भी शुने होंगे परंतु, यदि आप Topology क्या है, Topology कितने प्रकार के होते है के बारे में नहीं जानते है तब यह पोस्ट आप सभी के लिए बहुत उपयोगी होने वाला है।

Topology क्या है

आमतौर पर नेटवर्क की आकृति को ही Topology कहां जाता है, अर्थात “Topology is a layout of network”। Topology Kya Hai यदि इस सवाल को अच्छे से परिभाषित किया जाए तो टोपोलोजी नेटवर्क का Structure अर्थात ज्यामिति विन्यास को दर्शाता है। नेटवर्क सिस्टम के अन्तर्गत सभी कंपोनेंट आपस में किस प्रकार से जुड़ा रहेता है, एक दूसरे के साथ कैसे कम्युनिकेशन करता है, डाटा ट्रांसमिशन का गति आदि टोपोलोजी के द्वारा ही निर्धारित होता है। 

Topology कितने प्रकार के होते है

एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में डाटा ट्रांसमिशन के जरिए नेटवर्किंग से संबंधित कार्य अर्थात Email, File Sharing, social networking आदि संपन्न किया जाता है और, जिस प्रक्रिया के तहत यह कार्य संपन्न होता है, उसे Topology कहेते है। इस पोस्ट पर इससे पहले ही आप Topology के बारे में जान गए है। 

अब सवाल आता है की आखिर Topology कितने प्रकार के होते है, सरल भाषा में कहां जाए तो टोपोलोजी आमतौर पर दो प्रकार का होता है तथा Physical Topology और Logical Topology। परन्तु, मुख्य रूप में Topology कुल 6 प्रकार के होते है जो फिजिकल टोपोलोजी के अन्तर्गत है जैसे –

  1. Star Topology
  2. Bus Topology
  3. Ring Topology
  4. Mesh Topology
  5. Tree Topology
  6. Hybrid Topology

इन सभी प्रकारों के बारे मे हमने नीचे बिस्तार से वर्णन किया है। 

1. Star Topology (स्टार टोपोलोजी)

स्टार टोपोलोजी नेटवर्क सिस्टम का एक महत्वपूर्ण टोपोलोजी है। इस प्रकार के टोपोलोजी में एक central computer रहेता है, जिसे नेटवर्क के परिभाषा में server या फिर Hub बोला जाता है। 

और, इस टोपोलोजी से जुड़ा हुआ अन्य सभी कंप्यूटर को client या फिर Node बोला जाता है। यहां सभी client computer आपस में जुड़ा हुआ नहीं रहेता है। पल्की, client computer डायरेक्टली Hub के साथ जुड़े होते है।

star topology

इस नेटवर्क में central यानिकि host computer पूरा नेटवर्क को कंट्रोल करता है। होस्ट कंप्यूटर के माध्यम से ही डाटा प्रेरण किया जाता है। यहां सभी कंप्यूटर Hub के साथ स्टार यानिकि सितारा की जैसा ज्यामिति विन्यास में युक्त रहेता है इसीलिए, यह टोपोलोजी Star Topology कहलाता है। 

इस टोपोलोजी के अन्तर्गत कोई भी client computer जब डाटा प्रेरण करता है तब वह डाटा पहले Hub रिसीव करता है। उसके बाद, रिसीव किया हुआ डाटा का address जिस client computer के साथ मिल जाता है, hub से तथ्य उस निर्धारित कंप्यूटर में प्रेरित होता है।

ध्यान दें

स्टार टोपोलोजी में सभी कंप्यूटर को connected रखने के लिए Coaxial Cable का इस्तेमाल किया जाता है।”

सुविधा / लाभ

  1. स्टार टोपोलोजी के अतंर्गत कोई भी कंप्यूटर यदि किसी कारणवश खराब हो जाए तब बहूत ही आसानी से उस कंप्यूटर को नेटवर्क से अलग किया जा सकता है। इस कारण नेटवर्क प्रभावित नहीं होता है।
  1. इस टोपोलोजी में इस्तेमाल होने वाला केबल यदि नष्ट हो जाए तब आसानी से उसे बदल कर दूसरा केबल भी इस्तेमाल किया का सकता है।
  1. ये टोपोलोजी बहुत ही प्रभावी लागत अर्थात, cost effective है।
  1. Star topology में सर्वर अर्थात सेंट्रल कंप्यूटर के साथ अधिक संख्या में कंप्यूटर को जोड़के नेटवर्क को आसानी से ही प्रसारित किया जा सकता है।
  1. यहां hub के माध्यम से ही सभी कंप्यूटर में डाटा एक्सचेंज प्रक्रिया होता है। और, hub पूरा स्टार टोपोलोजी को नियंत्रण करता है।
  1. इस टोपोलोजी का data speed बहुत ही ज़्यादा है। ये लगभग 100Mbps का bandwidth को support करता है। Ethernet 100base T सबसे लोकप्रिय स्टार टोपोलोजी है।  

असुविधा / हानि

  1. स्टार टोपोलोजी सम्पूर्ण रूप से सेंट्रल कंप्यूटर अर्थात hub के उपर निर्भरशील रहेता है, जो इस टोपोलोजी का सबसे बड़ा हानि है। क्यों की, यहां सेंट्रल कंप्यूटर अर्थात hub यदि किसी कारणवश खराब हो जाए तब पूरा नेटवर्क सिस्टम का कार्यगति ही रुक जाती है।
  1. इस प्रकार के टोपोलोजी में नेटवर्क के साथ जितना भी कंप्यूटर जुड़ा हुआ रहेता है, उन सभी कंप्यूटर अर्थात, नोड के लिए अलग अलग केबल का ज़रूरत होता है। इसीलिए इस टोपोलोजी में खर्च बहुत ज़्यादा होता है।
  1. स्टार टोपोलोजी में नेटवर्क के साथ यदि अधिक संख्या में कंप्यूटर को जोड़ दी जाए तब इस नेटवर्क का डाटा एक्सचेंज करने का क्षमता घट जाता है। 

2. Bus Topology (बस टोपोलोजी)

लोकल एरिया नेटवर्क के अन्तर्गत सबसे सरल और साधारण टोपोलोजी है Bus Topology। इस टोपोलोजी में प्रत्येक कंप्यूटर आपस में एक लंबे तार की सहायता से जुड़ा हुआ रहेता है। इस तार को Backbone Cable या फिर Trunk बोलते है। 

bus topology

इसका लंबाई 180 से लेकर 185 मिटर तक होता है।  इस केबल के द्वारा Electronic signal के माध्यम से एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में डाटा एक्सचेंज होता है। बस टोपोलोजी में बहुत सारे कंप्यूटर एक साथ जुड़ा हुआ रहेता है। 

इस प्रकार के टोपोलोजी में एक निर्धारित कंप्यूटर के उद्देश्य से बैकबोन केबल के जरिए तथ्य प्रेरित किया जाता है, इसीलिए तब सिर्फ वह निर्धारित कंप्यूटर ही प्रेरित डाटा को ग्रहन करता है। बस टोपोलोजी का एक साधारण एक्सेस मेथड है CSMA अर्थात, Carrier Sense Multiple Access।

ध्यान दें

“CSMA एक मीडिया एक्सेस कंट्रोल है, जो data flow को नियंत्रण करने में सहायता करता है। सिर्फ यही नहीं, इससे डाटा का अखंडता अर्थात, data integrity भी नियंत्रित होता है।”

सुविधा / लाभ

  1. बस टोपोलोजी में इस्तेमाल होने वाला केबल लंबाई में बोहोत छोटा होता है। इसलिए यह नेटवर्क ज़्यादा expensive भी नहीं होता है। 
  1. बस टोपोलोजी का गठन बोहोत सरल है। इस नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाला केबल के साथ कनेक्टर के सहायता से दूसरा केबल जोड़ के केबल को बड़ा किया जा सकता है। इस तरीके से ज़रूरत के हिसाब से अधिक संख्या में कंप्यूटर को इस नेटवर्क के साथ जोड़ा जा सकता है। 
  1. Bus Topology के अन्तर्गत कोई भी कंप्यूटर यदि किसी कारणवश खराब हो जाए तब दूसरे कंप्यूटर में डाटा प्रेरण करने की प्रक्रिया में कोई भी असुविधा नहीं होती है। अर्थात, नेटवर्क सिस्टम का कार्यगती बरकरार रहेता है।
  1. यह टोपोलोजी बहूत ही छोटा आकृति का होता है, इसीलिए यहां कोई भी डाटा खो जाने का संभावना नहीं रहेता है।
  1. यहां सिर्फ coaxial cable या फिर twisted pair cable ही इस्तेमाल होता है, जो 10 Mbps से ज़्यादा डाटा ट्रांसफर को सपोर्ट करता है। 

असुविधा / हानि

  1. Bus Topology बहुत सहज और सरल टोपोलोजी है परन्तु, इसका कोई भी त्रुटि निर्धारण करना बहुत ही मुश्किल है।
  1. इस टोपोलोजी का बैकबोन केबल यदि किसी कारणवश खराब हो जाए तब पूरा नेटवर्क सिस्टेम ही खराब हो जाता है, जो इसका सबसे बड़ा हानि है। 
  1. इस टोपोलोजी में trunk के जरिए डाटा एक दिशा से दूसरी दिशा में प्रेरित होता है। इसमें trunk के जरिए एक ही signal लगातार प्रेरित होता रहेता है। जिसके कारण तथ्य भेजने में बहुत पड़ेशानी होती है। इस पड़ेशनी को दूर करने के लिए trunk के दोनों दिशा अर्थात, प्रारम्भ और अंत के तरफ दो terminator लगाया जाता है। 
  1. यदि किसी कारणवश यह टोपोलोजी सिस्टम नष्ट हो जाए तब पूरे trunk अर्थात cable को ही परिवर्तन करना पड़ता है जो कि बहुत expensive है।

3. Ring Topology (रिंग टोपोलोजी)

इस टोपोलोजी में सभी computer सिर्फ एक केबल के माध्यम से रिंग के आकार में स्थित रहेता है, इसीलिए इसे Ring Topology बोलते है। बस टोपोलोजी की तरह रिंग टोपोलोजी में कोई खुला किनारा नहीं रहेता है, यह एक circle की तरह पूरा बंद रहेता है। 

ring topology

इस टोपोलोजी में डाटा प्रत्येक कंप्यूटर के जरिए प्रेरित होता है। इसीलिए सब कंप्यूटर इस तथ्य को पड़ सकता है। यहां clockwise one direction में डाटा प्रेरण होता है। रिंग टोपोलोजी अलग अलग आकार का भी हो सकता है। परन्तु, फिर भी इस टोपोलोजी के अन्तर्गत सभी कंप्यूटर closed loop व बंद शृंखला में ही रहेता है। 

Ring Topology का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है FDDI अर्थात, Fiber Distributed Data Interface। इस टोपोलोजी का एक साधारण एक्सेस मेथड है Token passing।

ध्यान दें

Token- टोकन एक फ्रेम है जो नेटवर्क के चारो तरफ घूमता है।

Token passing- ये एक एक्सेस प्रक्रिया है जो टोकन को एक node से दूसरे नोड में प्रेरण करने में सहायता करता है।”

सुविधा / लाभ

  1. रिंग टोपोलोजी में इस्तेमाल होने वाला केबल का लंबाई बस टोपोलोजी में इस्तेमाल होने वाला केबल के तुलना में कम होता है, इसीलिए इस टोपोलोजी का विश्वसनीयता भी बहुत कम है।
  1. इस टोपोलोजी में Fibre Optic Cable का इस्तेमाल किया जाता है। इसी कारण बस टोपोलोजी के तुलना में रिंग टोपोलोजी में डाटा प्रेरण बहुत तेज़ गति से होता है।
  1. इस टोपोलोजी का गठन सहज और सरल है। यहां आसानी से कंप्यूटर का त्रुटि निर्धारण किया जा सकता है।
  1. रिंग टोपोलोजी में प्रेरित तथ्य उस टोपोलोजी के अन्तर्गत सभी कंप्यूटर के द्वारा नियंत्रित होता है।

असुविधा/ हानि 

  1. रिंग टोपोलोजी के अन्तर्गत कोई भी कंप्यूटर यदि खराब हो जाए तब पूरा नेटवर्क सिस्टम नष्ट हो जाता है।
  1. इस टोपोलोजी में किसी एक नोड में यदि फॉल्ट दिखाई दे तब अन्य सारे नोड भी इससे प्रभावित होता है।
  1. रिंग टोपोलोजी में नेटवर्क सिस्टम की structure को परिवर्तन करना बहुत जटिल है। 
  1. इस टोपोलोजी में यदि अधिक संख्या में कंप्यूटर को जोड़ दिया जाए तब communication प्रक्रिया की गति कम हो जाता है। इसीलिए, यहां ज़्यादा संख्या में कंप्यूटर को जोड़ा नहीं जा सकता है।  
  1. स्टार टोपोलोजी के तुलना में यह टोपोलोजी कम इस्तेमाल होने वाला टोपोलोजी है। क्यों की, रिंग टोपोलोजी के जरिए कार्य करने के लिए जटिल सॉफ़्टवेयर का ज़रूरत होता है।
  1. इस टोपोलोजी के जरिए उच्च गुणवत्ता कार्य करने के लिए बस टोपोलोजी के तुलना में यहां जटिल हार्डवेयर का आवश्यकता होता है।

4. Mesh Topology (मेश टोपोलोजी)

Mesh Topology का अर्थ है जाल टोपोलोजी। इसे मेश नेटवर्क भी बोलते है। मेश टोपोलोजी एक नेटवर्क टोपोलोजी है, जहा सभी नोड एक दूसरे के साथ interconnection के जरिए जुड़ा रहेता है। यहां हमें कोई host computer देखने को नहीं मिलता है। पल्कि, इस टोपोलोजी में सब नोड बहुत आसानी से आपस मे डाटा एक्सचेंज करते है।

mesh topology

जहा संचार विफलता एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है वहां मुख्य रूप से WAN(Wide Area Network) का कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए Mesh Topology का इस्तेमाल किया जाता है। इस टोपोलोजी में wireless network का इस्तेमाल होता है। Internet इस नेटवर्क टोपोलोजी सिस्टम का एक अनोखा उदाहरण है। 

ध्यान दें

“मेश टोपोलॉजी में सूत्र का उपयोग करके केबल की संख्या निर्धारण की जाती है:  

Cable की संख्या = (n*(n-1))/2;

यहां n नेटवर्क का प्रतिनिधित्व करने वाले नोड्स की संख्या है।”

सुविधा / लाभ

  1. Mesh Topology एक बहुत reliable topology है। इस नेटवर्क टोपोलोजी में यदि किसी कारणवश link breakdown हो जाए तब, इस स्थिति में इस टोपोलोजी से connected nodes का communication system प्रभावित नहीं होता है। 
  1. इस टोपोलोजी में कम्युनिकेशन बहुत fast होता है। यहां किसी नया डिवाइस को जोड़ने से अन्य सभी नोड के बीच होने वाला कम्युनिकेशन नष्ट नहीं होता है। 

असुविधा / हानि

  1. मेश टोपोलोजी में अधिक संख्यक नोड जुड़ा हुआ रहेता है जैसे, router, transmission media, और कई topology।
  1. मेश टोपोलोजी आकार में बहुत लार्ज होता है, और इसे नियंत्रण करना भी कठिन है। यदि यहां नेटवर्क को सही तरीके से मॉनिटर ना किया जाए तब सम्पूर्ण कम्युनिकेशन सिस्टम ही फैल हो जाता है।

5. Tree Topology (ट्री टोपोलोजी)

इस टोपोलोजी में सभी कंप्यूटर डिवाइस एक दूसरे के साथ Tree यानिकी एक पेड़ के फॉर्मेट में जुड़ा हुआ रहेता है, इस कारण इस टोपोलोजी को Tree Topology कहां जाता है। 

यहां बस टोपोलोजी और स्टार टोपोलोजी इन दोनों टोपोलोजी के फीचर्स हमें देखने को मिलता है। जैसे इस टोपोलोजी में बस टोपोलोजी की तरह सभी कंप्यूटर एक केवल के जरिए युक्त रहेता है। 

tree topology

और, स्टार टोपोलोजी की तरह यहां सिर्फ एक ही होस्ट कंप्यूटर रहेता है। आमतौर पर ट्री टोपोलोजी एक structure है, जहां सभी कंप्यूटर एक दूसरे के साथ hierarchy format में जुड़ा होता है।

ट्री टोपोलोजी फॉर्मेट के सबसे उपर में स्थित होस्ट कंप्यूटर को root node बोला जाता है, और अन्य सभी कंप्यूटर उस root node के बंशज है। 

सुविधा / लाभ

  1. Tree topology में आसानी से new device जोड़ा जा सकता है।
  1. इस टोपोलोजी में त्रुटि निर्धारण करना और निर्धारित त्रुटि को सुधारना सहज है। 
  1. यहां सम्पूर्ण नेटवर्क को खंड यानिकि segment में बांटा जाता है। और  इन segment को प्रबंधित करना आसान है।
  1. यह टोपोलोजी broadband transmission को सपोर्ट करता है, जो तथ्य को long distance पर प्रेरण करने में सहायता करता है।
  1. ट्री टोपोलोजी मे यदि ब्रेकडाउन हो जाए तब इस कारण सम्पूर्ण नेटवर्क सिस्टम प्रभावित नहीं होता है।
  1. यहां प्रत्येक segment के लिए point to point wiring का इस्तेमाल होता है।   

असुविधा / हानि

  1. ट्री टोपोलोजी में आवश्यक रूप से इस्तेमाल होने वाला ब्रॉडबैंड ट्रांसमिशन बहुत ही costly है।
  1. इस टोपोलोजी में यदि नया डिवाइस जोड़ा जाए तब इसे configure करना कठिन हो जाता है।
  1. Tree topology मे यदि एक भी नोड खराब हो जाए तब उसे recover करना आसान नहीं है।
  1. यह टोपोलोजी Bus cable के उपर निर्भर करता है, यदि बस केबल नष्ट हो जाए तब पूरा नेटवर्क सिस्टम का नुकसान हो जाएगा।

6. Hybrid Topology (हाइब्रिड टोपोलोजी)

अलग अलग प्रकार के टोपोलोजी के combination को Hybrid Topology बोला जाता है। हाइब्रिड टोपोलोजी में विभिन्न प्रकार के लिंक और नोड रहेता है जो डाटा ट्रांसफर करने मे सहायता करता है।  

यदि एक ही प्रकार का टोपोलोजी का कॉम्बिनेशन होता है, तब उसे हाइब्रिड टोपोलोजी नहीं बोल सकते है। इसीलिए इस टोपोलोजी में डिफरेंट प्रकार के टोपोलोजी का कॉम्बिनेशन होना आवश्यक है। 

जैसे, मान लीजिए Bank of India के एक शाखा का रिंग टोपोलोजी के साथ यदि Bank of India के दूसरे शाखा का बस टोपोलोजी जुड़ जाए तब उसे हम हाइब्रिड टोपोलोजी कहे सकते है। 

सुविधा / लाभ

  1. Hybrid Topology बहुत ही विश्वनीय टोपोलोजी है। इस  टोपोलोजी के किसी भी पार्ट में यदि फॉल्ट दिखाई दे तब वह फॉल्ट नेटवर्क सिस्टम के और भी सारे कार्य को प्रभावित नहीं करता है।
  1. ये टोपोलोजी बहुत flexible होता है, इसीलिए इसे ज़रूरत के हिसाब से डिजाइन किया जा सकता है।
  1. यहां ज़रूरत के हिसाब से अधिक संख्या में कंप्यूटर को जोड़ा जा सकता है।
  1. हाइब्रिड टोपोलोजी बहुत ही प्रभावशाली है। इसका strength बहुत ज़्यादा है, weakness उतना ही कम है।

असुविधा / हानि

  1. Hybrid Topology का architecture बहुत जटिल, और एक्सपेंसिव है। जो, इस टोपोलोजी का सबसे बड़ा हानि है।
  1. इस टोपोलोजी में इस्तेमाल होने वाला Hub बहुत costly होता है। क्यों की, यहां इस्तेमाल होने वाला Hub आमतौर पर, दूसरे टोपोलोजी में इस्तेमाल होने वाला Hub के तुलना में अलग है।

FAQ (Topology से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न उत्तर)

1. Network Topology क्या है?

Local Area Network के अन्तर्गत सभी कंप्यूटर केबल के जरिए आपस में जुड़ा हुआ रहेता है। LAN के अन्तर्गत सभी कंप्यूटर आपस में एक ज्यामिति विन्यास यानिकि Geometry arrangement  के रूप में युक्त रहेता है, इसे नेटवर्क टोपोलोजी बोलते है।

  • 2. LAN क्या है?
  • जिस नेटवर्क का परिधि एक निर्धारित area अर्थात, एक से अधिक बिल्डिंग तक सीमित रहेता है, उसे LAN (Local Area Network) बोला जाता है।

    3. Physical Topology क्या है? 

    टोपोलोजी के अन्तर्गत सभी कंपोनेंट के फिजिकल अरेंजमेंट को फिजिकल टोपोलोजी बोला जाता है। फिजिकल लेआउट, कंप्यूटर, और केबल आदि इस टोपोलोजी के साथ जुड़ा हुआ कुछ डिवाइस है। स्टार टोपोलोजी, रिंग टोपोलोजी, और बस टोपोलोजी है फिजिकल टोपोलोजी।  

    4. Mesh Topology कितने प्रकार का होता है?

    मेश टोपोलोजी मुख्य रूप से दो तरह का होता है। Fully Connected Mesh Topology, इस टोपोलोजी के नेटवर्क में उपलब्ध सब कंप्यूटर आपस में कनेक्टेड रहेता है।
    Partially Connected Mesh Topology इस प्रकार के मेश टोपोलोजी में कुछ कंप्यूटर दूसरे कुछ निर्धारित कंप्यूटर के साथ connected रहेता है अर्थात, partially connected रहेता है।

    5. CSMA/CD क्या है?

    CSMA/CD(Carrier Sense Multiple Access with Collision Detection) एक प्रक्रिया है। Ethernet में इस प्रक्रिया के माध्यम से डाटा एक्सचेंज किया जाता है।

    Ethernet में Bus topology का इस्तेमाल होता है। सब कंप्यूटर यदि साथ में डाटा प्रेरण करता है तब तथ्यसमुह के बीच संघर्ष होने की संभावना रहेता है। 

    इसीलिए, यदि कोई कंप्यूटर तथ्य प्रेरण करना चाहता है, तब उसका NIU ग्राहक नेटवर्क के bus को चैक करके देख लेता है, इसे collision detection बोलते है। और, इस समय बस नेटवर्क में अन्य signal का एक्सचेंज होने की प्रक्रिया को carrier sense कहा जाता है।  

    6. Router का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

    Routine table के जरिए राउटर किसी भी डाटा को बहुत कम समय में सही डेस्टिनेशन पर प्रेरण करने में सहायता करता है।

    7. Data transmission कितने प्रकार का होता है?

    तथ्य प्रेरण करने की प्रक्रिया को data transmission कहा जाता है। यह दो प्रकार का होता है parallel और serial।

  • 8. Bandwidth क्या है?
  • डाटा ट्रांसमिशन माध्यम की उच्चतम और निम्नतम आवृत्तियों के बीच की दूरी को bandwidth बोलते है।
    Kbps, Mbps, Gbps आदि इकाई के द्वारा डिजिटल डाटा का परिमाप किया जाता है। और, दूसरी तरफ KHz(किलोहर्ज), MHz(मेगाहर्ज) आदि इकाई एनालॉग डाटा को नापने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

    9. Logical Topology क्या है?

    नेटवर्क में सिग्नल जिस प्रकार से कार्य करता है या फिर नेटवर्क में कम्युनिकेशन होता है, वह प्रक्रिया ही Logical Topology कहलाता है।

    10. Ring Topology और Star Topology में क्या अंतर है? 

    रिंग टोपोलोजी और स्टार टोपोलोजी में बहुत सारा अंतर है। उन में से कुछ अंतर के बारे में हमने नीचे बताया है-

    Ring TopologyStar Topology
    पीयर टू पीयर कम्युनिकेशन के लिए एप्लीकेबल टोपोलोजी है रिंग टोपोलोजी।प्राथमिक और द्वितीयक प्रकार का कम्युनिकेशन  के लिए एप्लीकेबल टोपोलोजी Star Topology है।
    रिंग टोपोलोजी में एक नोड अपने दोनो दिशा में स्थित नोड के साथ जुड़ा रहेता है। 2. यहां सब डिवाइस एक             सेंट्रल कंप्यूटर के साथ जुड़ा        रहेता है।
    रिंग टोपोलोजी में स्टार टोपोलोजी की तुलना में कम वायर लगता है।3.    स्टार टोपोलोजी मे रिंग टोपोलोजी की तुलना में अधिक वायर लगता है।
    इस टोपोलोजी में नया नोड को जोड़ना मुश्किल है।4. इस टोपोलोजी में नया नोड को जोड़ना आसान है।

    11. Physical Topology और Logical Topology मे क्या अंतर है?

    Physical TopologyLogical Topology
    फिजिकल  टोपोलोजी में नेटवर्क का आकार दर्शाया जाता है।लॉजिकल टोपोलोजी में डाटा ट्रांसमिशन से संबंधित नेटवर्क का लॉजिक दर्शाया जाता है।  
    Bus, Ring, Star, Mesh आदि में फिजिकल टोपोलोजी मौजूद रहेता है।लॉजिकल टोपोलोजी सिर्फ Bus और Ring topology में ही मौजूद रहेता है।

    Full Forms-

    • STP- Shielded Twisted Pair
    • UTP- Unshielded Twisted Pair
    • FOC- Fiber Optic Cable
    • NUI- Natural User Interface

    सारांश

    आज के इस पोस्ट पर हमने Topology क्या है; ये कितने प्रकार के होते है के बारे में पूरे विस्तार में बताया है। हमें उम्मीद है आज के इस ब्लॉग पोस्ट को पढ़कर आप जरूर Topology के बारे में सम्पूर्ण जानकरी प्राप्त कर चुके होंगे। 

    यदि इस पोस्ट को पढ़कर आपके मन में Topology से संबंधित कोई सवाल है, तो आप बेझिझक नीचे कमेंट बॉक्स पर कमेंट करके हमे पूछ सकते है। या फिर Topology के बारे में आप को कुछ अलग जानकारी भी है, तब आप वह भी हमें बता सकते हैं।

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