Computer Hardware क्या है? परिभाषा, प्रकार, भूमिका (सम्पूर्ण जानकारी)

आजका डिजिटल युग में कंप्यूटर के विषय में लगभग सभी जानते है। और, कंप्यूटर के विभिन्न पार्ट के बारे में भी लगभग सभी को पता है। कंप्यूटर के दो मुख्य पार्ट होते है: 1. हार्डवेयर और, 2. सॉफ्टवेयर। सॉफ्टवेयर एक प्रोग्राम है जिसे हार्डवेयर के द्वारा एक्सेस किया जाता है। यानिकि हार्डवेयर के द्वारा सॉफ्टवेयर को नियंत्रण किया जाता है। 

हार्डवेयर क्या है

इतनी जानकारी आप लोगों को ज़रूर होगी। मगर, हार्डवेयर के विषय में क्या सम्पूर्ण जानकारी आपके पास है, शायद नहीं। तो क्या आप जानते है हार्डवेयर क्या है? Hardware के प्रकार। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में अंतर। Computer में हार्डवेयर की क्या भूमिका है आदि। यदि नहीं तो यह पोस्ट आप सभी के लिए बहुत उपीयोगी है।  

हार्डवेयर क्या है? परिभाषा 

आमतौर पर, हार्डवेयर कंप्यूटर का एक फिजिकल पार्ट है जिसके द्वारा सॉफ्टवेयर प्रोग्राम को एक्सेस किया जा सकता है। अब यदि हार्डवेयर क्या है इसे विस्तार से वर्णन करें तो यह एक प्रकार का मशीन के समान है, जो कई छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स से मिलकर तैयार होता है। और, यह हार्डवेयर शब्द का प्रयोग सिर्फ कंप्यूटर में ही नहीं होता है। आपके पास जो स्मार्टफोन है उसका भी हर एक कंपोनेंट को यानिकि मशीन को हार्डवेयर बोला जाता है। 

हार्डवेयर को हम स्पर्श भी कर सकते है। यह हार्डवेयर कंप्यूटर का एक ऐसा पार्ट है जिसके अलावा कंप्यूटर को सोचा भी नहीं जा सकता है, क्यूंकि हार्डवेयर कंप्यूटर का एक शरीर है और सॉफ्टवेयर इसका आत्मा है।

Hardware के प्रकार

Hardware क्या है इसके बारे में आपलोगों को जानकारी प्राप्त हो गई है। अब सवाल आता है हार्डवेयर के प्रकार के विषय में। अर्थात, हार्डवेयर कितने प्रकार का होता है। इसके उत्तर मे बता दें कि हार्डवेयर मुख्य रूप में चार प्रकार का होता है: 1. Input Device, 2. Processing Device, 3. Storage Device, और 4. Output Device.

इन चारों प्रकार के अन्तर्गत बोहोत सारे डिवाइस है, जिनके अलग-अलग विशेषताएँ हैं। हार्डवेयर के प्रकार के बारे में हमने नीचे विस्तार से वर्णन किया है।

1. Input Device

हार्डवेयर के चारों प्रकार में सबसे पहले आता है इनपुट डिवाइस, Keyboard, Mouse, Speaker, Scanner आदि इनपुट डिवाइस है। जैसे:

1) की-बोर्ड (Key-board)

कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण इनपुट डिवाइस है की-बोर्ड (Key- board)। यह की-बोर्ड के जरिए कंप्यूटर में टेक्स्ट और तथ्य अनुप्रबेश और निर्देश प्रदान  का कार्य संपन्न होता है। अर्थात, keyboard के माध्यम से अक्षर (यानिकि A,B,C,D,E आदि) और, संख्या (यानिकि 1,2,3,4,5 आदि) से संबंधित सारे डाटा कंप्यूटर में इनपुट किया जाता है। की बोर्ड में विभिन्न तरह का key हम देख पाते है। 

keyboard

जैसे कि आप जानते है, Alphabet key: A,B,C से लेकर Z तक है, Numeric key: (0-9), Function key: (F1-F12), Navigation key: ⬅️➡️ और,⬆️⬇️ आदि, Special key: caps lock, enter key, इन सारे key के अलावा भी अन्य key है, जैसे: Delete, Insert, Space bar, Shift, Backspace, Alt(अल्टर), Ctrl (कंट्रोल), Home, End, Num lock, Tab आदि है।

2) माउस (Mouse)

कंप्यूटर सिस्टम में इस्तेमाल होने वाला सबसे महत्वपूर्ण इनपुट डिवाइस माउस है। इसे Pointing Device भी कहा जाता है। Mouse का संपूर्ण नाम Mechanically Operated User Serial Engine है। यह माउस दिखने में चूहे की तरह ही होता है, यह तो आप ज़रूर जानते होंगे। इसीलिए, इसका नामकरण हुआ Mouse है। आमतौर पर हर एक माउस का उपर की तरफ left, middle और right तीनों बटन रहता है। जैसे कि आप नीचे प्रदर्शित इमेज मे देख पा रहे है।

mouse

आप लोगों की जानकारी के लिए यह बता दें कि माउस तीन प्रकार का होता है। जैसे, मैकेनिकल माउस, ऑप्टिकल माउस, और, कॉर्डलेस माउस। अब इन तीनों प्रकार के माउस के विषय में जानकारी प्रदान करने के लिए हमने नीचे इस विषय को विस्तार से वर्णन किया है।

i) Mechanical Mouse:

मैकेनिकल माउस एक प्रकार का साधारण माउस है जिसके नीचे की तरफ एक छेद रहेता है, और वहां एक रबर का कठिन बॉल रहेता है। इस माउस के बटन्स में क्लिक करने के जरिए ही कंप्यूटर में निर्धारित कार्य संपन्न किया जाता है।  

परन्तु, टेक्नोलॉजी के प्रोग्रेस की कारण वर्तमान समय  में माउस का structural परिवर्तन हो गया है। इसीलिए आज के समय में ऑप्टिकल माउस और कॉर्डलेस माउस ज़्यादा इस्तेमाल होते है।

ii) Optical Mouse:

ऑप्टिकल माउस में साधारण माउस की तरह दो बटन जैसे, left और right बटन और, मिडिल में एक scroll button रहता है जो एक गोल पहिया जैसा दिखता है। कंप्यूटर स्क्रीन को ज़रूरत के हिसाब से उपर नीचे करके इस स्क्रॉल बटन के माध्यम से ही कंप्यूटर में काम किया जाता है। 

iii) Cordless Mouse: 

कॉर्डलेस माउस में कोई भीकॉर्ड (तार) नहीं रहता है। यह रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए कंप्यूटर के साथ जुड़ा रहेता है। इस तरह का माउस मैकेनिकल और ऑप्टिकल माउस के तुलना में बोहोत expensive होता है।

3) माइक (Mic)

माइक एक इनपुट डिवाइस है। इसके जरिए शब्द को रिकॉर्ड करके कंप्यूटर में एक फाइल के रूप में सेव करके रखा जा सकता है। इंटरनेट में चैटिंग करते वक़्त भी माइक का इस्तेमाल किया जाता है।

4) स्कैनर (Scanner)

स्कैनर एक इनपुट डिवाइस है। किसी भी पिक्चर, राइटिंग को कंप्यूटर में इनपुट करने के बाद उसे मॉडिफाई करके कार्य संपन्न करने के लिए स्कैनर का इस्तेमाल किया जाता है। यह scanner की सहायता से किसी भी document को प्रिंट किया जा सकता है।

scanner

स्कैनर तीन प्रकार का होता है जैसे: Handheld Scanner, Flatbed Scanner, और Drum Scanner। कंप्यूटर में Flatbed scanner का ज़्यादा इस्तेमाल होता है। 

Laptop Motherboard

2. Processing Device

ऊपर में वर्णन किए गए इनपुट डिवाइस में तथ्य इनपुट होने के बाद उस तथ्य को कंप्यूटर प्रोसेस करता है। और, यह डाटा प्रोसेस करने की प्रक्रिया प्रोसेसिंग डिवाइस के माध्यम से ही संपन्न होता है। 

ऐसे महत्वपूर्ण प्रोसेसिंग डिवाइस है CPU, मदरबोर्ड यह तो आप ज़रूर जानते होंगे। आप लोगों की जानकारी के लिए बता दे कि एक्सपेंशन कार्ड, औरग्राफ़िक्स कार्ड भी प्रोसेसिंग डिवाइस है। इन सारे डिवाइस के बारे में हमने नीचे विस्तार से बताया है।

1) CPU

CPU यानिकि Central Processing Unit कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण पार्ट है। यह CPU को कंप्यूटर का ब्रेन यानिकि मस्तिष्क बोला जाता है। क्योंकी यह सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट के द्वारा ही कंप्यूटर सब कार्य सही तरीके से संपन्न कर पाता है

सीपीयू के अलावा कंप्यूटर का कोई अस्तित्व ही नहीं रहता है। वर्काबिलिटी के हिसाब से सीपीयू को तीनों हिस्सों में बांटा जाता है। जैसे कंट्रोल यूनिट, अरिथमेटीक एंड लॉजिक यूनिट, और, मेमोरी यूनिट CPU के इन पार्ट्स के बारे में हमने नीचे विस्तार से बताया है।

i) CU (Control Unit):

कंप्यूटर का सारा काम यह कंट्रोल यूनिट ही नियंत्रण करता है। यह कंट्रोल यूनिट इनपुट यूनिट से डाटा को रिसीव करके अरिथमेटिक एंड लॉजिक यूनिट और, मेमोरी यूनिट के सहायता से उसे प्रोसेस करके आउटपुट डिवाइस में भेजता है।  

ii) ALU (Arithmetic and Logic Unit):

CPU का यह यूनिट यानिकि ALU हर एक प्रकार कागणितीय गणना जैसे: addition, subtraction, multiplication, division, और, किसी भी तरह का लॉजिकल ऑपरेशन आदि को कंट्रोल करके उसे solve करता है। इसके अलावा भी लॉजिकल कार्य यानिकि AND, OR, NOT, NOR, NAND आदि को यह यूनिट नियंत्रण करने में सहायता करता है।   

iii) MU (Memory Unit):

कंप्यूटर के जिस डिवाइस में डाटा स्टोर रहेता है, उसे मेमोरी यूनिट व स्टोरेज डिवाइस बोला जाता है। और, यह मेमोरी यूनिट के विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त करने के लिए कंप्यूटर मेमोरी को पढे। 

2) मदरबोर्ड(Motherboard)

Motherboard कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण हार्डवेयर डिवाइस है। यह डिवाइस कंप्यूटर के अंदर रहता है। साधारण रूप में यह मदरबोर्ड एक PCB यानिकि Printed Circuit Board है। इसे कंप्यूटर सिस्टम का सेंट्रल कम्युनिकेशन बैकबोन कनेक्टिविटी प्वाइंट भी कहेते है, क्यों की मदरबोर्ड कंप्यूटर के  components जैसे RAM, Hard Disk, CPU आदि कोजोड़ कर रखता है।

3) एक्सपेंशन कार्ड(Expansion Card)

एक्सपेंशन कार्ड दो प्रकार का होता है जैसे ग्राफिक्स कार्ड, और साउंड कार्ड।

i) Graphics Card:

ग्राफिक्स कार्ड एक इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट कार्ड है जिसका आकार एक चिप की तरह होता है। इसे मदरबोर्ड के साथ insert किया जाता है। ग्राफिक्स कार्ड का काम कंप्यूटर मॉनिटर में इमेज को रेंडरिंग करना है, यानिकि इमेज डाटा को कंप्यूटर में अच्छे से जेनरेट करना ताकि मॉनिटर डाटा को समझ सके। 

जो व्यक्ति game और video editing पसंद करते है यानिकि gamer और video editors के कंप्यूटर में इस कार्ड का होना जरूरी है। क्योंकी ग्राफिक्स कार्ड की क्वालिटी जितनी अच्छी होगी उतना ही अच्छा इमेज तैयार होगा।

ii) Sound Card:

साउंड कार्ड भी एक इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट कार्ड है, इसे audio card या फिर sound board भी कहते है। इसका काम ध्वनि को उत्पन्न करना है। यानिकि किसी भी ऑडियो को ध्वनित होने में यह सहायता करता है। जिसको हम हेडफोन के माध्यम से सुन सकते है।

4) SMPS

SMPS अर्थात, Switch Mode Power Supply, इसके द्वारा कंप्यूटर में पॉवर सप्लाई होता है। यह एक square आकार का बॉक्स है। यह कंप्यूटर के हर एक components को अलग अलग से पॉवर सप्लाई करने का काम करता है। 

ध्यान दें“आमतौर पर लैपटॉप में मदरबोर्ड के द्वारा ही पॉवर सप्लाई होता है।”

3. Storage Device

कंप्यूटर प्राप्त सारे डाटा को स्टोरेज डिवाइस के जरिए ही संचित करके रखता है। जैसे,

1) RAM

RAM यानिकि Random Access Memory प्राईमरी मेमोरी का एक पार्ट है। RAM एक ऐसा क्षेत्र है, जहां इनपुट डिवाइस से प्राप्त सभी तथ्य जमा होता है। यूजर यहां से किसी भी डाटा को पड़ और लिख सकते है। रैंडम एक्सेस मेमोरी दो प्रकार का होता है जैसे Static RAM, और, Dynamic RAM।

2) हार्डडिस्क(Hard Disk)

कंप्यूटर में तथ्य को संचित रखने के लिए हार्डडिस्क का इस्तेमाल होता है। यह डिस्क पतला एल्युमिनियम का मिश्र धातु द्वारा तैयार किया जाता है, इसे प्लैटर कहेते है। डिस्क की दोनो साइड में मैगनेटिक ऑक्साइड का लेयर रहता है। हार्ड डिस्क की डाटा संचित रखने का क्षमता 320 GB (गीगाबाइट) से लेकर 1TB (टेराबाइट) तक होता है यानिकि हार्डडिस्क का कैपेसिटी बोहोत ज़्यादा होता है। 

4. Output Device

कंप्यूटर में एंटर किए गए डाटा, या फिर निर्देश का हल कंप्यूटर आउटपुट डिवाइस के माध्यम से ही हम देख पाते है। ऐसे महत्वपूर्ण कुछ आउटपुट डिवाइस के बारे में हमने नीचे बताया है। जैसे

1) मॉनिटर(Monitor)

कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण output device Monitor है। इसे Visual Display Unit यानिकि VDU भी बोला जाता है। यह दिखने में TV यानिकि Television की तरह होता है। यह मॉनिटर हर एक चित्र, तथ्य, या फिर किसी भी तरह का आउटपुट या फिर pixel की साइन को बोहोत सुंदर तरीके से अपनी स्क्रीन में चित्रित कर सकता है। 

मॉनिटर स्क्रीन की आकार 14 इंच, 15 इंच, 17 इंच तक होता है और वर्तमान में 21 इंच या फिर उस से भी ज़्यादा आकृति के मॉनिटर का इस्तेमाल प्रचलित में है। मॉनिटर दो प्रकार का होता है जैसे CRT मॉनिटर, और, LCD मॉनिटर और इन दो प्रकार के मॉनिटर के विषय में हमने नीचे विस्तार से बताया है। 

i) CRT Monitor:

CRT मॉनिटर, इस तरह का मॉनिटर आकार में एकदम television जैसा ही होता है। एक TV का प्रधान हिस्सा उसका पिक्चर ट्यूब होता है। ठीक वैसे ही इस तरह का मॉनिटर में प्रधान हिस्सा होता है Cathode Ray Tube (कैथोड रे ट्यूब) अर्थात, CRT।

CRT मॉनिटर का रंग लाल, हरा, और नीला होता है। यह सारे रंग आपस में मिलजुल कर अनगिनत रंगों का निर्माण करता है। इसीलिए, इस तरह का मॉनिटर को “रंगीन मॉनिटर” बोला जाता है। हालाँकि पहले के जमाने में ब्लैक & वाइट CRT मॉनिटर भी होती थी।

ii) LCD Monitor:

LCD Monitor, इस तरह के मॉनिटर में किसी भी तरह का कैथोड रेे ट्यूब नहीं होने के वजह से यह LCD मॉनिटर बोहोत पतला और हल्का होता है। इस तरह का मॉनिटर इस्तेमाल करने से इलेक्ट्रिसिटी का खर्च भी बोहोत कम होता है। इस LCD मॉनिटर का सबसे महत्वपूर्ण सामग्री liquid crystal नामका एक विशेष मॉलिक्यूल है।

इसीलिए, ऐसी मॉनिटर को LCD यानिकि Liquid Crystal Display Monitor कहा जाता है। यहां Thin Film Transistor की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। Personal computer, Laptop, Palmtop, आदि में इस तरह का मॉनिटर इस्तेमाल किया जाता है

2) प्रिंटर(Printer)

कंप्यूटर का एक प्रधान और महत्वपूर्ण आउटपुट डिवाइस प्रिंटर है। कंप्यूटर मॉनिटर में हमलोग जो चित्र देख पाते हैं उसे एक सफेद कागज में प्रिंट भी किया जा सकता है। प्रिंटर की सहायता से जिस सफेद कागज में प्रिंट किया जाता है उसे हार्ड कॉपी (Hard Copy) कहेते है। 

प्रिंटर भिन्न प्रकार का होता है, और ऐसे ही भिन्न प्रकार के प्रिंटर के सहायता से हम अपनी ज़रूरत के हिसाब से ब्लैक एंड व्हाइट, कलरिंग दोनों प्रकार का प्रिंट ही कर पाते है। आमतौर पर, प्रिंटर दो प्रकार का होता है जैसे इंपैक्ट प्रिंटर और, नोन इंपैक्ट प्रिंटर।

i) Impact Printer:

इम्पैक्ट प्रिंटर एक ऐसा प्रिंटर हैं जहां प्रिन्ट हेड, रिबन कार्ट्रिज और पेपर के बीच में एक भौतिक संपर्क स्थापित किया जाता है, फिर स्याही रिबन के इस्तेमाल से कागज पर छपाई होती है। इंपैक्ट प्रिंटर के जरिए प्रिंट करवाने से प्रिंट किया हुआ राइटिंग और पिक्चर ज़्यादा स्पष्ट नहीं होता है। Dot Matrix printer, line printer आदि ऐसे इंपैक्ट प्रिंटर का उदाहरण है।

  • Dot Matrix Printer

डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर का प्रिंट हेड में एकदम टाइप राइटर की तरह बोहोत सारा पिन रहता है, प्रिंट करते वक़्त डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर का हेड इंक्ड रिबन की ऊपर स्पर्श करते ही कागज़ की ऊपर अक्षर प्रिंट हो जाता है। इसीलिए प्रिंट किया हुआ यह अक्षर ज़्यादा स्पष्ट नहीं होता है। 

ii) Non Impact Printer:

नॉन इंपैक्ट प्रिंटर, इस तरह का प्रिंटर प्रिंट करते वक़्त कागज़ को स्पर्श नहीं करता है। इसीलिए, प्रिंट के समय कोई भी शब्द का निर्माण नहीं होता है। इस तरह का प्रिंटर में राइटिंग और पिक्चर दोनों ही बोहोत स्पष्ट प्रिंट होता है। इंकजेट प्रिंटर, लेसर प्रिंटर आदि ऐसे नॉन इंपैक्ट प्रिंटर का उदाहरण है।

  • Inkjet printer

इंकजेट प्रिंटर, इस तरह का प्रिंटर में liquid ink का इस्तेमाल किया जाता है। यहां दोनों प्रकार का कारतूस का इस्तेमाल होता है। एक कारतूस में नीला (Cyan), मैजेंटा (Magenta), और, पीला (Yellow) रंग का इंक रहता है और, दूसरे कारतूस में सिर्फ काला (Black) इंक ही रहेता है।

सभी कारतूस में बोहोत छोटा-छोटा छेद रहेता है, उन सारे छेदों की ज़रिए इंक स्प्रे होने के माध्यम से ही प्रिंट किया जाता है। ऐसे प्रिंटर की सहायता से प्रिंट करते वक़्त कागज़ के ऊपर किसी भी तरह का टकराव नहीं होने की वजह से कोई भी शब्द का निर्माण नहीं होता है। 

इस प्रिंटर के द्वारा प्रिंट करने का क्वालिटी बोहोत ही अच्छा होता है। और, यह इंकजेट प्रिंटर बोहोत सस्ती होने के वजह से स्कूल, कॉलेज, घर, या फिर किसी संगठन में इस तरह का प्रिंटर ही इस्तेमाल किया जाता है।

  • Lesser printer

लेसर प्रिंटर का काम करने का प्रक्रिया xerox मशीन की तरह होता है। इस मशीन में इंक कार्बन पाउडर की तरह रहेता है और, इंक टोनर के अंदर रहेता है। प्रिंटर ड्राम के अंदर से कागज़ जब पाश करता है तभी टोनर इंक की सहायता से कागज़ में प्रिंट होता है। इस तरह का प्रिंटर के जरिए बोहोत जल्द ही प्रिंट हो जाता है और, यह लेसर प्रिंटर बोहोत एक्सपेंसिव है।


हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर मे अंतर 

अब तक इस पोस्ट के द्वारा आपने Hardware क्या है, इसके प्रकार के बारे में जानकारी प्राप्त किया है। और, यह भी जानते हैं कि हार्डवेयर के बिना सॉफ्टवेयर के जरिए कोई भी काम नहीं हो सकता है। कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर का निर्देश के अनुसार कार्य संपन्न करने के लिए हार्डवेयर का होना आवश्यक है। 

और, इसे एक बाक्य में यदि बोला जाए तो वह है यदि “हार्डवेयर है शरीर तो सॉफ्टवेयर है उसकी आत्मा”। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों का डेफिनिशन और विशिष्टता भिन्न है। इससे ही हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में अंतर के विषय में पता चलता है। तो चलिए जान लेते है हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच में क्या अंतर है।

हार्डवेयरसॉफ्टवेयर
1. जिन सारे machine को जोड़ के कंप्यूटर सिस्टम को तैयार किया जाता है उसे हार्डवेयर कहते है।सॉफ्टवेयर एक प्रकार का प्रोग्राम है, जिसके द्वारा कंप्यूटर हार्डवेयर के जरिए अपना महत्वपूर्ण कार्य सही तरीके से करवा सकता है।
2. हार्डवेयर के machine को हम स्पर्श कर सकते है।सॉफ्टवेयर को कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से workable किया  जाता है, परन्तु इसे स्पर्श किया नहीं जा सकता।
3. हार्डवेयर मशीनों को चिप, और माइक्रो चिप आदि की परिवर्तन के माध्यम से प्रोग्रेस किया जाता है। सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर द्वारा सॉफ्टवेयर का प्रोग्रेस किया
जाता है।
4. हार्डवेयर का उदाहरण है- मादरबोर्ड, हार्डडिस्क, RAM, की बोर्ड, माउस आदि।सॉफ्टवेयर का उदाहरण है- Windows, MS DOS, MS OFFICE, Chrome आदि।

Computer मे हार्डवेयर की क्या भूमिका है

इस पोस्ट को पढ़ने के माध्यम से आप कंप्यूटर हार्डवेयर के विषय में जानकारी ज़रूर प्राप्त किए है। अब सवाल आता है Computer में हार्डवेयर की क्या भूमिका है। अब इसके उत्तर में बता दें कि कंप्यूटर में हार्डवेयर का भूमिका ही सबसे महत्वपूर्ण है। 

क्योंकी कंप्यूटर में हार्डवेयर का मतलब कंप्यूटर का एक एक पार्ट है, और, इस विषय में आपने इस पोस्ट पर इससे पहले भी जानकारी प्राप्त कर चुके है। परन्तु, अब हार्डवेयर के भूमिका के विषय में हमने नीचे अलग से वर्णन किया है। 

  • कंप्यूटर का मेमोरी, हार्ड डिस्क आदि डिवाइस कंप्यूटर की डाटा को संचित रखने में सहायता करता है।
  • हार्डवेयर का एक मुख्य पार्ट सीपीयू, यह कंप्यूटर यूजर के द्वारा एंटर किया गया डाटा को यूजर के निर्देश के अनुसार प्रोसेस करता है।
  • कंप्यूटर का और एक महत्वपूर्ण हार्डवेयर मदरबोर्ड, SMPS कंप्यूटर के हर एक कंपोनेंट्स में पॉवर सप्लाई करने में सहायता करता है।
  • की बोर्ड, माउस जैसे हार्डवेयर डिवाइस कंप्यूटर के यूजर के साथ कंप्यूटर का संजोग बरकरार रखने में सहायता करता है।

FAQ ( हार्डवेयर से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न उत्तर) –

1. Input Device क्या है?

इनपुट डिवाइस ऐसा डिवाइस है जिसके जरिए कोई भी डाटा कंप्यूटर में प्रवेश करवाया जा सकता है। डाटा प्रोसेसिंग के वक़्त यह डिवाइस जैसे जरूरतमंद किसी भी डाटा को रिसीव कर सकता है, ठीक वैसे ही निर्धारित कार्य के लिए जरूरतमंद किसी भी डाटा को कंप्यूटर CPU को प्रेरण भी कर सकता है। जैसे की:- Keyboard, Mouse, Scanner, OMR, MICR आदि इनपुट डिवाइस का उदाहरण है।

2. Output Device क्या है?

आउटपुट डिवाइस एक प्रकार का डिवाइस है, जिसके जरिए कंप्यूटर में संपन्न किया गया हर एक कार्य का रिजल्ट हम देख पाते है। यह डिवाइस CPU और कंट्रोल यूनिट से प्राप्त निर्देशों का पालन करता है। उदहारण: मॉनिटर, प्रिंटर, प्रोजेक्टर आदि

3. Soft copy क्या है?

कंप्यूटर के मॉनिटर में जो पिक्चर, डाटा हम देख पाते है उसे ही सॉफ्ट कॉपी कहते है।

4. Optical Mouse का सबसे महत्वपूर्ण विशिष्टता क्या है?

ऑप्टिकल माउस का सबसे महत्वपूर्ण विशिष्टता है इस माउस का नीचे की तरफ LED यानिकि Light Emitting Diode रहेता है, जिससे रौशनी निकलने से स्क्रीन में cursor का डायरेक्शन निर्धारित करता है। 

5. Accumulator क्या है?

एक्यूमुलेटर एक registers है। यह CPU में स्थित ALU का एक अनोखा पार्ट है। यहां कंप्यूटर का हर एक लॉजिकल और गानितिक कार्यटेम्पररी स्टोर होता है।


सारांश:-

आज के इस पोस्ट पर हमने Hardware क्या है; कंप्यूटर हार्डवेयर के प्रकार के बारे में पूरे विस्तार में बताया है। हमें उम्मीद है आज के ईस ब्लॉग पोस्ट को पढ़कर आप जरूर जान गए होंगे कि Hardware क्या है, ये कितने प्रकार के होते हैं।

यदि इस पोस्ट को पढ़कर आपके मन में Hardware क्या है, इसके प्रकार से संबंधित कोई सवाल है, तो आप बेजिजक नीचे कमेंट बॉक्स पर कमेंट करके हमें पूछ सकते हैं। अगर आपको लगे की यह पोस्ट आप सभी के लिए उपयोगी है, तब आप LogicalDost के और भी कई पोस्ट को पढ़ सकते हैं।

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