👩🏻‍💻Laptop मे Dual Booting कैसे करते है? (दो OS इंस्टॉल करे)

इस आर्टिकल मे आप Laptop मे Dual Booting कैसे करते है? मतलब की एक ही Laptop या Computer मे दो ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे चलाते है, इसके बारे मे जानेंगे। जैसे-जैसे टेक्नॉलजी बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे Computers के काम करने के तरीके बदलते जा रहे है। कंप्युटर का हर भाग समय के साथ छोटा होता जा रहा है। उदाहरण के लिए पहले कंप्युटर एक कमरे के आकार का होता था पर वही अब एक हथेली के आकार का बनाया जा रहा है।

laptop me dual booting kaise kare

साथ ही सॉफ्टवेयर को भी समय के साथ आप्टमाइज़ और अड्वान्स किया जा रहा है। जिससे की अब एक ही कंप्युटर मे कई सारे प्रकार के सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल कर सकते है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है डबल Booting या Dual Booting पहले जहाँ एक कंप्युटर मे लिमिटेड संसाधन के चलते है सिर्फ एक ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल किया जाता था

वही अब एक Computer मे एक से अधिक ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल कर उसे एक वास्तविक ऑपरेटिंग सिस्टम के तरह ऑपरैट किया जा सकता है। इसका सबसे बड़ा फायेदाह यह है की आपको किसी भी प्रकार के थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर के जरूरत नहीं पड़ते है आप बस कंप्युटर के एक ही हार्ड डिस्क मे दो ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल कर सकते है।

जब कोई चीज बेस कंप्युटर मे इंस्टॉल किया जाता है, तो उस प्रकार के Computer को बेयर मेटल कहते है। तो अभी तक हमने सिर्फ इसका Overview जाना चलिए अब हम पहले यह समझते है की Booting होता क्या है?

Booting किसे कहते है in Hindi

Booting को हिन्दी मे शुरू होना कहते है। यंहा शुरू होने का मतलब एक ऑपरेटिंग सिस्टम को पूरी तरह से लोड होना है। बूट एक क्रिया है, और बूटिंग नाउन का एक फॉर्म होता है, जिसे जेरन्ड भी कहते है। आइए अब हम कंप्युटर बूटिंग क्या है उसके बारे मे समझते है।


कंप्युटर Booting क्या है? (परिभाषा)

कंप्युटर Booting ऑपरेटिंग सिस्टम को हार्ड डिस्क से मैन मेमोरी (रैम) मे लोड होने का एक प्रोसेस होता है। आसान भाषा मे आप ऐसा समझे की जब आप कंप्युटर या फिर Laptop को ऑन करते है तो कंप्युटर के BIOS मे सेव प्रोग्राम, हार्डडिस्क और प्रोसेसर को ऑपरेटिंग सिस्टम लोड करने के लिए इन्स्ट्रक्शन देता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम हार्ड डिस्क मे सेव रहता है। जो पुनः निर्देश मिलते ही RAM मे सारे जरूरी फाइल को ट्रैन्स्फर करना शुरू कर देता है। इसे ही ऑपरेटिंग सिस्टम को हार्ड डिस्क से मैन मेमोरी मे लोड होना कहते है। तो अब जैसे ही रैम मे डाटा एक्सक्यूट होने लगता है, तो आपको स्क्रीन या डिस्प्ले पर Logo दिखाई देता है। उसके कुछ देर के बाद आपका ऑपरेटिंग सिस्टम पूरी तरह से लोड होकर नए सॉफ्टवेयर प्रोग्राम को चलाने के काबिल हो जाता है। तो यह पूरी प्रोसेस कंप्युटर Booting कहलाता है।

एक बात ध्यान दे इस पूरे प्रोसेस मे बहूत सारे स्टेप्स होते है पर जब दो ऑपरेटिंग सिस्टम होते है तो उसमे से एक सबसे इम्पॉर्टन्ट स्टेप यह होता है, की जब BIOS प्रोग्राम के दुवारा ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड किया जाता है तो बूट मैनेजर निर्णय लेता है की किस ऑपरेटिंग सिस्टम को किस स्टॉरिज डिवाइस से लोड करना है।

ये सभी डिसिशन बूट मैनेजर के दुवारा लिया जाता है। जब बूट प्राइऑरटी सेट नहीं होता है तो विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम मे विंडो बूट मैनेजर के दुवारा उस डिसिशन को लिया जाता है। यहाँ तक हमने कंप्युटर बूटिंग के बारे मे जाना चलिए अब Dual Booting कैसे करते है इसके बारे मे जानते है।


Laptop मे Dual Booting कैसे करते है?

Laptop मे Dual Booting करना उतना भी मुश्किल नहीं है जितना की एक रॉकेट साइंस को समझना है। नीचे आपको Laptop या कंप्युटर मे Dual Booting करने के बारे मे 10 आसान स्टेप्स दिये गए है। आप उन स्टेप्स को फॉलो करके एक Laptop मे दो ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल कर सकते है।

आप दो से अधिक 3, 4, 5 ऑपरेटिंग सिस्टम को भी इंस्टॉल कर सकते है। लेकिन उसके पहले शर्त यह है की आपके पास कुछ जरूरी Requirements होने चाहिए जोकि नीचे दिए गए है।


Dual Booting करने के लिए Requirements

नीचे आपको Dual Booting करने के लिए रिक्वाइर्मन्ट दिए गए है। आपके पास पहले ये सभी रिक्वाइर्मन्ट होने चाहिए तभी आप दो ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल कर सकते है।

  1. आपके पास दो आईएसओ इमेज फाइल होने चाहिए मेरे केस मे एक विंडोज़ 10 और दूसरा विंडोज़ 11 का आईएसओ इमेज फाइल है और मैंने पहले से विंडो 10 इंस्टॉल कर लिया है।
  2. आपका Laptop पूरा चार्ज होना चाहिए।
  3. आपके पास 16 Gb का यूएसबी पेन ड्राइव होना चाहिए।
  4. आपके Laptop मे ईनफ रैम और हार्डडिस्क मे स्टॉरिज खाली होने चाहिए।
  5. आपके पास इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए।
  6. आपके पेन ड्राइव को बूटऐबल बनाने के लिए एक Laptop भी होना चाहिए।
  7. आपको कंप्युटर के बारे मे थोड़ा सा बेसिक ज्ञान होना चाहिए।

चलिए अब हम दो ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल करने के बारे मे जानते है।


Laptop मे Dual Booting कैसे करते है? (दो OS इंस्टॉल करे)

Laptop मे Dual Booting करने के लिए पहले आप ऊपर दिए गए सभी Requirements को पूरा कर लीजिए जैसे ही आप इस रिक्वाइर्मन्ट को पूरा करते है, उसके बाद आप नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यान से समझकर कर दो ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल कर सकते है।

स्टेप 1) यदि आपके पास Laptop मे पहले से एक विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम है तो सबसे पहले आप विंडो सर्च बार मे Create And Format Hard Disk Partition को टाइप कर ओपन करे। यह विंडो के तरफ से दिया गया By Default Disk Management टूल है।

यहाँ से आप देख सकते है की आपके सिस्टम मे कितने ड्राइव या पार्टिशन मे कितने स्टॉरिज खाली है। तो यहाँ पर नई विंडो इंस्टॉल करने के लिए शर्त यह है की आपके हार्ड डिस्क ड्राइव मे Unallocated Space होना चाहिए और उसमे ईनफ स्पेस फ्री होना चाहिए।

यदि खाली नहीं है तो आप उसके बगल के खाली ड्राइव पर क्लिक करके फिर Shrink पर क्लिक करके उसमे से भी स्पेस को खाली कर सकते है। यह खाली स्पेस Unallocated स्पेस कहलाता है। वॉल्यूम Shrink होने के बाद आप ड्राइव का नाम भी दे सकते है, लेकिन यह ऑप्शनल है।

स्पेस 2) उसके बाद अब आप पेन ड्राइव को अपने Laptop मे इन्सर्ट करे। आपका पेन ड्राइव का नेम दिखाई देता है यदि कुछ फाइल पद है तो उसे बैकअप कर ले। क्यूंकी अगले स्टेप मे यह फॉर्मैट होने वाला है।

स्टेप 3) अब आप रुफुस (Rufus) नाम का इस फ्री टूल को अपने Laptop मे डाउनलोड करे और फिर इसे ओपन करे। ओपन होने के बाद कुछ इस तरह इंटरफेस दिखाई देता है। पर्मिशन मे Yes पर क्लिक कर दे।

rufus tool download

स्टेप 4) ऊपर मे आपका पेन ड्राइव का नाम दिखाई दे रहा होगा। अब आप Select बटन पर क्लिक करे और उस आईएसओ इमेज फाइल को सिलेक्ट करे जिससे आप Second ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप मे इंस्टॉल करना चाहते है। मेरे केस मे विंडो 11 है।

rufus iso setup

उसके बाद Start बटन पर क्लिक करे। आपसे वार्निंग मे पूछता है की यह आपके ड्राइव को फॉर्मैट करेगा तो आप ओके पर क्लिक कर दे कुछ समय के बाद आपका पेन ड्राइव Format होकर बूटऐबल बन जाता है।

स्टेप 5) उसके बाद Laptop को रिस्टार्ट करे। यहाँ पेन ड्राइव को डिस्कॉननेक्ट करने की जरूरत नहीं है, अब ऐसे ही Laptop वापस से ऑन होता है तो आप कीबोर्ड से F2 या F12 का बटन दबाए। आप अपने Laptop का बाईओस सेटअप बटन को चेक कर सकते है।

boot prioty order usb name

स्टेप 6) जैसे ही बाईओस मेनू खुलता है उसके बाद आप बूट प्राइऑरटी मे जाकर अपने USB Pen ड्राइव को F6 या F5 के का इशतेमाल करते हुए सबसे ऊपर रखे। हाँ यदि सिक्युर बूट इनैबल नहीं है तो उसे भी इनैबल कर सकते है। अंत मे F10 बटन को प्रेस कर सेटअप को Save & Exit करे।

save settings of boot

स्टेप 7) उसके बाद आपका Laptop वापस से ऑन होता है, और इस बार यह आपके पेन ड्राइव से बूट होता है। कुछ देर बाद स्क्रीन पर विंडो सेटअप का लोगों दिखाई देता है। तो आप वहाँ नेक्स्ट पर क्लिक करे।

स्टेप 8) अब आप Install Now पर क्लिक करे। अब आपसे ऐक्टवैशन कोड डालने के लिए कहता है तो यदि आपके पास है तो आप दर्ज कर सकते है वरना I don’t Have Activation Key पर क्लिक करे। फिर नेक्स्ट पर क्लिक करे।

skip activation code if not available

अब आपके सामने सभी इडिशन दिखाई दे रहे होंगे तो आप उन्मे से किसी एक को सिलेक्ट करे फिर आप Licence Agreement को सिलेक्ट करे फिर नेक्स्ट पर क्लिक करे।

accept liscence terms

उसके बाद आपके सामने दो ऑप्शन दिखाई दे रहे होंगे तो आप उन्मे से कस्टम इंस्टॉल विंडो को सिलेक्ट करे तो उसके बाद आपके सामने आपके हार्ड डिस्क मे बने सभी Partition या ड्राइव के नाम दिखाई देते है।

स्टेप 9) ध्यान दे यह बहूत ही Important स्टेप है। इसमे जरा सी भी गलती आपके Laptop को फॉर्मैट या नुकसान कर सकता है। तो यहाँ आप याद करे की आपने किस ड्राइव को खाली कर उसे Unallocated Drive बनाया था या फिर Shrink करके जिस ड्राइव का नाम बदल था उसे सिलेक्ट करे।

select installation drive

कुलमिलाकर बात यही है की उन्मे से सिर्फ एक Unallocated Drive को ही सिलेक्ट करे जिसमे स्पेस फ्री है। आपको उस ड्राइव मे मौजूद खाली स्पेस दिख जाता है जिससे की आप कॉन्फर्म हो जाते है।

स्टेप 10) उसके बाद नेक्स्ट पर क्लिक करे। तो आपका नया विंडो इंस्टॉल होना शुरू हो जाता है। पूरी तरह इंस्टॉल होने मे कुछ समय लेता है। जब Laptop मे विंडो इंस्टॉल हो जाता है तो आप पेन ड्राइव को अपने Laptop से डिस्कॉननेक्ट कर दे।

ध्यान रखे बीच-बीच मे आपका लपॉटप रिस्टार्ट भी होता है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आगे का स्टेप आप खुद से ही पूरा कर सकते है। इसके लिए बस आपको स्क्रीन पर दिए गए इन्स्ट्रक्शन को ध्यान से पढ़कर फॉलो करने की जरूरत है।

नोट: यहाँ पर ध्यान दे की यदि आप एक और ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल करना चाहते है तो उसके लिए आप ऊपर दिए गए स्टेप्स को पढ़कर कर सकते है प्रोसेस दोनों के केस मे बरारबर है। सिर्फ आपको उसके लिए एक नया फ्री Unallocated Drive क्रीऐट करने की जरूरत होती है।

जब आपके Laptop मे दो ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल हो जाते है तो Laptop ऑन करते समय आपके सामने दोनो के नाम दिखाई देते है। आपके पास कुछ सेकंड का समय रहता है आप उन्मे से किसी एक को सिलेक्ट कर सकते है तो वही ऑपरेटिंग सिस्टम ओपन होता है।

अन्यथा विंडोज़ खुद डिसाइड करता है की किस ऑपरेटिंग सिस्टम को ओपन करना है। आप इस चॉइस को बदल भी सकते है। और इसके Delay टाइम को भी बदल सकते है।


ऑपरेटिंग सिस्टम ओपन करने के Delay टाइम को बदले

नीचे आपको Default ऑपरेटिंग सिस्टम को सिलेक्ट करने के Delay टाइम को चेंज करने के बारे मे स्टेप्स के साथ दिया गया है।

स्टेप 1) सबसे पहले आप विंडो सर्च बार मे जाकर View Advance System Setting पर क्लिक करे।

स्टेप 2) उसके बाद जैसे ही यह ओपन होता है तो उसके बाद आप Setup & Recovery बटन पर क्लिक करे।

start up and recovery

स्टेप 3) उसके बाद आपके सामने इस तरह का ऑप्शन आता है। इसमे आप डिफ़ॉल्ट ऑपरेटिंग सिस्टम को सिलेक्ट कर सकते है। उसके बाद आप नीचे टाइम को सेट कर सकते है।

start up time select

स्टेप 4) इतना सब कुछ करने के बाद आप अपने Laptop को रिस्टार्ट करे।

तो ये रहे पूरी प्रोसेस सभी स्टेप्स के साथ जिसके मदद से आप अपने Laptop मे दो ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल कर सकते है।


Laptop मे Dual Booting करने के संबंध मे कुछ सवालों के जवाब

1. कंप्यूटर में Booting का क्या अर्थ है?

कंप्युटर मे Booting का अर्थ यह है की जैसे ही आप Laptop या कंप्युटर को ऑन करते है तो हार्ड ड्राइव मे स्टोर ऑपरेटिंग सिस्टम के सभी फाइल एक-एक कर रैम के दुवारा एक्सक्यूट होने लगते है जिससे की आपके स्क्रीन पर उसका लोगों दिखाई देता है। कुछ समय बाद फाइनली ऑपरेटिंग सिस्टम लोड हो जाता है। तो ये पूरी प्रोसेस को कंप्युटर Booting कहते है।

2. Booting कितने प्रकार की होती है।

Booting दो प्रकार की होती है।
1. Cold Booting और
2. Warm Booting

3. Cold Booting क्या है?

Cold Booting: जब आप अपने Laptop को नॉर्मली ऑन करते है। तो यह कोल्ड Booting कहलाता है।

4. Warm Booting क्या है?

जब आपका Laptop हैंग होने के वजह से या सिस्टम रिस्टार्ट के वजह से ऑन होता है तब यह Warm Booting कहलाता है।

5. Laptop मे Dual Booting का क्या मतलब है?

Laptop मे Dual Booting का यह मतलब है की आपके मे एक ही या दो हार्ड ड्राइव मे दो ऑपरेटिंग सिस्टम को ऑपरैट कर सकते है। दो अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम को अपने अनुसार बदल कर चला सकते है।

6. Boot Menu मे जाने के लिए किस कीबोर्ड शॉर्ट कीज को दबाते है?

Boot Menu मे जाने के लिए F2 कीबोर्ड शॉर्ट कीज को दबाते है। लेकिन यह निर्भर करता है की आपका Laptop किस कंपनी का है। दूसरे कंपनी के Laptop मे दूसरा के होता है।

7. क्या एक Laptop मे दो से अधिक ऑपरेटिंग सिस्टम को ऑपरैट कर सकते है?

जी हाँ आप एक Laptop मे दो से अधिक ऑपरेटिंग सिस्टम को ऑपरैट कर सकते है? इसके लिए आपके Laptop मे फ्री स्पेस होना जरूरी है।

निष्कर्ष:

इस आर्टिकल मे आपने Laptop मे Dual Booting कैसे करते है? इसके बारे मे जाना। सबसे पहले आपने Booting किसे कहते है हिन्दी मे उसका अर्थ को जाना। फिर आपने कंप्युटर Booting क्या है? इसका परिभाषा को जाना। जैसे की

कंप्युटर Booting किसी ऑपरेटिंग सिस्टम को हार्ड डिस्क से मैन मेमोरी (रैम) मे पूरी तरह लोड होने तक का एक प्रोसेस होता है। जिससे की आपका ऑपरेटिंग सिस्टम पूरी तरह लोड हो जाता है और फिर आप उसके सॉफ्टवेयर को रन कर सकते है।

फिर आपने Dual Booting करने के लिए Requirements को जाना की सबसे पहले आपके पास एक आईएसओ फाइल होना चाहिए यदि आपके Laptop मे पहले से एक ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल है तो

वरना दो आईएसओ फाइल होना चाहिए, फिर आपके पास पेन ड्राइव होना चाहिए तथा आपके Laptop के हार्ड डिस्क मे फ्री स्पेस होना चाहिए इत्यादि। ये सभी रिक्वाइर्मन्ट होने पर ही आप अपने Laptop मे ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल कर सकते है।

उसके बाद आपने Laptop मे Dual Booting कैसे करते है यानि की दो OS को इंस्टॉल कैसे करते है इसके बारे मे पूरे प्रोसेस को स्टेप्स के साथ जाना तथा अंत मे आपने डिफ़ॉल्ट ऑपरेटिंग सिस्टम को सिलेक्ट करने के लिए Delay टाइम को कैसे बदलते है इसके बारे मे भी जाना। तो मै उम्मीद करता हूँ की आपको यह आर्टिकल बेहद पसंद आई होगी। किसी भी प्रकार के सुझाव या शिकायत के लिए कमेन्ट करे।

आपके काम की अन्य पोस्ट:-

मुझे टेक्नोलॉजी के बारे में पढ़ना और लिखना बहुत अच्छा लगता है। इंटरनेट टेक्नोलॉजी के बारे में लोगों के साथ जानकारी शेयर करके मुझे खुशी महसूस होती है। इसके अलावा फोटोग्राफी करना मेरी हॉबी है। मैंने एक इंजीनियर के रूप में शिक्षा ली है और पेशे से अब मैं एक पार्ट-टाइम Professional Blogger हूँ।

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