🖱️Mouse क्या है; Mouse कितने प्रकार के होते है (सम्पूर्ण जानकारी)

आज इस आर्टिकल में आप Mouse के बारे में जानेंगे। Mouse का इश्तेमाल लगभग सभी कंप्यूटर यूजर करते है। यह कंप्यूटर को आसानी से चलाने में हमारा मदद करता है। क्या आपको MOUSE का पूरा नाम पता है? नहीं ना, तो इस आर्टिकल में जानेंगे साथ में आप Mouse के प्रकार, Mouse के मुख्य कार्य क्या-क्या है इनके बारे में भी जानेंगे। 

mouse kya hai

इसके अलावा Mouse के भाग (Parts of Mouse) तथा Mouse Interface के बारे में भी जानेंगे। साथ में Touchpad और Mouse में क्या अंतर होता है इसके बारे में भी जानेंगे। तो चलिए शुरू करते है। सन 1964 में स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक शोधकर्ता डगलस एंगेलबर्ट ने पहली बार Mouse का खोज किया। उसके बाद से  कम्प्यूटर को चलाना बेहद आसान हो गया। 

Mouse क्या है?

Mouse एक चूहा नहीं, यह एक यंत्र होता है। MOUSE नाम का असली मतलब बहुत कम लोग जानते है। MOUSE का पूरा नाम Manually Operated Utility For Selecting Equipment होता है। Mouse Computer का एक इनपुट डिवाइस होता है। जिसको कंप्यूटर का पॉइंटिंग डिवाइस भी कहा जाता है तथा इसका मुख्य कार्य, कर्सर को नियंत्रित करना होता है। ताकि यूजर कर्सर को जिधर चाहे उधर ले जा सके।

Mouse कंप्यूटर को दिशा निर्देश देने का कार्य करता है की कर्सर दुवारा किसी कम्प्यूटर स्क्रीन पर किस खाश स्थान या किस एलिमेंट को सेलेक्ट करना है। इसका इस्तेमाल से डिस्प्ले पर मौजूद फाइल्स को सेलेक्ट कर सकते है, ड्रैग एंड ड्राप कर सकते है तथा स्क्रीन के ऊपर होवर (Hover) भी कर सकते है। 

चूँकि यह एक नार्मल यूजर के लिए कम्प्यूटर को ऑपरेट करना काफी आसान बनाता है, क्यूंकि इसमें किसी भी प्रकार का इनपुट देने के लिए कमांड का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता है। इसीलिए इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल GUI (Graphical User Interface) वाले कंप्यूटर में किया जाता है। Mouse का और अधिक इस्तेमाल (Function) आप निचे जानेंगे।


Mouse का अविष्कार किसने किया? और कैसे हुआ?

चूँकि 1964 के दिनों में कंप्यूटर बहुत बड़े-बड़े और महंगे होते थे। उनका उपयोग करना बहुत कठिन होता था क्योंकि सब कुछ एक कीबोर्ड पर टाइप करना पड़ता था। सिर्फ वही लोग कंप्यूटर को अच्छे तरीके से ऑपरेट कर सकते थे जिन्हे Command याद होता था। 

Command, Computer का एक स्पेशल इंस्ट्रक्शन यानि प्रोग्राम का एक समूह होता है, जो किसी खाश काम को पूरा करने के लिए बनाया गया होता है। लेकिन समय के साथ जैसे-जैसे कंप्यूटर में सुधार हुवा यानी कंप्यूटर को और आसान बनाया गया  वैसे-वैसे इसके प्रति लोगों में और रूचि बढ़ने लगी। लोग अपने इश्तेमाल के लिए कंप्यूटर को खरीदने लगे, लेकिन फिर भी 1964 के पहले कम्प्यूटर को कमांड देकर चलाया जाता था। आखिर क्यों नहीं, OS (ऑपरेटिंग) भी CLI (Command Line Interface) पर आधारित था। 

लेकिन जब GUI (ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस) ऑपरेटिंग सिस्टम बनाना शुरू हुवा, तो उस समय किसी न किसी को तो कुछ नया खोजने की जरूरत थी। 

तो फिर इंतजार किसका था, सन 1964 में स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक शोधकर्ता डगलस एंगेलबर्ट (1925-2013) ने कंप्यूटर के उपयोग को आसान बनाने का एक तरीका ढूंढ निकाला। उन्होंने एक इनपुट डिवाइस को बना दिया जिसे शुरू में दोनों हाथों के इस्तेमाल से एक बड़े बॉल को इधर-उधर घुमाकर कर्सर को मूव किया जाता था। 

इस इनपुट डिवाइस का नाम “XY Index” रखा गया। क्यूंकि यह X और Y दो एक्सिस में मूव होता। बाद में Mouse को अपडेट कर एक चलने के काबिल बनाया गया। फिर जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी बढ़ी वैसे-वैसे Mouse में नए-नए फीचर्स आने लगे। आइये अब Mouse के प्रकार के बारे जानते है।


Mouse कितने प्रकार के होते है?

Mouse कई प्रकार के होते है। जैसे: Mechanical Mouse, Optical Mouse और Wired Mouse इत्यादि। Mouse के प्रकार और और इसकी व्याख्या निचे बताया गया है। 

Mouse के प्रकार (Types of Mouse in Hindi)

  1. Mechanical Mouse
  2. Optical Mouse
  3. Corded Mouse
  4. Cordless/Wireless Mouse
  5. Stylus Mouse
  6. Gaming Mouse
  7. 3D Mouse

1. Mechanical Mouse क्या होता है?

यह एक Corded Mouse यानि Wired होता है। यह मैकेनिकल कॉन्सेप्ट पर कार्य करता है। जिसमें एक बड़ा ट्रैक बॉल (Track Ball) लगा होता है। इस बॉल को बाएं, दाएं, ऊपर तथा निचे आसानी से घुमाया जा सकता है और इसी से कर्सर की पोजीशन (स्थिति) बदलता है। 

Mechanical Mouse का आविष्कार सन 1972 में Bill English नामक वैज्ञानिक ने किया था। चूँकि इसमें इनपुट निर्देशों के लिए एक खाश बॉल का इस्तेमाल होता है इसलिए इसे Track Ball Mouse भी कहा जाता हैं। 

2. Optical Mouse (प्रकाशीय Mouse) क्या होता है?

यह LED (Light Emitting Diode) तथा DSP (Digital Signal Processing) तकनीक पर कार्य करता है। जिसमे Mouse की मूवमेंट को कैच करने के लिए IR (Infra Red) LED (Sensor) लगा होता है। इसमें से लाइट यानि प्रकाश निकलकर लगातार सतह से टकराती रहती है। इसीलिए इसे Optical Mouse कहते है। 

optical mouse photo

इसमें पोजीशन की डाटा (सिग्नल) को कम्प्यूटर तक भेजने के लिए को Wired (तार) तथा Wireless (बेतार) दोनों माध्यम का इस्तेमाल जाता है, जो की अलग-अलग प्रकार के Communication Port या इंटरफ़ेस में से कोई एक हो सकता है जैसे: USB Port या Cable, PS2 Cable इत्यादि। आप Mouse के विभिन्न इंटरफ़ेस बारे में निचे जानेंगे। कुलमिलाकर आपको बाजार में दो प्रकार के Optical Mouse मिलते है। पहला: Wired Optical Mouse तथा दूसरा Wireless Optical Mouse है। 

3. Corded Mouse क्या होता है?

इसे Wired Mouse भी कहा जाता है। Corded Mouse में Optical Mouse, Mechanical Mouse इत्यादि शामिल है। चूँकि इस प्रकार के Mouse में इनपुट सिग्नल को कंप्यूटर तक भेजने के लिए Wire का इस्तेमाल करना पड़ता है, इसीलिए इसे Corded Mouse कहा जाता है। 

corded mouse photo

इस प्रकार के Mouse में USB Port या केबल, PS2 Cable, Serial Port इत्यादि में से किसी एक का इस्तेमाल किया जाता है। अभी के समय में USB केबल अधिक इस्तेमाल किया जाता है। 

4. Cordless/Wireless Mouse क्या होता है?

जैसा की नाम से लग रहा है, की इस प्रकार के Mouse में किसी भी प्रकार का Wire का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, इसलिए इसे Wireless Mouse (बिना तार का) Mouse कहा जाता है। 

यह Radio Wave तकनीक पर कार्य करता है, तथा Transmitter और Receiver का इस्तेमाल किया जाता है। Mouse से प्राप्त इनपुट सिग्नल को ट्रांसमीटर दुवारा भेजा जाता है तथा पुनः Computer में लगे एक खाश रिसीवर के दुवारा रिसीव कर लिया जाता है। यह सस्ता मिलता है।  

अभी के समय में Wired Mouse के बाद Wireless Mouse का प्रचलन बढ़ गया है और इसका इसका अधिकतर इस्तेमाल प्रोफेशनल कार्यों में किया जा रहा है। इस वजह से यह Wired Mouse के मुकाबले अधिक महंगा भी मिलता है। 

5. Stylus Mouse या Optical Pen Mouse क्या होता है?

जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, इस प्रकार का Mouse एक पेन की तरह दीखता है। लगभग सभी Stylus Mouse में 2.4 गीगाहर्ट्ज वायरलेस यूएसबी नैनो रिसीवर पर लगे होते हैं। इस प्रकार के Mouse को पावर देने के लिए अच्छी बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। 

Stylus Mouse का उपयोग अधिकतर टच पेड, स्क्रीन टच डिवाइस के लिए किया जाता है। क्यूंकि इसका इस्तेमाल Graphics Designer, CAD Designer, Product Developer और Fashion Designers के दुवारा मन पसंद फ्री हैंड डिज़ाइन तैयार करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा ऑनलाइन पढ़ाते समय डिजिटल वाइट बोर्ड पर लिखने के लिए भी किया जाता है। 

ध्यान दीजिए Stylus Mouse को gStick Mouse भी कहा जाता है। क्योंकि Stylus Mouse का आविष्कार Gordon Stewart ने किया था, और gStick में ‘g’ का मतलब Gordon होता है। 

6. Gaming Mouse

ठीक जैसे की इसके नाम से लग रहा है। यह Mouse खाशतौर पर गेमिंग के लिए डिज़ाइन किया गया है। चूँकि इसका इस्तेमाल गेमर्स के दुवारा ज़यादह इस्तेमाल किया जाता है। ताकि इसका इस्तेमाल से गेम खेलते समय एक गेमर्स अधिक गेमिंग का आनन्द लेते है। यह Mouse एक नार्मल Mouse से अलग होते है। 

इसमें कई सारे बटन के साथ कई सारे अलग-अलग फीचर्स दिए रहते है। जिसको आप सेट करके अपनी गेमिंग परफॉरमेंस को और बेहतर कर सकते है। Gaming Mouse एक नार्मल Mouse के तुलना में अधिक महंगा होता है।

7. 3D Mouse

यह भी एक अलग-प्रकार का Mouse होता है, जो की बहुत एडवांस होता है। इसमें Mouse के स्पेशल बटन के अलावा एक्स्ट्रा स्पेशल बटन दिया रहता है। 


Mouse के भाग (Parts of Mouse)

Parts of Mouse photo
  1. Left Click Button: यह लेफ्ट क्लिक करने के लिए Mouse में दिया जाता है। इसके इश्तेमाल से आप किसी एलिमेंट्स को सेलेक्ट कर सकते है। 
  2. Right Click Button: यह Right Click करने के लिए Mouse में दिया जाता है। इसके इश्तेमाल से आप किसी एलिमेंट्स को सेलेक्ट कर उसके  बारे में एक्स्ट्रा ऑप्शन को सकते है। 
  3. Scroll Wheel Button: यह Mouse में Right Click Button तथा Right Click Button के बीच में दिया जाता है। इसका इश्तेमाल से आप Files, या Pages को ऊपर निचे कर सकते है, जिसे Page Scrolling कहते है। 
  4. LED Indicator Button: यह हमें समझने के लिए सिग्नल देता है, की जब LED Indicator Button ऑन है तो इसका मतलब Mouse में पावर ऑन है, या फिर Mouse वर्किंग कंडीशन में है। 
  5. Wired/ Wireless (Connection Interface): यह Mouse में उपलब्ध कनेक्शन इंटरफ़ेस के बारे में बताता है। यदि Mouse वायर्ड है तो उसमे कनेक्शन इंटरफ़ेस में USB  Cable, PS2 इत्यादि में से ोी एक होगा या फिर यदि Mouse वायर लेस्स है तो USB Receiver दया जाता है। 
  6. The Motion Detection (Sensor): मॉनिटर डिस्प्ले पर Mouse Cursor की स्थिति बदलने के लिए Mouse में Motion Sensor का इश्तेमाल किया जाता है। जैसे ही समतल जगह पर Mouse को इधर उधर  सेंसर से इंफ़्रा रेड लाइट निकलकर सतह से टकराती  पुनः रिसीव कर लिया जाता है। फिर लगातार रिसीव हो रहे सिग्नल को कंप्यूटर तक भेजा जाता है। 

Mouse का इस्तेमाल से क्या-क्या कर सकते है? (Mouse Function)

Mouse का इस्तेमाल से हम कंप्यूटर पर अनेकों कार्य कर सकते है। Mouse एक नार्मल यूजर के लिए कंप्यूटर को ऑपरेट करना आसान बनाता है। Mouse का इस्तेमाल से आप लगभग वे सभी कार्य कर सकते है, जो कार्य एक कंप्यूटर एक्सपर्ट बिना Mouse का करता है। 

हालाँकि कंप्यूटर को ऑपरेट करते समय इनपुट देने के लिए हमारे पास दो ऑप्शन जयादा इस्तेमाल में आते है। पहला कीबोर्ड तथा दूसरा Mouse। कई लोग सिर्फ कीबोर्ड का इस्तेमाल से कंप्यूटर चलाना पसंद करते है, जबकि कई लोग सिर्फ Mouse का इस्तेमाल करना पसंद करते है। सबके अपने-अपने फायदाः और नुक़सान है। 

निचे Mouse का इस्तेमाल से क्या-क्या कर सकते है? यानि (Mouse का Function) के बारे में बताया गया है। 

  1. Selecting

Mouse के इस्तेमाल से हम डेस्कटप या डिस्प्ले पर किसी भी आइटम्स को सेलेक्ट कर सकते है। जैसे की: हम किसी टेक्स्ट को सेलेक्ट कर सकते है, की इमेज, डाक्यूमेंट्स, फाइल्स या फोल्ड्स इत्यादि को सेलेक्ट कर सकते है। 

हम Mouse का इस्तेमाल से एक साथ सभी फाइल्स या फ़ोल्डर्स को सलेक्ट कर सकते है तथा एक बार में एक या जितने चाहे उतने फाइल्स को सलेक्ट  है। इंल्गिश में इसे सेलेक्टिंग कहते है। 

  1. Pointing/Hovering

Mouse का दूसरा इस्तेमाल हम किसी भी एलिमेंट्स के ऊपर पॉइंट करने या होवर करने के लिए करते है। उदाहरण के लिए आपने भी अक्सर नोटिस किया होगा, जब आप अपने कर्सर (तीर के तरह दिखने वाला) को डिस्प्ले पर इधर-उधर घूमते है तो कर्सर का सिंबल बदलता रहता है। हरेक सिंबल का अलग-अलग मतलब होता है। 

इसके अलावा भी कभी-कभी यह कसी एलिमेंट्स के बारे में अधिक जानकारी देता है जैसे की: किसी फाइल नाम, किसी फाइल की साइज इत्यादि। आसान भाषा में जब हम Mouse को बिना क्लिक करे हुए, कर्सर को सिर्फ इधर-उधर घूमते है तो उसे होवेरिंग या पॉइंटिंग कहते है। 

  1. Clicking

Mouse का तीसरा सबसे बड़ा इस्तेमाल क्लिकिंग करना है। हम किसी भी एलिमेंट्स को Mouse के सहायता से क्लिक कर सकते है, जिससे की उसके आगे का प्रोसेस रन हो जाता है। क्लिकिंग, कीबोर्ड से एंटर दबाने के बराबर है। 

क्लिकिंग मुख्य तीन प्रकार से कर सकते है। 1. Single Clicking, 2. Double Clicking तथा 3. Triple Clicking इनके बारे में निचे बताया गया है। इसके अलावा एक नार्मल Mouse में दो क्लिक बटन होते है। Left Click Button तथा Right Click Button. 

Left Click Button से क्लिक करने को लेफ्ट क्लिकिंग तथा Right Click Button से क्लिक को करने को राइट क्लिकिंग कहते है। 

  1. Left Click: इसका इस्तेमाल किसी भी फाइल्स, फ़ोल्डर्स को सिम्पली क्लिक करने के लिए किया जाता है। यह Enter दबाने के समान है। Left Click को दबाये रखकर हम एक से अधिक एलिमेंट्स को सेलेक्ट कर सकते है तथा Left Click को दबाये रखकर हम किसी फाइल्स को ड्रैग एंड ड्राप भी कर सकते है। 
  2. Right Click: इसका इस्तेमाल पहले से सेलेक्ट की गयी एलिमेंट्स (फाइल्स, फ़ोल्डर्स) पर एक्स्ट्रा कार्य करने के लिए किया जाता है। यह हमें अन्य दूसरे ऑप्शन को दिखता है।  उदहारण के लिए किसी फाइल को Mouse के मदद से डिलीट करने के लिए पहले उस फाइल को सेलेक्ट कीजिए फिर राइट क्लिक कीजिए तो आपके सामने बहुत सारे ऑप्शन दिख जाते है, जिसमें से डिलीट के ऑप्शन पर क्लिक कर उस सेलेक्ट किये हुए फाइल को डिलीट कर सकते है। 
  3. Single Click: आप सिंगल क्लिक का इस्तेमाल से किसी एलिमेंट्स को सेलेक्ट कर सकते है। इसका इश्तेमाल अधिकतर किसी फाइल, फ़ोल्डर्स, इमेज, वीडियो आदि को सेलेक्ट करने के लिए किया जाता है। 

इसके अलावा Single Click का इस्तेमाल खाश ऑप्शन को सेलेक्ट करने किये किया जाता है। कभी-कभी कोई एलिमेंट एक बार क्लिक करने से सेलेक्ट नहीं होता है, तो उसे दो बार क्लिक करना पड़ता है। 

  1. Double Click: किसी भी एलिमेंट्स पर दो बार क्लिक करना डबल क्लिकिंग कहलाता है। Double Click का अधिकतर इस्तेमाल किसी फाइल्स, फ़ोल्डर्स, ऑडियो-वीडियो और सॉफ्टवेयर इत्यादि को खोलने के लिए किया जाता है। 

इसके अलावा इसका इस्तेमाल Word  को सेलेक्ट करने  जाता है। उदाहरण MS Word में काम करते समय आप अपने कर्सर को किसी वर्ड (शब्द) के बिच रखे फिर Double Click कीजिए तो वह वर्ड सेलेक्ट है। 

  1. Triple Click: इसका इस्तेमाल बहुत काम इस्तेमाल किया जाता है। Triple Click का इस्तेमाल किसी एक पैराग्राफ को सेलेक्ट करने  जाता है। इसके अलावा वैसे तो इसका कोई खाश इस्तेमाल नहीं है। Mouse में ट्रिपल क्लिक का भी इश्तेमाल किय जाता है  बहुत कम लोगों को पता होता है।  
  1. Dragging and Dropping:

Mouse का यह फंक्शन कंप्यूटर को ऑपरेट करना बहुत आसान बनाता है। इसके इश्तेमाल से हम अधिक तेजी से भी काम कर सकते है। इस फंक्शन का इश्तेमाल आप किसी फाइल्स या फ़ोल्डर्स को एक जगह से उठाकर उसे दूसरे जगह रख सकते है। जिसे टेक्निकली Move, Copy और Paste कहते है।
इस फंक्शन का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले आप किसी फाइल को सेलेक्ट कीजिए फिर Left Click Button को दबाते हुए उसे दूसरे जगह छोड़ दीजिए, तब आपका जाएगा। Mouse सारे फंक्शन के अलावा एक लास्ट फंक्शन Scrolling भी होता है, जिसे निचे बताया।   

  1. Scrolling: इस फंक्शन का इश्तेमाल करने के लिए Mouse एक Scroll Wheel (स्क्रॉल व्हील) लगा होता है, जो  छोटे से पहिये के तरह होता है। जिसकी मदद से हम किसी पेज को ऊपर निचे कर सकते है। इस क्रिया को हम Page Scrolling (स्क्रॉलिंग) कहते है। 

Scroll Wheel का दूसरा इस्तेमाल हम CAD Software में किसी ऑब्जेक्ट को Zoom In तथा Zoom Out करने के लिए किया जाता है। यँहा तक आपने Mouse के फंक्शन के बारे में जाना आइये अब हम Mouse में इश्तेमाल होने वाले डिफरेंट प्रकार के Interface या Cable के बारे में जानते है। 


Mouse Interface या Cable के प्रकार

जैसे-जैसे नई-नई टेक्नोलॉजी का विकाश होता गया, वैसे-वैसे Mouse Interface में बदलाव आता रहा। वायरलेस टेक्नोलॉजी के खोज के बाद तो मानो कंप्यूटर के दुनिया में एक क्रांति आ गयी। अलग-अलग प्रकार के वायरलेस Mouse का निर्माण करना संभव हुआ। उस दौर में यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। 

निचे आप Mouse Interface या Cable के प्रकार के बारे में जानेंगे। 

  1. Serial Connection Mouse: यह वायर्ड यानी तार वाला Mouse है। Mouse इंटरफ़ेस की दुनिया यह सबसे पुराना इंटरफ़ेस है। इसे cold-pluggable के नाम से भी जानते है। इसका इस्तेमाल अब बिलकुल बंद हो गया है। 

पुराने समय के कंप्यूटर में इस प्रकार के Mouse को कंप्यूटर के साथ जोड़ने के लिए कंप्यूटर में खाश प्रकार का सीरियल पोर्ट दिया रहता था। मतलब इसमें DE-9F D-subminiature Connector दिया रहता था,   

  1. PS2 Cable: यह वायर्ड Mouse है। यह Serial Connection Mouse का अपडेटेड वर्शन है। यँहा PS2 का पूरा नाम  Personal System/2 होता है। PS/2 connector (Mini-DIN) Circular होती है जिसमे कनेक्शन के लिए 6 pins होते हैं, इसका Design दूसरे Mouse से अलग होता है। और इसी के कारण  इसको कंप्यूटर से जोड़ना थोड़ा मुश्किल होता है। PS/2 Mouse Cold-pluggable होते हैं। 
  2. USB Cable: यह केबल अभी के समय में यह बहुत लोकप्रिय है। यह वायर्ड प्रकार का Mouse केबल होता है, जो लगभग सभी कंप्यूटर यूजर के पास होता है। तथा यह सस्ता भी होता है। 

USB का पूरा नाम Universal Serial Bus होता है। इस प्रकार का Interface, Laptop या कंप्यूटर के फ्री USB Port में सीधे कनेक्ट होते है। USB Port के भी अलग अलग वर्शन होते है। जैसे: USB 2.0, USB3.0 आदि। इस प्रकार के केबल में सिर्फ 4 Wires दिए रहते है, जिसमे से दो पावर के लिए होते है तथा दो डाटा को रीड और Write करने के लिए होते है। 

  1. Bluetooth/ Wi-Fi: इस प्रकार का इंटरफ़ेस वाले Mouse को वायरलेस Mouse कहते है। उदहारण के लिए निचे इमेज में दिखाया गया Flipkart Smart Buy का M7012 एक वायरलेस Mouse है। 

जिसमे डाटा सिग्नल को ट्रांसमिट करने के लिए एक छोटा सा ट्रांसमीटर लगा होत है जिसे USB 2.4  GHz  रिसीवर के दुवारा रिसीव किया जाता है। 

सभी वायरलेस इंटरफ़ेस वाले Mouse को पावर देने के लिए Small Battery Cell लगे रहते है। जो AA या AAA टाइप के होते ही। इस प्रकार के Mouse अधिक महंगे होते है तथा इनमे बैटरी बदलने का भी खर्चा अलग से लगाना होता है। Bluetooth/ WiFI Mouse का इस्तेमाल ज्यादातर प्रोफेशनल लोगों दुवारा किया जाता है। 


Touchpad और Mouse में क्या अंतर है?

वे सभी काम जो हम Mouse से करते है एक Touchpad से भी कर सकते है। Touchpad और Mouse में कोई खाश अंतर नहीं है। बनावट और ह्यूमन कम्फर्ट के अनुसार इनमें अंतर किया जा सकता है। Touchpad का प्रयोग लैपटॉप में किया जाता है  तथा Mouse का प्रयोग कंप्यूटर और लैपटॉप दोनों में किया जाता है। 

Mouse के इश्तेमाल से हम Complex कार्य को आसानी से कर सकते है। जैसे: की किसी CAD Designing सॉफ्टवेयर में किसी ऑब्जेक्ट को बार-बार ज़ूम आउट और ज़ूम इन करना पड़ता है, इसके अलावा उसे रोटेट तथा बड़ा छोट भी करना होता है तो यह काम Touchpad से नहीं किया जा सकता है। 

Mouse का इश्तेमाल करके कंप्यूटर को ऑपरेट करना किसी के लिए भी आसान होता है। यह आराम दायक होता है। लेकिन लैपटॉप में Default Touchpad का इश्तेमाल करके चलना मुश्किल होता है। 


Mouse बनाने वाली टॉप 10 कंपनीयो के नाम 

  1. DELL
  2. Logitech
  3. HP
  4. Apple
  5. Lenovo
  6. Quantum
  7. iball
  8. Zebronics
  9. QHMPL
  10. Portronics

Mouse से सम्बंधित आपके सवालों के जवाब

1. Mouse का अविष्कार कब हुवा और किसने किया था?

सन 1964 में स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक शोधकर्ता डगलस एंगेलबर्ट ने पहली बार Mouse का खोज किया। उसके बाद से  कम्प्यूटर को चलाना बेहद आसान हो गया।

2. Mouse को और किस नाम से जानते है। 

Mouse को Pointer के नाम से भी जानते है। चूँकि Mouse का काम किसी भी एलिमेंट पर पॉइंट करना होता है इस वजह से इसका यह नाम पड़ा है। 

3. Laptop के Touchpad को और किस नाम से जानते हैं?

Laptop के Touchpad को Trackpad, या Glide Pad के नाम से भी जानते है। 

4. Wireless Mouse का अविष्कार किसने और कब किया?

Wireless Mouse का अविष्कार 1991 में Logitech Company ने किया था। 

5. Touchpad और Mouse में क्या अंतर है?

Touchpad का प्रयोग लैपटॉप में किया जाता है  तथा Mouse का प्रयोग कंप्यूटर और लैपटॉप दोनों में किया जाता है। Mouse के इश्तेमाल से हम Complex कार्य को आसानी से कर सकते है। जबकि टचपेड से नहीं कर सकते है, यह Mouse का अलटरनेट ऑप्शन है। 

6. Mouse में Left Button और Right Button का क्या काम है। 

Mouse में Left Button का काम स्क्रीन पर किसी एलिमेंट्स या आइटम्स को सेलेक्ट करने, क्लिक करने, खोलने के लिए किया जाता है। और Right Button का इश्तेमाल किसी खाश एलिमेंट्स के सम्बन्ध में और अधिक जानकारी जिसे ऑप्शन कहते है को जानने के लिए किया जाता है। 

7. MOUSE का पूरा नाम क्या है?

Mouse का पूरा नाम Manually Operated Utility For Selecting Equipment होता है।

8. Mouse में Scroll Wheel का क्या काम है?

Mouse में Scroll Wheel का मुख्या कार्य पेजेज। तथा फाइल्स को ऊपर निचे करना इसके अलावा किसी-किसी सॉफ्टवेयर में ज़ूम इन और ज़ूम आउट के लिए भी किया जाता है।

निष्कर्ष

आज आपने इस आर्टिकल  की Mouse क्या होता है? Mouse का अविष्कार किसने किया? और कैसे हुआ था। आपने फिर Mouse कितने प्रकार के होते है? इसके बारे में जाना जैसे: 1. Mechanical Mouse क्या होता है? 2. Optical Mouse (प्रकाशीय माउस) क्या होता है? 3. Corded Mouse क्या होता है? 4. Cordless/Wireless Mouse क्या होता है? 5. Stylus Mouse या Optical Pen Mouse क्या होता है? इत्यादि। 

फिर आपने Mouse के भाग (Parts of Mouse)  में जाना जैसे: Left Click Button, Right Click Button, Scroll Wheel इत्यादि। फिर आपने Mouse Function यानी माउस से हम क्या-क्या कर सकते है इसके बारे में जाना। फिर आपने Mouse Interface यानि Cable के प्रकार के बारे में जाना जैसे: PS2, USB, WiFi इत्यादि। 

इसके साथ-साथ आपने Touchpad और Mouse में क्या अंतर है? इसके बारे में भी जाना और अंत में आपने Mouse बनाने वाली टॉप 10 कमापनियों के नाम को जाना। उम्मीद है की Mouse के बारे में यह आर्टिकल आपको बहुत इन्फोर्मटिव लगी होगी। किसी भी प्रकार के सुझाव और शिकायत के लिए निचे कमेंट करें हम आपका रिप्लाई जरूर देंगे।

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मुझे टेक्नोलॉजी के बारे में पढ़ना और लिखना बहुत अच्छा लगता है। इंटरनेट टेक्नोलॉजी के बारे में लोगों के साथ जानकारी शेयर करके मुझे खुशी महसूस होती है। इसके अलावा फोटोग्राफी करना मेरी हॉबी है। मैंने एक इंजीनियर के रूप में शिक्षा ली है और पेशे से अब मैं एक पार्ट-टाइम Professional Blogger हूँ।

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