💻🤔प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है? प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कितने प्रकार के होते हैं?

Programming Language एक प्रकार की भाषा जिसने Computer की दुनिया को बदल कर रख दिया। आज हम Computer को इतना आसानी से चलाते है, यह सिर्फ Programming भाषा के बदौलत मुमकिन हो पाया है। Programming Language आपको हरेक प्रकार के सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन बनाने का आजादी देता है। 

आप Programming भाषा के मदद से वीडियो गेम से लेकर, मोबाइल और डेस्कटॉप  एप्लीकेशन भी बना सकते है। आप अपने घर के लाइट बल्ब, पंखे को कण्ट्रोल करने के लिए मोबाइल एप्प भी बना सकते है। 

क्या आपको पता है, पहली उच्च-स्तरीय Programming भाषा Plankalkul थी, जिसे 1942 और 1945 के बीच Konrad Zuse के द्वारा बनाया गया था। आइये Programming Language क्या है? इसके बारे में विस्तार से जानते है। 

Programming Language क्या है?

Programming Language सिम्पली एक मशीनी भाषा होती है, जिसके मदद से Programmer, Computer के साथ कम्युनिकेट करते है। Programming Language के मदद से Computer हमारे दुवारा दिए गए निर्देश को समझता है, और फिर उसके अनुसार कार्य भी करता है। 

परिभाषा: Programming Language , खाश कीवर्ड्स, सिंबल, तथा कमांड से निर्मित वैसे इंस्ट्रक्शन होते है, जो किसी खाश भाषा में लिखे जाते है, और जिसे कप्यूटर आसानी से समझता है। “Hello World” प्रिंट करने के लिए C++ भाषा में लिखे गए इंस्ट्रक्शन इसका एक बेस्ट उदहारण है। 

यह किसी स्पेसिफिक भाषा में जैसे: (Python, C, C++, C#, Ruby, JAVA etc.) में लिखे गए खाश इंस्ट्रक्शन होते है, जो Computer दुवारा किसी खाश कार्य को पूरा करने के लिए बने होते है। 

एक Programming भाषा का अधिकतर उपयोग, डेस्कटॉप एप्लिकेशन, वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा इसका इस्तेमाल, डाटा साइंस, गेम डेवेलोपमेंट, एनीमेशन, आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस और रिसर्च के क्षेत्र में भी किया जाता है। 


Programming भाषा से आप क्या समझते है?

Programming भाषा Computer का एक कॉमन भाषा होता है, जो Computer और मानव दोनों को आपस में कम्यूनिकेट यानी संपर्क स्थापित कराता है। 

इस कार्य को करने के लिए Programming Language में भाषा अनुवादक जिसे हम कम्पाइलर भी कहते है लगा होता है। कम्पाइलर मानव भाषा को मशीनी भाषा में और पुन्नः मशीनी भाषा को मानव भाषा में कन्वर्ट करता है। 

जैसे की ऊपर आप जान चुके है: लॉजिकल ऑपरेटर, सिंबल, तथा खाश कीबोर्ड को एक रुलानुशार लिखे गए सेंटेंस या स्टेटमेंट को Program कहते है। तो जो सॉफ्टवेयर इस कार्य को करता है, उसे Programming सॉफ्टवेयर तथा इस शैली में कार्य करने को Programming Language कहते है। 

इसके अलावा जो व्यक्ति इस कार्य को करता है, उसे Programर कहते है तथा इस कला या कार्य या स्किल को Programming कहते है। उम्मीद है की आप समझ गए होंगे। 

Programming Language इन हिंदी

Programming Language को हिंदी में कूट भाषा या Programming भाषा कहते है। Programming शब्द Program शब्द से बना है। यह उसका Gerund or Present participle है। 


Programming Language के प्रकार

Programming Language मुख्य तीन प्रकार  है। 1. Machine Language इसे हम Low Level Language भी कहते है। 2. Assembly Language इसे भी हम Low Level Language कहते है। 3. High Level Language इसे हम मानव भाषा या मानव स्तरीय लैंग्वेज भी कहते है, क्यूंकि इस भाषा को मानव आसानी से समझता है। 

level of programming language

आइये निचे हम इनके बारे में विस्तार से समझते है। 

1. Machine Language या Low-Level Language

इस प्रकार के भाषा Computer Hardware के बहुत नजदीक होते है। यह बाइनरी यानि की 0 तथा 1 के फॉर्म में होते है। इसलिए इसे मशीन लैंग्वेज कहते है। और चूँकि यह सबसे निचले लेवल में होते है, इसे इसे Low-Level Language भी कहते है। निचे फोटो में देखे। 

Low-Level Language का सबसे अच्छा उदाहरण है, बाइनरी कोड या Numbers में लिखे गए Programस। चूँकि इस प्रकार के कोड को Computer अच्छे से समझ सकता है, परन्तु मानव दुवारा यह बहुत कठिन होता है। 

इसलिए इसका इस्तेमाल मुख्या रूप से असेंबली लेवल लैंग्वेज को बनाने में किया जाता है। असेंबली लेवल लैंग्वेज के बारे आप निचे जानेंगे। 

मशीन लैंग्वेज को कन्वर्ट करने की जरूरत नहीं होती है, यह Computer दुवारा आसानी से समझ लिया जाता है। 

2. Assembly Language

इसे हम Low Level Language भी कह सकते है। यह Numbers, Symbols और Hexadecimal System में लिखे रहते है। 

इस प्रकार की भाषा को मशीन भाषा में कन्वर्ट करने के लिए Assembler का इस्तेमाल किया जाता है। तथा फिर से मशीन भाषा को असेंबली भाषा में कन्वर्ट करने के लिए Dissembler का इस्तेमाल किया जाता है। 

असेंबली लेवल लैंग्वेज का इस्तेमाल कम्पाइलर या ट्रांसलेटर को बनाने में किया जाता है। जो मशीन लैंग्वेज को मानव स्तरीय भाषा में कन्वर्ट करते है। 

वैसे तो कई प्रकार के Assembly Languages है पर उनमे से वर्तमान में ARM, MIPS, and x86 सबसे लोकप्रिय लैंग्वेज है। 

इस प्रकार के लैंग्वेज में Program्मर दुवारा इंस्ट्रक्शन को लिखना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए इंस्ट्रक्शन को शार्ट में लिखने के लिए Mnemonic Technique का इस्तेमाल किया जाता है। उदहारण के लिए, Move: Mov. 

निचे उदहारण के लिए x86 Assembly Language का इस्तेमाल करके Hello Word प्रिंट करने का कोड दिया गया है। 

adosseg
.model small
.stack 100h
.data
hello_message db 'Hello, World!',0dh,0ah,'$'
.code
main  proc
      mov    ax,@data
      mov    ds,ax
      mov    ah,9
      mov    dx,offset hello_message
      int    21h
      mov    ax,4C00h
      int    21h
main  endp
end   main.

3. High Level Language

इस प्रकार के भाषा मानव के समझने योग्य होते है। उदाहरण के लिए, Python, C++, JAVA etc. इसलिए आजकल High Level Language का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। 

जिनमें से Python, Java, JavaScript, PHP, C#, C++, Objective C, Cobol, Perl, Ruby, R, Pascal सबसे लोकप्रिय उच्च-स्तरीय भाषा है। 

इसके इस्तेमाल से यूजर फ्रेंडली डेस्कटॉप और मोबाइल एप्लीकेशन को बनाया जाता है। खूबसूरत ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस (GUI) वाले एप्लीकेशन में High Level Language का ही इस्तेमाल किया जाता है। 

High Level Language में कम्पाइलर और इंटरप्रेटर लगे रहते है। जो की एक लैंग्वेज को दूसरे लैंग्वेज में ट्रांसलेट करते है। यानि की मशीन लैंग्वेज को ह्यूमन लैंग्वेज और इसके उल्टा भी। 

कम्पाइलर (Compiler) High Level Language में लिखे गए सभी कोड्स को एक बार में पहले Compile करता है, और यदि सभी कोड्स सही होते है, तो उसका आउटपुट स्क्रीन पर प्रिंट करता है। जबकि 

Interpreter लाइन बाय लाइन कोड को स्कैन करता है, और सही कोड पाए जाने पर उसका आउटपुट प्रदान करता है, इससे दूसरे लाइन के कोड में ग़लतियों से छुटकारा मिलता है। 

High Level Language  का सबसे बड़ा एडवांटेज यह है की यह पढ़ने और लिखने में बहुत आसान होता है। आपको इंग्लिश कीवर्ड्स और फंक्शन को ध्यान में रखने की जरूरत होती है, जिनमें से बहुत कॉमन भी होते है। जैसे: Print, If, else, Scan, Read, Loop etc.


High Level Language कितने प्रकार के होते हैं? 

High Level Language को पुनः तीन प्रकार में बाँटा गया है। 1. Procedural Oriented Programming Language (POPL) 2. Object-Oriented Programming Language (OOPL) तथा 3. Natural Language (NL) इसके बारे निचे डिटेल से बताया गया है। 

  1. Procedural Oriented Programming Language

इस प्रकार के भाषा को Structured Programming से Derived किया गया है तथा यह प्रोसीजर पर आधारित होते है, जिसे फंक्शन कहते है। 

यह एक Program को छोटी-छोटी प्रक्रियाओं में विभाजित करता है जिन्हें रूटीन या फंक्शन कहते हैं।

POP भाषा का लाभ यह है कि यह Programmer दुवारा Program फ्लो को आसानी से ट्रैक करने में मदद करता है।

तथा पहले से लिखे गए Program के विभिन्न हिस्से को पुन: उपयोग किया जा सकता है।

उदारण के लिए:  C, FORTRAN, Basic, Pascal, etc. POP भाषा है। 

  1. Object-Oriented Programming Language

जैसे की इसके नाम से लग रहा है, यह ऑब्जेक्ट Orientation के कांसेप्ट पर आधारित है।  इस प्रकार के लैंग्वेज में Program्स छोटे- छोटे भाग में विभाजित रहते है, जिनमें एक भाग को ऑब्जेक्ट कहते है। 

सरल भाषा में आप किसी पर्टिकुलर कार्य को करने के लिए किसी एक सॉफ्टवेयर में Program लिखते है, तो आप इस Program का एक ऑब्जेक्ट बना सकते है, तथा इसी ऑब्जेक्ट को दूसरे सॉफ्टवेयर में इस्तेमाल कर सकते है। 

इससे फ़ायदाः यह होता है की अब आपको उसी Program को दूसरे Program के साथ Inherit कर सकते है जिससे दुबारा लिखने की जरूरत नहीं पड़ती है। और आपका समय की बचत होने के साथ Program छोटा और सरल भी होता है। 

उदारण के लिए: C++, Java, Python, C#, etc

  1. Natural Language

जैसे की आप जानते है की नेचुरल लैंग्वेज ह्यूमन लैंग्वेज का ही एक भाग है, जैसे: English, Russian, German, and Japanese तो इसी लैंग्वेज को मशीन के दुवारा, समझने, Interprete करने, Manipulate करने इत्यादि के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 

इसका उपयोग डेवलपर्स द्वारा Translation यानि अनुवाद, Automatic Summarization, Named Entity Recognition (NER) जैसे कार्यों को करने के लिए किया जाता है। 


High-level language 10 examples

निचे आपको टॉप 10 High-level Language in 2022 यानि उच्च-स्तरीय भाषा के बारे में बताया गया है। तथा “Hello World” लिखने के लिए सरल कोड भी दिया गया है। जिससे आप उदहारण के साथ और बेहतर समझ सकते है। 

  1. Python

यह एक ओपन सोर्स यानि की फ्री Programming Language है, जिसे 1990 के दशक में विकसित किया गया। यह पूरे वर्ल्ड में उच्च स्तर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसका यूजर इंटरफ़ेस तथा कोड बहुत ही सरल होता है। 

Python logo

इसमें C, C# जैसे Programming Language के तुलना में एक्स्ट्रा सिंटेक्स या हैडर फाइल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। 

यदि आपको स्क्रीन पर “Hello World” लिखना है, तो आपको सिम्पली Print(”Hello World”) लिखना होता है। यह इतना सरल होने कारण ही सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। इसका इस्तेमाल: गेम डेवेलोपमेंट, एनीमेशन, वेबसाइट या वेब अप्प डेवेलोपमेंट और ऑटोमेशन इत्यादि में किया जाता है। 

इसके अलावा इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल Machine Learning, Artificial Learning तथा डाटा साइंटिस्ट दुवारा रिसर्च के फील्ड में भी किया जाता है। Python में Interpreter का इस्तेमाल किया जाता है।  जोकि लाइन बाय लाइन कोड को स्कैन कर आउटपुट प्रदान करता है। अभी Python 3 सबसे लेटेस्ट वर्शन है। 

<!-- wp:paragraph -->
<p>print("Hello World")</p>
<!-- /wp:paragraph -->

Output

Hello World

 2. Javascript

इसे 1990 के दशक में Netscape Navigator वेब ब्राउज़र के लिए विकसित किया गया था। यह  एक प्रकार का स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है। यह सर्वर साइड और क्लाइंट साइड एप्लीकेशन दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 

javascript logo

यह Programmers को डायनामिक वेबसाइट, सर्वर, मोबाइल एप्लिकेशन, एनिमेटेड ग्राफिक्स, गेम्स और बहुत कुछ बनाने में मदद करता है।

JAVA और Javascript दोनों अलग-अलग Programming Language है। आपको इनके नाम और कोड में समानता देखकर कन्फूशन हो सकता है। 

<!-- wp:paragraph -->
<p>// comment the hello world program</p>
<!-- /wp:paragraph -->

Output

Hello World

3. Go

Go Programming भाषा Google के दुवारा 2007 में APIs और Web Applications के लिए डेवेलोप किया गया था। Go भाषा को Golang के नाम से भी जाना जाता है। Go or Golang एक Open-Source Programming Language है। 

Go को अपनी Programming भाषा के रूप में उपयोग करने वाली कंपनियों में Google,Uber,Twitch, Dropbox, इत्यादि शामिल हैं। यहाँ तक की Go अपनी Agility और Performance के कारण डेटा वैज्ञानिकों के बीच भी लोकप्रियता हासिल कर रहा है।

// First Go program
package main

import "fmt"

// Main function
func main() {

	fmt.Println("!... Hello World ...!")
}

Output

!... Hello World ...!

4. Java

यह एक High-level Programming Language है, जिसे Sun Microsystems के दुवारा 1995 में डेवेलोप किया गया था। यह सबसे पॉपुलर Programming भाषा है। अभी के समय में Java, Oracle Corporation के दुवारा चलाया जाता है। 

यानि की यह एक ओपन सोर्स लैंग्वेज नहीं है। यह General-purpose Programming Language है जो की Object-oriented Structure पर आधारित है। 

इस Programming Language के इस्तेमाल से बनाये गए एप्लीकेशन को Android, Windows, MAC किसी भी प्लेटफार्म पर रन करा सकते है। क्यूंकि यह WORA यानि की (Write Once, Run Anywhere) की कपाबिलिटी प्रदान करता है। और इसी कारण से यह बहुत लोकप्रिय है। 

इसका कोड लिखना मुश्किल होता है, फिर भी इसका डिमांड बहुत अधिक है। एक आनुभविक जावा डेवलपर लगभग $109,225 प्रति वर्ष कमाते है। 

// Your First Program

class HelloWorld {
    public static void main(String[] args) {
        System.out.println("Hello, World!"); 
    }
}

Output

Hello, World!

5. C#

इसे C शार्प पढ़ा जाता है। यह एक मॉडर्न जेनेरल परपज़ और Object-Oriented Programming Language है। जो वेब एप्लीकेशन के लिए XML के साथ-साथ  .Net Framework का भी इस्तेमाल करता है। 

इसे वेब एप्लीकेशन की प्रोडक्टिविटी को और अधिक करने के लिए डेवेलोप किया गया है। यदि आप पहले से C, C++, JAVA के बारे में जानते है, तो आपके लिए इसे सीखना आसान है। 

// Hello World! program
namespace HelloWorld
{
    class Hello {         
        static void Main(string[] args)
        {
            System.Console.WriteLine("Hello World!");
        }
    }
}

Output

Hello World!

 6. R

इसे 1993 में Ross Ihaka और Robert Gentleman के दुवारा डेवेलोप किया गया। वर्तमान समय में, R Programming Language popular programming languages में से एक है। 

इसका इस्तेमाल Data Analytics, Scientific Research, Machine Learning Algorithms, और Statistical Computing इत्यादि क्षेत्र में किया जाता है। यह Marketers और डेटा वैज्ञानिकों को आसानी से डेटा का विश्लेषण प्रस्तुत करने और (Visualize) ग्राफ देखने में मदद करता है।

print("HelloWorld")

Output

HelloWorld

7. Kotlin

Kotlin एक General-purpose Programming Language है, जिसे मूलरूप से Project Kotlin के रूप मे JetBrains के दुवारा 2011 में लांच किया गया।  इसका प्रथम Version ऑफिशियली 2016 में रिलीज़ किया गया था।

यह Java के साथ interoperable तथा फंक्शनल Programming Language है। 

Kotlin अधिकतर Android Apps, Web Application, तथा Desktop Application के लिए इस्तेमाल किया जाता है। Kotlin डेवेलपर्स प्रति वर्ष औसतन $136,000 कमाते है। 

// Hello World Program
fun main(args : Array<String>) {
 println("Hello, World!")
}

Output

Hello, World!

8. PHP

इसका पूरा नाम Hypertext Preprocessor होता है। यह एक ओपन सोर्स सर्वर साइड स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है। यह Rasmus Laird के दुवारा 1994 में डेवेलोप किया गया है। 

हम PHP कोड के अंदर ही HTML, CSS, और JavaScript Codes को लिख सकते है। तथा उस फाइल को सेव करने के लिए .php extension का इस्तेमाल किया जाता है।

<!DOCTYPE html>
<html>
<body>
<h1>My first PHP page</h1>
<?php
echo "Hello World!";
?>
</body>
</html>

Output

My first PHP page
Hello World!

9.Ruby: Ruby एक Open-source, General-purpose, और Pure Object-oriented Programming language है जोकि 1990s में Developed किया गया तथा 1993 में रिलीज़ किया गया। 

rubylogo

यह बहुत सरल Programming भाषा है। यह बिगिनर्स के लिए सीखना एक बेस्ट ऑप्शन है। इसका इस्तेमाल Front-end और Back-end Web Development में किया जाता है। इसे मुख्य रूप से CGI (Common Gateway Interface) Scripts लिखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 

puts "Hello World"

Output

Hello World

10. C and C++

ये Programming Language सबसे पुराने और उस दौर में सबसे पॉपुलर थे। तथा C Programming Language एक मूल भाषा है, जँहा सभी अन्य Programming भाषाओं का जन्म हुवा है। उदहारण के लिए: C#, Java, और JavaScript इत्यादि। 

C++, C का ही अपडेटेड वर्शन है। अभी भी दोनों भाषाओं का उपयोग उच्च-स्टर पर Computer साइंस और Programming के लिए किया जाता है।

#include <stdio.h>
int main() {
   // printf() displays the string inside quotation
   printf("Hello, World!");
   return 0;
}

Output

Hello, World!


High Level Language और Low Level Language में क्या अंतर है?

S.NHigh Level LanguageLow Level Language
1.यह Programmer (मानव) फ्रेंडली भाषा है।जबकि यह मशीन फ्रेंडली भाषा है।
2.इसे समझना आसान है।इसे समझना कठिन है।
3.इसे अनुवादक या ट्रांसलेटर (Compiler) की आवश्यकता पड़ता है।जबकि इसे अनुवाद के लिए (Assembler) की आवश्यकता पड़ता है।
4.इसका इस्तेमाल डेस्कटॉप या मोबाइल एप्प बनाने के लिए किया जाता है। जबकि इसका इस्तेमाल कम्पाइलर या दूसरा Programming Language बनाने के लिए किया जाता है। 
5.इसे मेन्टेन करना और डिबग करना आसान है। इसे मेन्टेन करना और डिबग करना मुश्किल है। 
6.यह पोर्टेबल होता है। यह पोर्टेबल नहीं होता है। 
7. इसका एक्सेक्यूटेशन धीमा होता है। जबकि इसका एक्सेक्यूटेशन तेज होता है।

Program और Programming में क्या अंतर है?

Program और Programming में शब्दों का अंतर है। यँहा  Program का मतलब है की किसी कार्य को पूरा करने के लिए सेट ऑफ़ कमांड्स या सेट ऑफ़ रूल्स जो किसी विशेष भाषा में लिखे रहते है। 

तथा जिसे एक्सेक्यूट यानी रन करने पर Computer उसे समझता है और आपको उसका उत्तर भी देता है। 

जबकि Programming, Program का ही एडजेक्टिव रूप है। जो किसी कार्य के होने या किसी कला या स्किल के बारे पता होने के बारे में बताता है। उदहारण के लिए: 

निचे दिया गया कोड एक Program है। 

Print “Hello World”

और किसी के दुवारा इस कोड को लिखने की स्किल को Programming कहते कहते है। 


Programming भाषा के गुण

निचे आपको Programming भाषा के गुण के बारे में बताया गया है। 

  1. Simplicity: Programming भाषा सिंपल और Easy to Understand होना चाहिए। उसमे डे तो डे वर्ड का अधिकतर इस्तेमाल होना चाहिए, ताकि याद रखना आसान हो। 

2. Portability of Programs: Program में पोर्टेबिलिटी का फीचर होना चाहिए। पोर्टेबिलिटी  है की एक Program को एक से अधिक Computer में अलग-अलग जगह पर चलाया जा सके। 

3. Readability: Program पढ़ने और समझने योग्य होना चाहिए। 

4. Efficiency: Programming भाषा एफ्फिसिएंट होना चाहिए। मतलब की इसे एक्सेक्यूट करने में कम समय लगना चाहिए। 

5. Flexibility: Program फ्लेक्सिबल होना चाहिए मतलब की एक Programींग भाषा से बना सॉफ्टवेयर मोबाइल, और Computer दोनों रन होना चाहिए। 

6. Maintainability: प्रोगरामिंग भाषा में Program को डिबग यानि एरर को फिक्स करने उसे पहचाने का गुण होना चाहिए। Program के अलग-अलग वर्शन को मेन्टेन करने का भी गुण होना चाहिए।  

7. Accuracy: गणितीय गणना वाला Program का का परिणाम सही आना चाहिए। यानि की एक्यूरेसी उच्च होना चाहिए। 

8. Structure: Programming भाषा में लिखे जाने वाले कोड एक स्ट्रक्चर्ड फॉर्मेट के रूप में होने चाहिए। जिससे की Program के अलग-अलग भाग को आसानी से समझ सकते है। 

9. Clarity: Programming भाषा में लिखे गए कोड साफ़-सुथरा होना चाहिए। सही पढ़ने योग्य फॉण्ट स्टाइल और फॉण्ट साइज का इस्तेमाल होना चाहिए। 


Programming Language कैसे सीखे?

वैसे तो आप Programming Language को कई माध्यम से सिख सकते है। जैसे की किताब, यूट्यूब वीडियो, ब्लाग्स या आर्टिकल लिखकर इत्यादि। आप कुल मिलाकर Programming Language दो तरीके से सिख सकते है। 

1. पहला तरीका Online घर बैठे:

वैसे तो स्मार्ट फोन सभी के पास रहता है या फिर यदि आपके पास लैपटॉप है, तो और बेहतर है। 

आपके पास ऑनलाइन Programming भाषा सिखने के कई सारे ऑप्शंस है। आप इंटरनेट पर मौजूदा ट्रस्टेड और क्रेडिबल वेबसाइट के आर्टिकल्स को पढ़कर सिख सकते है। आपके पास ऑनलाइन ही Program को Compile यानी ट्रांसलेट करने का ऑप्शन भी मिल जाता है। जैसे: W3SchoolProgramiz etc.

और यदि आपको आर्टिकल पढ़ना अच्छा नहीं लगता है या फिर समझ में नहीं आता है, तो आप फ्री यूट्यूब वीडियो को भी देख सकते है। और यदि आप सर्टिफिकेशन कोर्स या डीप में Programming भाषा सीखना चाहता है, तो Udemy, Coursera etc. के यँहा से कोर्स कर सकते है। 

2. दूसरा तरीका: Offline 

यदि आप ऑनलाइन Programming भाषा सिखने में सक्षम नहीं है, तो आप ऑफलाइन यानी किसी इंस्टीटुए से जाकर भी सिख सकते है। आप सर्टिफिएशन कोर्स भी कर सकते है। या फिर आप ऑफलाइन किताब परचेस करके भी सिख सकते है। 


उच्च स्तरीय Programming भाषा क्या है?

उच्च स्तरीय Programming भाषा Computer का एक Programming भाषा होता है। जोकि मानव के समझने योग्य होता है। हम यानि मानव इंग्लिश भाषा में दिए गए कुछ कीवर्डस को आसानी से समझ लेते है। लेकिन Computer इस भाषा को नहीं समझता है। तो इस कार्य को करने के लिए एक थर्ड पार्टी ट्रांसलेटर का जरूरत पड़ता है। 

ऊसे Compiler कहते है। Compiler उच्च-स्तरीय Programming भाषा को निम्न-स्तरीय Programming भाषा में बदलता है। निम्न-स्तरीय Programming भाषा को मशीनी भाषा भी कहते है। मशीनी भाषा (0, 1) को कम्प्यूटर आसानी से समझता है। क्यूंकि यह मशीन यानी Computer के बहुत नजदीक होता है।

उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा का यूजर इंटरफ़ेस बहुत खूबसूरत है। तथा इसमें सभी कोड्स एक स्तस्ट्रक्चर्ड फॉर्मेट में होते है। इसे सीखना आसान  भी होता है।  इसकी मदद से हम किसी भी प्रकार का डेस्कटॉप और लैपटॉप सॉफ्टवेयर को डेवेलप कर सकते है, तथा उसके वर्शन, रिलीज़ को मैनेज कर सकते है। 

Programming Language से सम्बंधित आपके सवालों के जवाब

1. Programming Language में Variables तथा Constant के बारे में समझाएं

Programming Language में Variables यूजर दुवारा डिफाइन किया गया एक पैरामीटर होता है। जबकि Constant किसी वेरिएबल का वैल्यू होता है, या फिर वैसा वेरिएबल जिसका मान नहीं बदलता अर्थात एक फिक्स वैल्यू देता हो। 

2. कृपया Programming Language में Operators के बारे में समझाएं

Operators का प्रयोग Computer Program में डाटा पर कुछ ऑपरेशन परफॉर्म करने के लिए किया जाता है। उदहारण: ++, <=, – etc.

3. Programming Language में Keywords क्या होते है?

Programming Language में Keywords पहले डिफाइन किया हुवा वैसे वर्ड्स होते है, जो किसी खाश टास्क को कम्पलीट करने के लिए बनाये रहते है। उदहारण के लिए: Add: दो नंबर को जोड़ने के लिए। Sqrt: वर्गमूल निकालने के लिए। 

4. Programming भाषा के 5 गुण बताएं।

1. Simplicity
2. Portability 
3. Readability
4. Accuracy
5. Flexibility

5. Program और Programming में क्या अंतर है?

यँहा Program का मतलब है की किसी कार्य को पूरा करने के लिए सेट ऑफ़ रूल्स जो किसी विशेष भाषा में लिखे रहते है। जबकि Programming, Program का Gerund or Present Participle फॉर्म है। जो किसी कार्य के होने का बोध कराता है।

6. टॉप 10 High-level Language के बारे में बतायें।

निचे आपको टॉप 10 High-level Language यानि के बारे में बताया गया है।
1. Python
2. Javascript
3. Go
4. Java
5. C#
6. R
7. Kotlin
8. PHP
9. Ruby
10. C and C++

7. High Level Language और Low Level Language में क्या अंतर है?

यह ह्यूमन फ्रेंडली भाषा है तथा इसे सीखना आसान होता है। Python, Ruby इसका सबसे अच्छा उदहारण है। जबकि Low Level Language मशीन फ्रेंडली भाषा है तथा इसको सीखना मुश्किल होता है। Assembly Language और Machine Language इसका सबसे अच्छा उदहारण है।

निष्कर्ष: 

इस आर्टिकल में आपने Programming Language के बारे में जानकारी हासिल किया। आपको Programming Language इन हिंदी, Programming भाषा से आप क्या समझते है? तथा Programming Language के प्रकार के बारे में बताया गया। 

आपने High Level Language और Low Level Language में क्या अंतर है? इसके बारे में जाना जैसे: High Level Language ह्यूमन फ्रेंडली भाषा है तथा इसे सीखना आसान होता है। जबकि Low Level Language मशीन फ्रेंडली भाषा है तथा इसको सीखना मुश्किल होता है, Assembly Language और Machine Language इसका सबसे अच्छा उदहारण है। 

फिर आपने Program और Programming में क्या अंतर है? और साथ ही Programming भाषा के गुण के बारे में जाना। इसके अलावा आपने Programming Language सीखने के लिए दो तरीके के बारे में जाना पहला: ऑनलाइन और दूसरा ऑफलाइन तथा अंत में आपने उच्च स्तरीय Programming भाषा क्या है इसके बारे में आसानी से समझा। 

उम्मीद है की Programming Language के बारे में यह आर्टिकल आपको बहुत इन्फोर्मटिव लगी होगी। किसी भी प्रकार के सुझाव और शिकायत के लिए निचे कमेंट करें हम आपका रिप्लाई जरूर देंगे। 

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मुझे टेक्नोलॉजी के बारे में पढ़ना और लिखना बहुत अच्छा लगता है। इंटरनेट टेक्नोलॉजी के बारे में लोगों के साथ जानकारी शेयर करके मुझे खुशी महसूस होती है। इसके अलावा फोटोग्राफी करना मेरी हॉबी है। मैंने एक इंजीनियर के रूप में शिक्षा ली है और पेशे से अब मैं एक पार्ट-टाइम Professional Blogger हूँ।

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