🤔Ethernet क्या है; कितने प्रकार का होता है; कैसे काम करता है (सम्पूर्ण जानकारी)

वर्तमान समय में हम सभी Internet परिसेवा के साथ बहुत अच्छे तरीके से परिचित है। आज Internet के ज़माने में हम ज़्यादातर महत्वपूर्ण कार्य को इंटरनेट परिसेवा के सहायता से ही सफलतापूर्वक संपन्न कर पाते है। Internet एक नेटवर्क है यह तो आप सभी अच्छे से जानते है, और, उसी संबंध में LAN के बारे में भी आप ज़रूर जानते होंगे। 

Ethernet kya hai

LAN यानि Local Area Network, यह नेटवर्क लोकल एरिया यानि बहुत कम डिस्टेंस जैसे बिल्डिंग, घर, छोटे इलाकों के कंप्यूटर और अन्य डिवाइस के साथ जुड़ा रहेता है। LAN नेटवर्क से संबंधित एक टेक्नोलॉजी है Ethernet। ज़्यादातर लोगों को इथरनेट के बारे में सम्पूर्ण जानकारी नहीं होती है।

शायद आपको भी इस विषय में जानकारी नहीं है और आप इथरनेट के विषय में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते है। इसीलिए इस पोस्ट पर हमने Ethernet क्या है; कितने प्रकार के होते है; कैसे काम करता है; इथरनेट के विषय में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान किया है, जो आप सभी के लिए बहुत उपयोगी होने वाला है।

Ethernet क्या है

Ethernet LAN protocol के अन्तर्गत एक टेक्नोलॉजी है जो, TCP/IP Stalk का data link layer से संबंधित है। इथरनेट के जरिए कम दूरी में स्थित नेटवर्किंग डिवाइस, कंप्यूटर को एक साथ कनेक्ट किया जा सकता है। 

इथरनेट, टेक्नोलॉजी में स्थित सभी कंप्यूटर के बीच डाटा ट्रांसफर करने में सहायता करता है। अब Ethernet Kya Hai को यदि हम सरल भाषा में वर्णन करे तो यह “Ethernet एक प्रोटोकॉल है” जिसका मतलब है कि यह टेक्नोलॉजी इथरनेट की काम को व्यक्त करता है। इथरनेट का काम है सही तरीके से डाटा को शेयर करना। 

और, डाटा शेयर करते वक़्त इथरनेट केबल में यदि कोई रुकावट आए तब दूसरे कंप्यूटर में उसका सिग्नल सेंड करना। अब इस विषय को हम थोड़ा आसान उदाहरण के जरिए आपको समझाते है ताकि आपको समझने में आसानी हो। 

आप यहां उदाहरण के तौर पर एक कंप्यूटर लैब को ही मान लीजिए। लैब में सभी कंप्यूटर आपस में एक दूसरे के साथ एक इथरनेट केबल के माध्यम से कनेक्टेड रहेता है, जहां इथरनेट प्रोटोकॉल के जरिए एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में तथ्य प्रेरित होता है। इथरनेट में डाटा packet और frame के यूनिट में प्रेरित होता है।


इथरनेट का संक्षिप्त इतिहास

सबसे पहले Xerox कंपनी के शोधकर्ताओं ने इथरनेट टेक्नोलॉजी के विषय में रिसर्च शुरू किया था। फिर, सन 1976 में Polo Alto Research Centre (PARC) ने इथरनेट आर्किटेक्चर को तैयार किया। यह ही पहेला ऐसा नेटवर्क हे जो CSMA/CD टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है। 

यह नेटवर्क अब तक के सबसे ज़्यादा सुरक्षित, तेज़, और भरोसेमंद नेटवर्क हे। शुरुवाती दौर में इथरनेट का गति 10 Mbps था। फिर, इस टेक्नोलॉजी में काफी सारा बदलाव किया गया जिस कारण इथरनेट की गति 100 MBPS हो गया। 

ऐसे ही बदलते समय के साथ साथ धीरे धीरे इस टेक्नोलॉजी में बहुत सारा सुधार लाया गया और वर्तमान में इसका speed 10 Gigabit तक है, जो कि सबसे तेज़ गति संपन्न है। Ethernet का इस्तेमाल school, college, और office में किया जाता है।


Ethernet कितने प्रकार के होते है

अब तक इस पोस्ट के माध्यम से आप इथरनेट के बिशय में थोड़ा बहुत जानकारी प्राप्त कर पाए है परन्तु, यदि बात करें Ethernet कितने प्रकार के होते के विषय में तो बता दें इथरनेट निम्लिखित प्रकार के होते है- 

  1. Fast Ethernet

Fast Ethernet network ट्विस्टेड पेयर केबल और फाइबर ऑप्टिक केबल के सहायता से चलता है। इसे IEEE Standard 802.3 के नाम से भी जाना जाता है। इस इथरनेट का गति 100 MBPS तक होता है। परन्तु, इस इथरनेट की तेजी को और भी बढ़ाने के लिए new version IEEE Standard 802.3U का आविष्कार किया गया। फास्ट इथरनेट के जरिए हम इंटरनेट सर्फिंग, video, graphics आदि कर सकते है।

  1. Gigabit Ethernet

Gigabit ethernet technology ट्विस्टेड पेयर केबल और फाइबर ऑप्टिक केबल के सहायता से गठित टेक्नोलॉजी है। यह बहुत तेज़ गति संपन्न टेक्नोलॉजी है। इसका गति 1000 MBps है जिस कारण यह सबसे ज़्यादा उपयोग होने वाला इथरनेट है। इसे 1000BASE-T technology कहा जाता है। Gigabit Ethernet को ट्विस्टेड पेयर केबल की CAT 5E cable सपोर्ट करता है। इसके जरिए मल्टीमीडिया का इस्तेमाल किया जा सकता है।

  1. 10 Gigabit Ethernet

10 Gigabit Ethernet, फाइबर ऑप्टिक केबल के सहायता से चलता है। यह 10 GBPS से लेकर 10,  000 MBPS तक की गति में तथ्य प्रेरण करता है। कार्य करने की इतनी speed के कारण यह इथरनेट टेक्नोलॉजी अब तक की सबसे ज़्यादा तेज़ इथरनेट है। 10 Gigabit Ethernet, 10000 मीटर तक की area को कवर कर सकता है।  

Ethernet Cable के प्रकार

Ethernet के प्रकार के बारे में तो आप जरूर जान गए है अब सवाल आता है Ethernet Cable कितने प्रकार के होते है तव बता दें कि इथरनेट केबल मुख्य रूप से तीनों प्रकार का होता है। जैसे- 

  1. Twisted Pair Cable

i) Shielded Twisted Pair

ii) Unshielded Twisted Pair 

  1. Coaxial Cable

i) Thick Net

ii) Thin Net

  1. Fibre Optic Cable

i) Single Mode Fibre

ii) Multi Mode Fibre

उपर में बताए गए सारे प्रक्रियाओं के बारे मे हमने नीचे विस्तार से वर्णन किया है।

1. Twisted Pair Cable(ट्विस्टेड पेयर केबल)

ट्विस्टेड पेयर केबल में दोनों केबल आपस में जुड़ा हुआ रहेता है। यहां सभी केबल metal का होता है और इसका थिकनेस लगभग 1 मिलीमीटर तक होता है। ट्विस्टेड पेयर केबल में केबल प्लास्टिक लेयर द्वारा ढका रहेता है। 

twisted pair cable

इस केबल में दोनों तार जुड़े रहेने के कारण बाहर का कोई सिग्नल अर्थात, crosstalk को रोका जा सकता है, जिस कारण इस प्रकार के केबल के माध्यम से सिग्नल प्रेरण करने में समस्याएं दिखाई देती है। यह केबल दोनों प्रकार का होता है। जैसे- 

i) Shielded Twisted Pair(शील्डेड ट्विस्टेड पेयर)

इस तरह के केबल में विद्युत चुम्बकीय प्रभाव को रोकने के लिए ये केबल एक विशेष लेयर द्वारा घिरा हुआ रहेता है, जिसे shield बोलते है। यह लेयर केबल का quality बरकरार रखता है और साथ ही बाहर के सिग्नल को केबल के अंदर आने से रोकता है। 

ii) Unshielded Twisted Pair (आनशील्डेड ट्विस्टेड पेयर)

इस तरह के केबल में किसी भी तरह का लेयर नहीं रहेता है, जिस कारण यह केबल बहुत सस्ता होता है। और, इसका structure भी बहुत पतला होता है। इस  तरह के केबल मुख्य रूप से LAN और टेलीफोन लाइन में ही इस्तेमाल किया जाता है।

ट्विस्टेड पेयर केबल के कुछ फायदे व नुकसान- 

फायदे

  1. इस केबल में दोनों तार साथ में जुड़े रहेने के कारण यहां बाहर का कोई गैर शब्द आसानी प्रवेश नहीं कर सकता और, इसी कारण इस केबल के द्वारा तथ्य प्रेरण करने में कोई भी समस्या नहीं होती है।
  1. Twisted pair cable बहुत सस्ता होता है। डिजिटल और एनालॉग दोनों प्रकार का तथ्य प्रेरण करने में ही यह सक्षम है।

नुकसान

  1. इस केबल का परिधि सिर्फ एक निर्धारित एरिया यानि 5-6 km तक ही सीमित रहेता है।
  1. यहां सिग्नल को और भी तेज़ करने के लिए repeater का  इस्तेमाल किया जाता है।

2. Coaxial Cable (कोएक्सियल केबल)

Coaxial cable कुछ लेयर के समूह के द्वारा गठित होता है। इसके एकदम केंद्र में एक inflexible metal wire रहेता है, जिसके जरिए electronic signal प्रेरित होता है। 

cpaxial cable

इस मेटल वायर के उपर के हिस्से में एक गैर प्रबाहकिय परत रहेता है और, उस परत के उपर एक अल्यूमीनियम या तांबा का एक पतला नेट का लेयर मौजूद रहेता है, सिर्फ यही नहीं इस नेट के उपर भी एक प्लास्टिक का परत स्थित रहेता है जो इस केबल को सुरक्षा प्रदान करता है। Coaxial cable में डाटा एक्सचेंज रेट बहुत ज़्यादा यानि लगभग 10 MBPS तक होता है।

i) Thin net

इस तरह के coaxial cable बहुत विश्वशनीय होता है। Thinnet coaxial cable आकार में छोटा होता है। इस cable को कनेक्ट करने के लिए BNC connector का इस्तेमाल किया जाता है। 

ii) Thick net

इस तरह के coaxial cable केबल thin net के तुलना में कम विश्वशनीय होता है। Thick net में shielding यानी परत ज़्यादा होने के कारण यह केबल आकार में थोड़ा मोटा भी होता है। थिक नेट को लंबी दूरी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसे कनेक्ट करने के लिए vampire tap का प्रयोग किया जाता है।

Coaxial cable के कुछ फायदे व नुकसान- 

फायदे

  1. यह केबल TV और इथरनेट के क्षेत्र में बहुत उपयोगी है।
  1. कुछ लेयर के समूह से गठित होने के कारण इस केबल का गठन बहुत ही मजबूत होता है। इसके जरिए प्रेरित सिग्नल को बाहर का कोई शब्द आसानी से बाधित नहीं कर सकता। 

नुकसान

  1. Coaxial cable में प्रेरित सिग्नल को और भी तेज़ करने के लिए कुछ ही दूर बाद बाद Repeater का ज़रूरत होता है।
  1. यह केबल ट्विस्टेड पैर केबल की तरह नम्य नहीं होता है।

3) Fibre Optic Cable (फाइबर ऑप्टिक केबल)

डाटा प्रेरण करने के सबसे लोकप्रिय केबल है फाइबर ऑप्टिक केबल। यहां प्रबाहकिय के रूप में एक प्रकार का रेशा का इस्तेमाल किया जाता है। और, इन सारे रेशाओं के समूह से फाइबर ऑप्टिक केबल तैयार होता है।

fiber optic cable

इसके उपर प्लास्टिक का एक लेयर रहेता है जिसे cladding कहेते है। इस केबल के जरिए विद्युत संकेत के जगह प्रकाश संकेत प्रेरण किया जाता है। फाइबर ऑप्टिक केबल में डाटा एक्सचेंज की गति 100 Mbps से 2 Gbps या उस से भी ज़्यादा हो सकता है। 

i) Single Mode Fibre

इस तरह का फाइबर केबल बहुत ज़्यादा दूरी यानि लगभग 40 km तक की दूरी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह काफी एक्सपेंसिव केबल है।

ii) Multi Mode Fibre

इस तरह के केबल कम दूरी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यहां प्रकाश स्त्रोत के रूप में LED का प्रयोग किया जाता है, जिस कारण एक से अधिक wave प्रेरण किया जा सकता है। Cable TV में इस केबल का उपयोग किया जाता है। 

Fibre Optic Cable का कुछ फायदा व नुकसान- 

फायदे

  1. Fibre optic cable LAN, MAN, WAN आदि सब क्षेत्र में ही इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा भी टेलीविजन नेटवर्क में इसका उपयोग किया जाता है।
  1. यह केबल बहुत हल्का, नम्य होता है जिस कारण इसे किसी भी क्षेत्र में आसानी से install किया जा सकता है।

नुकसान

  1. फाइबर ऑप्टिक केबल सस्ता सिशा के रेशा द्वारा गठित होता है जिस कारण यहां दोनों केबल को जोड़ना बहुत कठिन कार्य है।
  1. यह केबल सिशा और प्लास्टिक द्वारा गठित होने के कारण बहुत नम्य होता है आसानी से टूट जाने का संभावना रहेता है।

Ethernet में इस्तेमाल होने वाले Component

Ethernet technology में कुछ कंपोनेंट का इस्तेमाल होता है। और, उन सारे component के बारे में हमने नीचे बताया है। जैसे

  1. Ethernet Cable

Ethernet का एक मुख्य कंपोनेंट है Ethernet cable। इस केबल के जरिए एक कंप्यूटर के साथ दूसरे कंप्यूटर या फिर उससे अधिक कंप्यूटर को जोड़ा जाता है। यह केबल कंप्यूटर के बीच तथ्य शेयर करने में सहायता करता है। LAN नेटवर्क में इथरनेट केबल का उपयोग किया जाता है। Coaxial cable, twisted pair cable, Fibre Optic Cable आदि ऐसे ही इथरनेट केबल का उदाहरण है।

  1. Ethernet Hub

Ethernet Hub एक सेंट्रल डिवाइस है। इस डिवाइस के साथ सभी कंप्यूटर केबल के माध्यम से आपस में जुड़ा रहेता है। Hub में बहुत संख्यक port रहेता है। Port का संख्या 4,8,16 व 24 तक हो सकता है। Hub में जितना पोर्ट रहेता है उतना संख्यक कंप्यूटर ही Hub के साथ जोड़ा जा सकता है।

  1. Router
router

जब एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में तथ्य प्रेरण किया जाता है तब प्रेरक कंप्यूटर ग्राहक का खोज करता है। और, यदि प्रेरक और ग्राहक दोनों एक ही नेटवर्क में स्थित होते है तब यह डाटा किसी अन्य नेटवर्क में प्रेरित होने का संभावना नहीं रहेता है। इथरनेट में इस कंपोनेंट का इस्तेमाल होता है। और, इस कंपोनेंट के विषय में पूरा जानकारी प्राप्त करने के लिए Router को पूरा पढ़े। 

  1. Crossover Cable

इथरनेट में इस्तेमाल होने वाला और एक कंपोनेंट है क्रॉसओवर केबल। इस केबल को ethernet cable के बदले में इस्तेमाल किया जाता है। Crossover cable के जरिए भी सभी कंप्यूटर को साथ मे जोड़ा जा सकता है।


Ethernet का उपयोग

Ethernet बहुत उपयोगि नेटवर्क है। इथरनेट इंटरनेट की तरह ही एक नेटवर्क है, जिसके माध्यम से एक कंप्यूटर के साथ दूसरे कंप्यूटर या फिर एक से अधिक कंप्यूटर को साथ में जोड़ा जा सकता है। Ethernet की सहायता से इंटरनेट कनेक्शन को ऑन करके आसानी से एक से अधिक कंप्यूटर में डाटा ट्रांसफर किया जा सकता है, इस के लिए किसी भी external device की जरूरत नहीं होती है।

यहां एक बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि इथरनेट की सहायता से बिना Broadband Connection के इंटरनेट नहीं चलाया जा सकता है। यदि यूजर चाहे तो एक कंप्यूटर से दूसरे या फिर एक से अधिक कंप्यूटर में इंटरनेट कनेक्शन के बिना ही डाटा ट्रांसफर कर सकते है, क्यों की कंप्यूटर में जो इंटरनेट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है वह इथरनेट नेटवर्क ही है।


इथरनेट कैसे काम करता है

Ethernet एक LAN टेक्नोलॉजी है। Ethernet का मुख्य कार्य है data transfer करना। इथरनेट प्रौद्योगिकी में डाटा को packet और frame की इकाई में निर्धारित किया जाता है। यहां CSMA/CD प्रक्रिया का इस्तेमाल करके तथ्य प्रेरण किया जाता है। CSMA/CD प्रक्रिया में इथरनेट एक से अधिक कंप्यूटर को Carrier Sense करने के बाद Collision Detection करता है इसीलिए इस प्रक्रिया को Carrier Sense Multiple Access with Collision Detection अर्थात, CSMA/CD बोलते है।

Carrier Sense शब्द का मतलब है बाहक का भावना, और Collision Detection शब्द का मतलब है संघर्ष को शनाक्त करना अर्थात, गलतियों का पता करना। जब सभी कंप्यूटर साथ में तथ्य प्रेरण करता है तब उन सभी तथ्य के बीच संघर्ष होने का संभावना रहता है। इसीलिए यदि कोई भी कंप्यूटर डाटा प्रेरण करना चाहता है, तब उस कंप्यूटर NIU का ग्राहक नेटवर्क के BUS (इथरनेट में BUS टोपोलोजी का इस्तेमाल किया जाता है) को चैक करता है, कि पहले से ही BUS में कोई अन्य सिग्नल स्थित है या नहीं इसे Collision Detection कहेते है।

और, यदि इस समय बस में कोई अन्य सिग्नल की उपस्थिति रहेता है तब, इथरनेट अपने नेटवर्क के सभी कंप्यूटर को तथ्य प्रेरण करने से मना कर देता है, इस सम्पूर्ण प्रक्रिया को Carrier Sense कहेते है। अब इस प्रक्रिया को हम थोड़ा सहज तरीके से आपको समझाते है ताकि आपको समझने में आसानी हो। CSMA/CD प्रक्रिया के सहायता से जब इथरनेट नेटवर्क एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में packet यानी data प्रेरण करता है तब नेटवर्क main cable को चैक करता है कि केबल में पहले से ही कोई packet स्थित है या नहीं। 

यदि कोई डाटा केवल में स्थित रहेता है तब नेटवर्क collision detection के द्वारा उस संघर्ष को डिटेक्ट करके कलिजन का वार्ता अन्य device में प्रेरण करता है। और, यदि main cable में पहले से कोई भी तथ्य यानि पैकेट का उपस्थिति नहीं रहेता है तब नेटवर्क आसानी से डाटा को प्रेरण कर सकता है। इस वक्त main cable यदि किसी कारणवश ब्यस्त रहेता है तब तार का फ्री होने तक कंप्यूटर इंतेजार करता है। केबल फ्री हो जाने से कंप्यूटर आसानी से ही तथ्य को प्रेरण करता है।

ध्यान दें “सभी computer जिस मुख्य तार के जरिए एक दूसरे के साथ जुड़ा रहेता है उसे ही Main cable बोलते है।”


Ethernet का फायदे व नुकसान

Ethernet टेक्नोलॉजी के उपयोग, कार्य इन सब विषय में जानकारी प्राप्त करने के बाद, अब ज़रूर आपके मन में यह सवाल आया होगा कि Ethernet का फायदे व नुकसान क्या क्या है। तब बता दें कि इथरनेट का बहुत सारे फायदा व नुकसान है। जिसके बारे में हमने नीचे बताया है।

फायदे

  1. Ethernet बहुत सहज और सरल टेक्नोलॉजी है। इथरनेट में इस्तेमाल होने वाला CSMA/CD टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा सुविधा है कि यह आसानी से हार्डवेयर को इंप्लीमेंट कर सकता है।
  1. इथरनेट का गठन सरल होने के कारण इसका एक्सपेंस बहुत कम है अर्थात, इथरनेट बहूत सस्ता होता है।
  1. इथरनेट नेटवर्क को maintain करना बहुत आसान है, क्यों की यहां Switch जैसे अतिरिक्त पार्ट्स का इस्तेमाल नहीं होता है।
  1. Ethernet में coaxial cable का इस्तेमाल किया जाता है, यह केबल एल्युमिनियम नेट के द्वारा सुरक्षित रहती है। इसी कारण इथरनेट विद्युत चुम्बकीय प्रभाव से भी मुक्त रहेता है।
  1. इथरनेट का speed बहुत ज़्यादा होता है, इसका गति लगभग 10 GBps है।
  1. इथरनेट में इस्तेमाल होने वाला प्रत्येक device ही समान महत्वपूर्ण है क्यों कि, यह client server बास्तुकला का पालन नहीं करता है। 
  1. इथरनेट high level security द्वारा सुरक्षित रहेता है। और, इसीलिए hackers आसानी से आपकी डाटा को हैक नहीं कर सकता है। इस कारण इथरनेट बहूत विश्वशनीय है।
  1. यदि ब्याबहारकारी यानि आप किसी ऐसे जगह पर रहेते है जहां wifi का सिग्नल बाधित होता है वहां इथरनेट नेटवर्क का ही प्रयोग किया जा सकता है।
  1. Ethernet में इस्तेमाल होने वाला केबल शब्द का सृष्टि नहीं करता, जिस कारण Ethernet में transferable data quality बहुत ही अच्छा होता है, जो इथरनेट का एक महत्वपूर्ण सुविधाओं में से एक है।
  1.  Large data file या फिर large size की किसी video डाउनलोड/अपलोड करने में सहायता करने वाला निर्धारित application को इस्तेमाल करने के लिए इथरनेट सबसे ज़्यादा उपयोगी नेटवर्क है।    

नुकसान

  1. तथ्य प्रेरण के समय जब कभी डाटा संघर्ष  होता है तब अधिकतर समय इथरनेट का नॉड नष्ट हो जाता है।
  1. इथरनेट के साथ जुड़ा हुआ कोई भी backbone यदि किसी कारणवश खराब हो जाए तब, सम्पूर्ण नेटवर्क सिस्टम ही बिकल हो जाता है, जो इथरनेट का सबसे बड़ा नुकसान है।
  1. नेटवर्क में अगर कहीं भी कोई त्रुटि हो तब उसे निर्धारण करके सही करना बहुत कठिन कार्य है।
  1. एक जगह पर इथरनेट को प्रतिस्थापन करने के बाद फिर से उसे पुनः प्रतिस्थापन करना बहूत कठिन कार्य है।
  1. Ethernet का सुबिधा सिर्फ कम दूरी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
  1. यहां packets का priority सेट नहीं किया जा सकता है। यहां packets को रिसीव करने के बाद, ग्राहक acknowledge message भी प्रेरण नहीं कर पाता है।
  1. Ethernet cable का नम्यता wifi के तुलना मे बहुत कम है। और, इस केबल का गतिशीलता भी सीमित होता है। 
  1. इथरनेट टेक्नोलॉजी गैर संबंधित सेवा प्रदान करता है।
  1. Ethernet स्मार्टफोन के लिए एप्लीकेबल नहीं है। और, साथ ही कुछ निर्धारित एप्लिकेशन अर्थात, जिन सारे एप्लिकेशन का traffic बहुत ज़्यादा है उन सारे एप्लिकेशन के लिए इथरनेट एप्लीकेबल नहीं है।
  1. Ethernet cable एक वायर के द्वारा घिरा हुआ रहेता है। ये वायर केबल को बाहर के damages से तो बचाता है, मगर दूसरी तरफ केबल के अन्दर के फंक्शन को नष्ट कर देता है।

Twisted pair और Fibre Optic Cable में अंतर

Twisted Pair CableFibre Optic Cable
ट्विस्टेड पेयर केबल बहुत भारी होता है।Fibre Optic Cable बहुत हल्का होता है।
यह केबल बहुत सस्ता होता है।यह केबल बहुत महंगा होता है।
इसका गति 4 से 16 MBPS तक है।इसका गति 2 GBPS है।

Twisted Pair Cable को कितने  Category में बांटा जाता है?

Twisted pair cable को 4 कैटेगरीज में बांटा जाता है। जैसे यहां प्रत्येक इंच में रहेने वाले twist के हिसाब से categorize किया गया है।

CategoryTwist per inch
CAT 3      3
CAT 5      5
CAT 5e      5+ pair
CAT 6      6

Internet और Ethernet मे क्या अंतर है?

InternetEthernet
Internet है Inter connected network यानि इसके जरिए सभी कंप्यूटर आपस में एक नेटवर्क के अन्तर्गत जुड़ा रहेता हैEthernet है एक सिस्टम जिसके जरिए सभी कंप्यूटर आपस   में फिजिकली एक ही नेटवर्क के अधीन जुड़ा रहेता है।
Internet का उदाहरण है WANEthernet का उदाहरण है LAN

सम्पूर्ण नाम

  • MAN- Metropolitan Area Network.
  • WAN- Wide Area Network.
  • TCP-  Transmission Control Protocol.
  • IP- Internet Protocol
  • IEEE-  Institute of Electrical and Electronics Engineers.
  • NIU-  Network Interface Unit.
  • BNC-  Bayonet Neill Cocelman.

FAQ (Ethernet से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न उत्तर) –

1. Baseband और Broadband network क्या है?

जिस नेटवर्क में केबल एक ही समय मे सिर्फ एक ही सिग्नल को प्रेरण कर पाता है, उसे बेस बैंड नेटवर्क कहते है।
जिस नेटवर्क में केबल एक ही समय में एक से अधिक सिग्नल को प्रेरण कर पाता है, उसे ब्रॉडबैंड नेटवर्क कहते है।

2. Protocol क्या है?

नेटवर्क सिस्टम में एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में एक निर्धारित नियम का पालन करके डाटा प्रेरण किया जाता है, जिसे Protocol कहेते है।

3. Packet क्या है?

नेटवर्क सिस्टम में सभी डाटा को छोटे छोटे पार्ट में बांटा जाता है। तथ्य के इन सारे पार्ट में ज़रूरी एड्रेस दिए रहेता है। डाटा के इन छोटे छोटे भाग को packet बोला जाता है।


सारांश

आज के इस पोस्ट पर हमने Ethernet के बारे में पूरे विस्तार में बताया है। हमें उम्मीद है आज के इस ब्लॉग पोस्ट को पढ़कर आपको जरूर Ethernet के बारे में सम्पूर्ण जानकरी प्राप्त हो गई होगी।

यदि इस पोस्ट को पढ़कर आपके मन में Ethernet से संबंधित कोई सवाल है, तो आप बेझिझक नीचे कमेंट बॉक्स पर कमेंट करके हमे पूछ सकते है। 

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